CWG 2026: सीमा पुंज ने डिस्कस थ्रो में जीता ब्रॉन्ज, निधि रानी 57.10 मीटर के साथ चौथे स्थान पर
सारांश
मुख्य बातें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 31 जुलाई को ग्लासगो के स्कॉटस्टाउन स्टेडियम में आयोजित विमेंस डिस्कस थ्रो फाइनल में भारत की सीमा कालीरमन ने 58.65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। वहीं, भारत की दूसरी प्रतिभागी निधि रानी 57.10 मीटर के साथ पदक से महज़ एक स्थान पीछे चौथे पायदान पर रहीं। इस पदक के साथ भारत ने इन खेलों में अपना 17वाँ मेडल जोड़ लिया।
फाइनल का पूरा घटनाक्रम
जमैका की सामंथा हॉल ने 61.66 मीटर के शानदार थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने दूसरे प्रयास में 59.27 मीटर, चौथे प्रयास में 60.95 मीटर और पाँचवें प्रयास में अपना सर्वश्रेष्ठ 61.66 मीटर थ्रो दर्ज किया। कनाडा की जूलिया टंक्स ने 60.67 मीटर के प्रयास से रजत पदक जीता — उन्होंने पहले प्रयास में 58.21 मीटर और दूसरे प्रयास में अपना सर्वश्रेष्ठ 60.67 मीटर दर्ज किया।
सीमा कालीरमन का प्रदर्शन
सीमा कालीरमन ने अपने तीसरे प्रयास में 58.65 मीटर की दूरी तय करते हुए पोडियम पर जगह पक्की की। इससे पहले उन्होंने दूसरे प्रयास में 57.32 मीटर का थ्रो किया था। यह प्रदर्शन उनकी तकनीकी परिपक्वता और दबाव में स्थिरता का प्रमाण है।
निधि रानी पदक से चूकीं
निधि रानी के सभी 6 प्रयास वैध रहे। उन्होंने क्रमशः 53.19 मीटर, 55.67 मीटर, 57.10 मीटर, 55.07 मीटर, 53.82 मीटर और 55.39 मीटर के थ्रो दर्ज किए। तीसरे प्रयास में उनका सर्वश्रेष्ठ 57.10 मीटर आया, जो ब्रॉन्ज पदक से केवल 1.55 मीटर पीछे रहा — एक बेहद करीबी मुकाबला जो पदक में नहीं बदल सका।
भारत की मेडल टैली
इस ब्रॉन्ज के साथ भारत के कुल 17 पदक हो गए हैं — 3 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य। पदक तालिका में भारत फिलहाल 10वें स्थान पर है। एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भारत को 2 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मिले हैं। वेटलिफ्टिंग में 1 गोल्ड, 6 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज, तथा पैरा पावरलिफ्टिंग में 1 ब्रॉन्ज भारत की झोली में आया है।
आगे की राह
सीमा कालीरमन का यह पदक भारतीय थ्रो इवेंट में बढ़ती गहराई को दर्शाता है। गौरतलब है कि निधि रानी का चौथा स्थान भी भविष्य में पदक की प्रबल संभावना का संकेत देता है। शेष प्रतिस्पर्धाओं में भारत अपनी पदक संख्या और बेहतर करने की स्थिति में है।