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पूजा वस्त्राकर का खुलासा: 'हम अपना टैलेंट नहीं समझते, आरसीबी ने संकट में साथ दिया'

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पूजा वस्त्राकर का खुलासा: 'हम अपना टैलेंट नहीं समझते, आरसीबी ने संकट में साथ दिया'

सारांश

तीन सर्जरी, 9 महीने का एकाकी रिहैब और बॉलिंग स्पीड में उतार-चढ़ाव — फिर भी पूजा वस्त्राकर मैदान पर लौटीं। उनकी असली ताकत बनी आरसीबी का भरोसा और वह एक जुमला: 'तुम्हारी बैटिंग ही हमारे लिए काफी है।'

मुख्य बातें

पूजा वस्त्राकर फिलहाल WCPL में बारबाडोस ट्राइडेंट्स की तरफ से खेल रही हैं।
2024 विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के बाद सुप्रास्पिनैटस टेंडन की सर्जरी हुई; रिहैब लगभग 9 महीने चला।
यह उनकी तीसरी सर्जरी थी — इससे पहले 2017 और 2018 में दोनों घुटनों के ऑपरेशन हो चुके थे।
आरसीबी ने बॉलिंग स्पीड में उतार-चढ़ाव के दौरान पूरा साथ दिया; कप्तान स्मृति मंधाना का समर्थन अहम रहा।
पूजा ने बताया कि भारत में बायोमैकेनिकल बदलाव के प्रति जागरूकता की कमी खिलाड़ियों पर अनुचित दबाव डालती है।
सर्जरी के बावजूद उनका बॉलिंग एक्शन अपरिवर्तित है; केवल वॉर्म-अप का समय बढ़ा है।

भारतीय ऑलराउंडर पूजा वस्त्राकर इन दिनों विमेंस कैरेबियन प्रीमियर लीग (WCPL) में बारबाडोस ट्राइडेंट्स की तरफ से खेल रही हैं, लेकिन उनके लिए यह महज एक और फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट नहीं है। कंधे की गंभीर सर्जरी के बाद करीब 9 महीने के लंबे रिहैबिलिटेशन से गुजरते हुए उन्होंने खुद को, अपने शरीर को और खेल को नए सिरे से समझा है। अब वह उस सोच को मैदान पर उतारने की कोशिश में हैं।

चोटों का सफर: तीन सर्जरी, एक नया नजरिया

पूजा के लिए सर्जरी कोई नई बात नहीं है। 2017 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने से पहले ही उनके दाहिने घुटने के एसीएल का रीकन्स्ट्रक्शन हो चुका था, और 2018 में बाएं घुटने का दूसरा ऑपरेशन हुआ। लेकिन 2024 विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के बाद कंधे में सुप्रास्पिनैटस टेंडन के फटने की सर्जरी ने उनके नजरिए को सबसे गहरे स्तर पर बदला।

रिहैब के दौरान हैमस्ट्रिंग की चोट ने वापसी में और देरी कर दी। लेकिन फिटनेस सर्टिफिकेट मिलने के बाद उन्होंने वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के अंतिम चरण में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए मैदान में उतरीं, जहाँ टीम ने खिताब जीता। तब से वह हर उपलब्ध टूर्नामेंट में सक्रिय हैं।

रिहैब का अकेलापन और उससे मिली ताकत

पूजा ने भारत में WCPL के आधिकारिक प्रसारणकर्ता FanCode द्वारा आयोजित एक वर्चुअल बातचीत में कहा, 'सीओई, बेंगलुरु में रहने के दौरान आप काफी समय अकेले बिताते हैं। आप अपनी पुरानी जिंदगी में वापस नहीं जाना चाहते, क्योंकि क्रिकेट एक टीम स्पोर्ट है और हम हमेशा टीम के साथ ट्रेनिंग करते हैं, लेकिन जब आप रिहैब में जाते हैं, तो अकेलेपन का एहसास बहुत गहरा होता है और यह आपको अंदर से खाए जाता है। साथ ही, यह आपको बहुत कुछ सिखाता है और मजबूत बनाता है।'

उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने शरीर, ट्रेनिंग, फिजियोथेरेपी और लोड मैनेजमेंट के बारे में गहरी जानकारी हासिल की। आज हालत यह है कि उनकी टीम की कई खिलाड़ी चोट लगने पर अपने फिजियो से पहले पूजा को फोन करती हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए बताया, 'सीओई में फिजियो ने कहा था कि मुझे छोटी-मोटी चोटों का खुद इलाज करने की काफी जानकारी है।'

आरसीबी का साथ: 'एक समय लगा था कि मैं काफी नहीं हूं'

रिहैब के दौरान पूजा को करीबी दोस्त, परिवार, सीओई के ट्रेनर-फिजियो और आरसीबी मैनेजमेंट का भरपूर सहारा मिला। आरसीबी के कोच, ट्रेनर, फिजियो और कप्तान स्मृति मंधाना ने उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया।

पूजा ने बताया, 'एक समय ऐसा था जब मेरी बॉलिंग की रफ्तार कम-ज्यादा हो रही थी। आरसीबी ने मुझसे कहा कि मैं आ जाऊं, वे मेरा ध्यान रखेंगे और यह भी कहा कि मेरी बैटिंग ही उनके लिए काफी है। इससे बहुत मदद मिलती है क्योंकि एक समय मुझे लगा था कि मैं काफी नहीं हूं। जब आपमें बहुत टैलेंट होता है, तो उस समय हम उसे समझ नहीं पाते। जब कोई आपको बताता है कि आप यह कर सकती हैं, तो वह पल बहुत कुछ बदल देता है।'

बायोमैकेनिकल बदलाव और जागरूकता की कमी

पूजा ने एक महत्वपूर्ण बात की ओर ध्यान दिलाया — चोट के बाद शरीर की चाल-ढाल में आने वाले बायोमैकेनिकल बदलाव और भारत में इसके बारे में जागरूकता की कमी। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर पुरानी पूजा की तुलना मौजूदा पूजा से करते हैं, जो उचित नहीं है।

'अगर कोई खिलाड़ी बॉलिंग कर रही है, तो इसका मतलब है कि वह फिट है। जिंदगी भर शरीर की चाल-ढाल में बदलाव आते रहते हैं। खिलाड़ी कैसे खेलती है, यह उनकी प्रतिभा पर निर्भर करता है' — पूजा ने स्पष्ट किया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उच्च स्तर पर खेलने वाला कोई भी खिलाड़ी 100 प्रतिशत फिट नहीं होता।

बॉलिंग एक्शन अछूता, वॉर्म-अप लंबा हुआ

सर्जरी के बावजूद एक चीज जो पूजा की बिल्कुल नहीं बदली, वह है उनका बॉलिंग एक्शन। उन्होंने 'नजर न लगे' की भावना के साथ कहा कि उन्हें क्रीज पर खुद को दोबारा तैयार नहीं करना पड़ा — जो कई गेंदबाजों को करना पड़ता है।

बस एक बदलाव जरूर आया है: सेशन की शुरुआत में वॉर्म-अप पहले से ज्यादा लंबा चलता है, क्योंकि शरीर तुरंत लोड लेने के लिए तैयार नहीं होता। पूजा ने कहा, 'असल में, मैं भविष्य के बारे में नहीं सोचती। अगर उस समय शरीर साथ देता है और थोड़ा दर्द भी होता है, तो शरीर का तरीका ऐसा है कि वह उसे झेल लेता है।' आने वाले टूर्नामेंटों में उनकी यही मानसिकता उनकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह महिला क्रिकेट में खासतौर पर चिंताजनक है जहाँ मेडिकल और स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट अभी भी पुरुष क्रिकेट के मुकाबले सीमित है। आरसीबी के समर्थन की तारीफ स्वागतयोग्य है, लेकिन यह सवाल भी जरूरी है कि यह सहानुभूति सभी फ्रेंचाइजियों और राज्य संघों तक क्यों नहीं पहुँचती। जब एक अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को भरोसे के लिए फ्रेंचाइजी पर निर्भर रहना पड़े, तो बीसीसीआई के महिला क्रिकेट ढांचे को भी आत्ममंथन की जरूरत है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूजा वस्त्राकर को कौन-सी चोट लगी थी और उन्होंने कितने समय बाद वापसी की?
पूजा वस्त्राकर के कंधे में सुप्रास्पिनैटस टेंडन फट गया था, जिसके बाद सर्जरी हुई और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE), बेंगलुरु में रिहैब लगभग 9 महीने तक चला। इसके बाद हैमस्ट्रिंग की चोट ने वापसी में और देरी की, लेकिन फिटनेस सर्टिफिकेट मिलने पर उन्होंने WPL के अंतिम चरण में आरसीबी के लिए खेला।
आरसीबी ने पूजा वस्त्राकर की किस तरह मदद की?
आरसीबी ने पूजा को बॉलिंग स्पीड में उतार-चढ़ाव के दौरान भी टीम में बनाए रखा और कहा कि उनकी बैटिंग ही टीम के लिए पर्याप्त है। कप्तान स्मृति मंधाना सहित कोच, ट्रेनर और फिजियो ने उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया, जिससे पूजा का आत्मविश्वास बहाल हुआ।
पूजा वस्त्राकर कुल कितनी सर्जरी करा चुकी हैं?
पूजा वस्त्राकर अब तक तीन सर्जरी करा चुकी हैं। 2017 में दाहिने घुटने का ACL रीकन्स्ट्रक्शन, 2018 में बाएं घुटने की सर्जरी, और 2024 विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के बाद कंधे के सुप्रास्पिनैटस टेंडन की सर्जरी।
पूजा वस्त्राकर ने बायोमैकेनिकल बदलाव के बारे में क्या कहा?
पूजा ने बताया कि चोट के बाद शरीर की चाल-ढाल में स्थायी बदलाव आते हैं, जिसके बारे में भारत में पर्याप्त जागरूकता नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी मैदान पर खेल रही है और उसे फिटनेस सर्टिफिकेट मिला है, तो उसे चोटिल मानना गलत है — चाल-ढाल में बदलाव जीवनभर रह सकते हैं।
WCPL 2026 में पूजा वस्त्राकर किस टीम से खेल रही हैं?
पूजा वस्त्राकर विमेंस कैरेबियन प्रीमियर लीग (WCPL) 2026 में बारबाडोस ट्राइडेंट्स की तरफ से खेल रही हैं। इस टूर्नामेंट को भारत में FanCode पर प्रसारित किया जा रहा है।
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