14 सितंबर 2026
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रामानुज गोस्वामी की हिरासत में मौत: परिवार ने शव लेने से किया इनकार, गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने का ऐलान

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रामानुज गोस्वामी की हिरासत में मौत: परिवार ने शव लेने से किया इनकार, गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने का ऐलान

सारांश

पत्नी का सिर काटकर फ्रिज में रखने के आरोपी रामानुज गोस्वामी की पुलिस हिरासत में मौत ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। परिवार एनकाउंटर का आरोप लगा रहा है, अस्पताल कह रहा है गोली का कोई निशान नहीं, और पुलिस का दावा है कि आरोपी वाहन से कूदा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस पेचीदे मामले की असली परीक्षा होगी।

मुख्य बातें

पत्नी रिया तालुकदार हत्याकांड के आरोपी रामानुज गोस्वामी की 14 सितंबर 2026 की सुबह 3 बजे पुलिस हिरासत में मौत हुई।
पुलिस का दावा: नरकासुर पहाड़ियों के पास वाहन से कूदने से लगी चोटों के कारण मौत; गोली नहीं चलाई गई।
GMCH अधिकारियों ने पुष्टि की कि शव पर गोली लगने का कोई निशान नहीं मिला।
पिता तरुण गोस्वामी ने 'फर्जी एनकाउंटर' का आरोप लगाते हुए शव लेने से इनकार किया।
परिवार ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय और ज़रूरत पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय जाने का ऐलान किया।
मूल मामला: 25 वर्षीया रिया का शव बसिष्ठापुर स्थित घर से बरामद हुआ था; पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी बाकी।

गुवाहाटी में पत्नी रिया तालुकदार की निर्मम हत्या के आरोपी रामानुज गोस्वामी की सोमवार तड़के पुलिस हिरासत में मौत हो गई। उसके परिवार ने शव लेने से स्पष्ट इनकार कर दिया है और आरोप लगाया है कि गोस्वामी का 'फर्जी एनकाउंटर' किया गया। परिवार ने न्याय के लिए गुवाहाटी उच्च न्यायालय और आवश्यकता पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय तक जाने की बात कही है।

परिवार का आरोप: एनकाउंटर की गई हत्या

गोस्वामी के पिता तरुण गोस्वामी ने साफ कहा, 'हम उसका शव वापस नहीं लेने जा रहे हैं। मेरे बेटे का एनकाउंटर हुआ है। अब सब कुछ खत्म हो गया है।' उन्होंने परिवार की ओर से मीडिया और आम जनता से अपील की कि इस वक्त उनके घर न आएं, ताकि परिवार कानूनी तैयारी कर सके।

तरुण गोस्वामी ने कहा कि परिवार इस मामले को जनता के सामने रखेगा और गुवाहाटी उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करेगा। यदि वहाँ से राहत न मिली, तो सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया जाएगा।

पुलिस का पक्ष: गाड़ी से कूदने पर लगी चोटें

पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर 2026 की सुबह करीब 3 बजे गोस्वामी को ब्लड टेस्ट के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) ले जाया जा रहा था। हाटीगांव से कहिलिपारा होते हुए नरकासुर पहाड़ियों के पास उसने कस्टडी से भागने की कोशिश में पुलिस वाहन से छलांग लगा दी, जिससे उसे जानलेवा चोटें आईं।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गोस्वामी को गोली नहीं मारी गई थी और उसकी मौत गिरने से लगी चोटों के कारण हुई। उसे तत्काल GMCH ले जाया गया, जहाँ उसे मृत अवस्था में लाया गया बताया गया।

अस्पताल के अधिकारियों का बयान

GMCH के सुपरिटेंडेंट डॉ. देबजीत चौधरी ने बताया कि सुबह 3:41 बजे पुलिस गोस्वामी को सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति के रूप में कैजुअल्टी वार्ड में लाई थी। उन्होंने कहा, 'उन्हें मृत अवस्था में लाया गया था। प्रोटोकॉल के अनुसार तुरंत ईसीजी सहित आवश्यक जाँचें की गईं।'

अस्पताल अधिकारियों ने यह भी कहा कि शुरुआती जाँच में गोस्वामी के शरीर पर गोली लगने का कोई निशान नहीं मिला, जो सोशल मीडिया पर फैले उन दावों के विपरीत है जिनमें पुलिस फायरिंग को मौत का कारण बताया गया था। डॉ. चौधरी ने बताया कि शव पर कई टैटू थे, हालाँकि उन पर लिखी बातें स्पष्ट नहीं थीं। शव को पोस्टमार्टम के लिए GMCH के मुर्दाघर में रखा गया है।

मूल हत्याकांड: क्या था मामला

रामानुज गोस्वामी को उसकी 25 वर्षीया पत्नी रिया तालुकदार की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रिया का शव इस महीने की शुरुआत में गुवाहाटी के बसिष्ठापुर इलाके स्थित उनके आवास से बरामद हुआ था।

पुलिस का आरोप था कि रिया की हत्या आपसी विवाद के बाद की गई और इसके बाद आरोपी ने उसका सिर धड़ से अलग कर फ्रिज में रख दिया। यह मामला तब सामने आया जब पड़ोसियों ने बंद अपार्टमेंट से बदबू आने की सूचना पुलिस को दी।

हिरासत के दौरान गोस्वामी ने कथित तौर पर परस्पर विरोधाभासी बयान दिए थे — एक बार कथित तौर पर कहा कि उसे 'कोई पछतावा नहीं, कोई माफी नहीं', और रिहाई पर किसी को मारने की धमकी भी दी थी। कुछ दिनों बाद उसने पछतावा जताते हुए कहा कि किसी को भी ऐसा नहीं करना चाहिए।

आगे क्या होगा

शव का विस्तृत पोस्टमार्टम होना बाकी है, जिसके नतीजे मौत के सटीक कारण को स्पष्ट करेंगे। परिवार के कानूनी कदम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलकर तय करेंगे कि पुलिस का बयान न्यायिक जाँच के दायरे में आता है या नहीं। पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के दिशानिर्देशों के तहत मजिस्ट्रेट जाँच अनिवार्य होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह इस मामले को महज एक हत्याकांड से आगे ले जाती है — यह हिरासत में मौत की जवाबदेही का सवाल बन गई है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में पुलिस एनकाउंटर की विश्वसनीयता को लेकर न्यायिक और नागरिक समाज में बहस तेज़ है। GMCH का बयान कि शव पर गोली का निशान नहीं, पुलिस के पक्ष को बल देता है — लेकिन 'वाहन से कूदने' की परिस्थितियाँ और रात के 3 बजे का वक्त स्वतंत्र जाँच की माँग को जायज़ बनाते हैं। मजिस्ट्रेट जाँच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही तय करेंगे कि सच्चाई किसके पक्ष में है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामानुज गोस्वामी की मौत कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर 2026 की सुबह करीब 3 बजे ब्लड टेस्ट के लिए GMCH ले जाते समय गोस्वामी ने नरकासुर पहाड़ियों के पास पुलिस वाहन से छलांग लगा दी, जिससे उसे जानलेवा चोटें आईं। GMCH में उसे मृत अवस्था में लाया गया। परिवार इसे फर्जी एनकाउंटर बता रहा है।
परिवार ने शव लेने से इनकार क्यों किया?
गोस्वामी के पिता तरुण गोस्वामी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे का 'एनकाउंटर' किया गया है। उन्होंने कहा कि परिवार मामले को कानूनी तरीके से लड़ेगा और इसीलिए शव लेने से इनकार किया है। परिवार गुवाहाटी उच्च न्यायालय और आवश्यकता पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय जाने का इरादा रखता है।
GMCH ने गोस्वामी की मौत के बारे में क्या कहा?
GMCH के सुपरिटेंडेंट डॉ. देबजीत चौधरी ने बताया कि गोस्वामी को सुबह 3:41 बजे सड़क दुर्घटना पीड़ित के रूप में कैजुअल्टी वार्ड में लाया गया और वह मृत अवस्था में थे। अस्पताल ने पुष्टि की कि शुरुआती जाँच में शव पर गोली लगने का कोई निशान नहीं मिला। विस्तृत जानकारी पोस्टमार्टम के बाद उपलब्ध होगी।
रिया तालुकदार हत्याकांड क्या था?
25 वर्षीया रिया तालुकदार का शव सितंबर 2026 की शुरुआत में गुवाहाटी के बसिष्ठापुर इलाके स्थित उनके घर से बरामद हुआ था। पुलिस का आरोप था कि पति रामानुज गोस्वामी ने विवाद के बाद उसकी हत्या की और सिर धड़ से अलग कर फ्रिज में रख दिया। यह मामला पड़ोसियों की शिकायत पर सामने आया था।
इस मामले में आगे क्या होगा?
गोस्वामी का विस्तृत पोस्टमार्टम होना बाकी है, जो मौत के सटीक कारण को स्पष्ट करेगा। परिवार गुवाहाटी उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने की तैयारी में है। पुलिस हिरासत में मौत होने पर NHRC दिशानिर्देशों के तहत मजिस्ट्रेट जाँच भी अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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