रामानुज गोस्वामी की हिरासत में मौत: परिवार ने शव लेने से किया इनकार, गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी में पत्नी रिया तालुकदार की निर्मम हत्या के आरोपी रामानुज गोस्वामी की सोमवार तड़के पुलिस हिरासत में मौत हो गई। उसके परिवार ने शव लेने से स्पष्ट इनकार कर दिया है और आरोप लगाया है कि गोस्वामी का 'फर्जी एनकाउंटर' किया गया। परिवार ने न्याय के लिए गुवाहाटी उच्च न्यायालय और आवश्यकता पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय तक जाने की बात कही है।
परिवार का आरोप: एनकाउंटर की गई हत्या
गोस्वामी के पिता तरुण गोस्वामी ने साफ कहा, 'हम उसका शव वापस नहीं लेने जा रहे हैं। मेरे बेटे का एनकाउंटर हुआ है। अब सब कुछ खत्म हो गया है।' उन्होंने परिवार की ओर से मीडिया और आम जनता से अपील की कि इस वक्त उनके घर न आएं, ताकि परिवार कानूनी तैयारी कर सके।
तरुण गोस्वामी ने कहा कि परिवार इस मामले को जनता के सामने रखेगा और गुवाहाटी उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करेगा। यदि वहाँ से राहत न मिली, तो सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया जाएगा।
पुलिस का पक्ष: गाड़ी से कूदने पर लगी चोटें
पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर 2026 की सुबह करीब 3 बजे गोस्वामी को ब्लड टेस्ट के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) ले जाया जा रहा था। हाटीगांव से कहिलिपारा होते हुए नरकासुर पहाड़ियों के पास उसने कस्टडी से भागने की कोशिश में पुलिस वाहन से छलांग लगा दी, जिससे उसे जानलेवा चोटें आईं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गोस्वामी को गोली नहीं मारी गई थी और उसकी मौत गिरने से लगी चोटों के कारण हुई। उसे तत्काल GMCH ले जाया गया, जहाँ उसे मृत अवस्था में लाया गया बताया गया।
अस्पताल के अधिकारियों का बयान
GMCH के सुपरिटेंडेंट डॉ. देबजीत चौधरी ने बताया कि सुबह 3:41 बजे पुलिस गोस्वामी को सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति के रूप में कैजुअल्टी वार्ड में लाई थी। उन्होंने कहा, 'उन्हें मृत अवस्था में लाया गया था। प्रोटोकॉल के अनुसार तुरंत ईसीजी सहित आवश्यक जाँचें की गईं।'
अस्पताल अधिकारियों ने यह भी कहा कि शुरुआती जाँच में गोस्वामी के शरीर पर गोली लगने का कोई निशान नहीं मिला, जो सोशल मीडिया पर फैले उन दावों के विपरीत है जिनमें पुलिस फायरिंग को मौत का कारण बताया गया था। डॉ. चौधरी ने बताया कि शव पर कई टैटू थे, हालाँकि उन पर लिखी बातें स्पष्ट नहीं थीं। शव को पोस्टमार्टम के लिए GMCH के मुर्दाघर में रखा गया है।
मूल हत्याकांड: क्या था मामला
रामानुज गोस्वामी को उसकी 25 वर्षीया पत्नी रिया तालुकदार की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रिया का शव इस महीने की शुरुआत में गुवाहाटी के बसिष्ठापुर इलाके स्थित उनके आवास से बरामद हुआ था।
पुलिस का आरोप था कि रिया की हत्या आपसी विवाद के बाद की गई और इसके बाद आरोपी ने उसका सिर धड़ से अलग कर फ्रिज में रख दिया। यह मामला तब सामने आया जब पड़ोसियों ने बंद अपार्टमेंट से बदबू आने की सूचना पुलिस को दी।
हिरासत के दौरान गोस्वामी ने कथित तौर पर परस्पर विरोधाभासी बयान दिए थे — एक बार कथित तौर पर कहा कि उसे 'कोई पछतावा नहीं, कोई माफी नहीं', और रिहाई पर किसी को मारने की धमकी भी दी थी। कुछ दिनों बाद उसने पछतावा जताते हुए कहा कि किसी को भी ऐसा नहीं करना चाहिए।
आगे क्या होगा
शव का विस्तृत पोस्टमार्टम होना बाकी है, जिसके नतीजे मौत के सटीक कारण को स्पष्ट करेंगे। परिवार के कानूनी कदम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलकर तय करेंगे कि पुलिस का बयान न्यायिक जाँच के दायरे में आता है या नहीं। पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के दिशानिर्देशों के तहत मजिस्ट्रेट जाँच अनिवार्य होती है।