राधा यादव की टीम इंडिया में वापसी: '11 महीने बाद WPL ने दिलाई जगह, हरमनप्रीत-मंधाना का मिला साथ'
सारांश
मुख्य बातें
बाएं हाथ की स्टार स्पिनर राधा यादव ने 28 जून 2025 को खुलासा किया कि 11 महीने के लंबे अंतराल के बाद भारतीय महिला टी20 टीम में उनकी वापसी का मुख्य श्रेय विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) को जाता है। राधा के अनुसार, इस लीग ने उन्हें गेंदबाज़ी की विविधता, डेथ ओवर्स में बल्लेबाज़ी और दबाव प्रबंधन — तीनों मोर्चों पर निखारा।
WPL ने कैसे बदला राधा का खेल
राधा यादव ने एक इंटरव्यू में कहा, 'मैं लगभग 11 महीने के बाद टी20 टीम में वापस आ रही हूँ। उस टूर्नामेंट में मैंने अपने गेम में काफी कुछ जोड़ा — खासकर ज़्यादा ताकत के साथ कैसे हिट करना है, डेथ ओवर्स में तेज़ी से कैसे रन बनाना है, अपनी गति कैसे बदलनी है, और गेंद का विविध रूप से कैसे इस्तेमाल करना है।' उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ ने उन्हें अपनी शर्तों पर तैयारी करने की स्वतंत्रता दी, जिसने उनके आत्मविश्वास को नई ऊँचाई दी।
सीखने की प्रक्रिया कभी नहीं रुकती
राधा ने कहा, 'निजी तौर पर, मैं अपने आस-पास के सभी लोगों — साथी खिलाड़ियों, कोच, यहाँ तक कि विपक्षियों — से बहुत कुछ सीखती हूँ। जब तक आप गेम खेल रहे हैं, सीखना कभी बंद नहीं होता।' उन्होंने जोड़ा कि प्रतिद्वंद्वी गेंदबाज़ों की फील्ड सेटिंग और दबाव प्रबंधन का तरीका देखना भी उनके लिए एक पाठशाला रहा है। एक स्पिनर के रूप में उनकी प्राथमिकता स्पष्ट है — विकेट लेना और रन रेट नियंत्रित रखना।
WPL: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच सेतु
राधा यादव ने विमेंस प्रीमियर लीग को भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक पुल बताया। उनके अनुसार, 'घरेलू क्रिकेट से सीधे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जाना आसान नहीं है — गुणवत्ता और दबाव में बहुत बड़ा अंतर होता है।' WPL ने यह खाई पाटने का काम किया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला क्रिकेट वैश्विक स्तर पर तेज़ी से प्रतिस्पर्धी बन रहा है और नई पीढ़ी के खिलाड़ी पहले से कहीं अधिक तैयार होकर मैदान में उतर रहे हैं।
हरमनप्रीत और मंधाना को श्रेय
बाएं हाथ की इस स्पिनर ने कप्तान हरमनप्रीत कौर और उपकप्तान स्मृति मंधाना की विशेष प्रशंसा की। राधा के अनुसार, इन दोनों वरिष्ठ खिलाड़ियों ने टीम में एक ऐसी संस्कृति विकसित की है जहाँ हर खिलाड़ी खुलकर अपने विचार साझा कर सकती है — और यही खुलापन उनकी वापसी को और सहज बनाने में मददगार रहा। गौरतलब है कि टीम के भीतर यह सकारात्मक माहौल भारतीय महिला क्रिकेट के बदलते चरित्र को दर्शाता है।
राधा यादव की यह वापसी न केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह WPL जैसी घरेलू लीगों की बढ़ती भूमिका और भारतीय महिला क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य का भी संकेत है।