बिहार में 2030 तक सरकार का नेतृत्व नीतीश कुमार के दिशा-निर्देशों में होगा: संजय झा
सारांश
Key Takeaways
- बिहार में 2030 तक की सरकार नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में होगी।
- संजय झा ने पार्टी के कार्यों को आगे बढ़ाने की बात की।
- निशांत ने पार्टी के जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की।
- जदयू का भविष्य बिहार की जनता द्वारा निर्धारित किया जाता है।
- नीतीश कुमार की भूमिका में कोई परिवर्तन नहीं आया है।
पटना, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने शनिवार को स्पष्ट रूप से कहा कि बिहार में 2030 तक जो भी सरकार बनेगी, वह नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में ही संचालित होगी। वे न केवल पार्टी के कार्यों का ध्यान रखेंगे बल्कि जो सरकार स्थापित होगी, उसे भी मार्गदर्शन देंगे।
शनिवार को पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि निशांत रविवार से पार्टी के कार्यों को आरंभ करेंगे। पार्टी द्वारा उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, वे उसे निभाएंगे। इससे पहले, निशांत ने पार्टी के जिलाध्यक्षों के साथ एक बैठक की।
बैठक के पश्चात संजय झा ने बताया कि निशांत ने कहा कि जो भी लोगों ने मुझ पर भरोसा किया है, उसके अनुसार मैं आने वाले समय में पार्टी के कार्यों को संभालूंगा और जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, उसे निभाऊंगा।
जदयू के भविष्य को लेकर उन्होंने कहा, "जदयू का भविष्य बिहार की जनता द्वारा निर्धारित किया जाता है। बिहार की जनता ने 2025 के चुनाव में यह तय कर दिया। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चुनाव हुआ और सरकार कार्यरत है। यह सत्य है कि जो भी निर्णय नीतीश कुमार लेते हैं, उसके पहले वे सभी से चर्चा करते हैं और स्वयं निर्णय लेते हैं। उनके द्वारा किए गए निर्णयों में पार्टी के सभी लोग उनका समर्थन करते हैं। यह भी सच है कि बिहार के लोग मानते हैं कि जब तक नीतीश हैं, वे सुरक्षित हैं। स्वाभाविक है कि उनके इस निर्णय से बिहार के लोग प्रभावित हैं।"
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के कार्यों को आगे बढ़ाना पार्टी के सदस्यों के लिए चुनौती है। इस चुनाव में बिहार को 10 विकसित राज्यों में शामिल करने का जो वादा उन्होंने किया था, उसके लिए हम सब मिलकर प्रयास करेंगे।
जदयू के नेता ने कहा कि नीतीश कुमार के निर्णयों के साथ हम सभी लोग एकजुट हैं। बिहार और जदयू का भविष्य उज्ज्वल है। नीतीश कुमार की भूमिका केवल बदली है। राज्यसभा के सत्र के दौरान वे केवल दिल्ली में रहेंगे, जबकि शेष समय वे बिहार में रहकर अपने संकल्प को पूरा करेंगे। संसद का कार्य करते समय वे केवल दिल्ली में रहेंगे।
उन्होंने निशांत के बारे में कहा, "निशांत का पार्टी में क्या भूमिका होगी, यह पार्टी निर्धारित करेगी। नीतीश कुमार अपनी जिम्मेदारियों से अलग नहीं हुए हैं। उनकी केवल राज्यसभा जाने की इच्छा थी, वे गए हैं लेकिन उनकी प्रतिबद्धता अपरिवर्तित है।" उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार का काल बिहार के लिए स्वर्णिम काल था।