पूजा वस्त्रकार का संदेश: वनडे की तरह टी20 विश्व कप 2026 भी जीते भारतीय महिला टीम
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट की अनुभवी ऑल-राउंडर पूजा वस्त्रकार ने टी20 विश्व कप 2026 के लिए भारतीय महिला टीम को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जिस तरह टीम ने वनडे विश्व कप जीता, उसी जज़्बे के साथ वह टी20 खिताब भी घर लाए। यह बात उन्होंने नई दिल्ली में एक खास बातचीत के दौरान कही। गौरतलब है कि 5 टेस्ट, 33 वनडे और 72 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकीं पूजा को इस बार टी20 विश्व कप 2026 की टीम में जगह नहीं मिली है।
विराट कोहली से मुलाकात और नर्वसनेस
पूजा ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में एयरपोर्ट पर विराट कोहली से अचानक सामना हुआ, लेकिन वह उनसे बात नहीं कर पाईं। उन्होंने कहा, 'मैं विराट से दक्षिण अफ्रीका में मिली थी, लेकिन मैंने उनसे बात नहीं की। हम एयरपोर्ट पर थे। मुझे लगा कि वह व्यस्त हैं। शायद मैं नर्वस थी, इसलिए मैंने उनसे बात नहीं की।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि बीसीसीआई सीओई (एनसीए) में सभी खिलाड़ियों और कोचों से मेलजोल होता है, जहाँ सीनियर खिलाड़ी छोटी-छोटी बातों में मदद करते हैं।
एमपीएल टी20 और महिला खिलाड़ियों के लिए मंच
फिलहाल मध्यप्रदेश प्रीमियर लीग टी20 (एमपीएल टी20) में चंबल घड़ियाल की कप्तानी कर रही पूजा ने कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट लड़कियों के लिए बेहद अहम हैं। उनके अनुसार, 'जब उन्हें प्लेटफॉर्म मिलता है, तो उन्हें अपनी स्किल्स दिखाने का मौका मिलता है। जब इस तरह का कोई टूर्नामेंट होता है, तो सभी स्काउट मेंबर्स शामिल होते हैं, और उनकी नज़र खिलाड़ियों पर होती है।' उल्लेखनीय है कि पूजा विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की तरफ से भी खेलती हैं।
अनुशासन ही बनाता है स्टार खिलाड़ी
भविष्य के संभावित खिलाड़ियों की पहचान के बारे में पूजा ने कहा कि प्रतिभा और मेहनत से भी ऊपर अनुशासन होता है। उनके शब्दों में, 'अगर आप एक ओवर गेंदबाजी कर रहे हैं, तो सभी 6 गेंद कप्तान के मुताबिक डालें। अगर आप बल्लेबाजी कर रहे हैं, अगर स्कोर 120 है, तो क्या आप आखिर तक टिके रह सकते हैं और उसे चेज कर सकते हैं? यहीं पर अनुशासन एक खिलाड़ी को स्टार बनाने में बहुत जरूरी होता है।'
कप्तानी की जिम्मेदारी और व्यक्तिगत प्रदर्शन
कप्तान की भूमिका पर पूजा ने कहा कि यह जिम्मेदारी निजी प्रदर्शन से कहीं बड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'जब आप किसी फ्रेंचाइजी या स्टेट टीम के कप्तान होते हैं, तो आपको सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि 15 सदस्यों और सपोर्टिंग स्टाफ के लिए भी जिम्मेदारी से काम करना होता है।' उन्होंने यह भी बताया कि बचपन से ही जिम्मेदारी उठाना उनके स्वभाव में है और वह अपनी कप्तानी का आनंद ले रही हैं।
राष्ट्रीय टीम में योगदान और आगे की राह
पूजा ने कहा कि राष्ट्रीय टीम में उनके योगदान को हमेशा पहचाना गया — चाहे बल्लेबाजी हो, गेंदबाजी हो या हर फॉर्मेट में प्रदर्शन। उन्होंने अपने करियर के उतार-चढ़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि अनुभव के साथ खिलाड़ी 'कूल, शांत और कंपोज्ड' हो जाता है। टी20 विश्व कप 2026 टीम से बाहर रहने के बावजूद उनका संदेश साफ है — भारतीय महिला टीम यह खिताब जरूर जीते।