WPL 2027 से पहले यूपी वॉरियर्स का बेंगलुरु कैंप, कोच अभिषेक नायर बोले — महिला खिलाड़ियों में सीखने की भूख अद्वितीय
सारांश
मुख्य बातें
यूपी वॉरियर्स ने विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में 8 मैचों में केवल 2 जीत के साथ अंकतालिका में सबसे निचले पायदान पर रहने के बाद, 2027 सीजन की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ने का फैसला किया है। बेंगलुरु के साई कृष्णन ग्राउंड्स में शुरू हुए चार दिवसीय प्री-सीजन ट्रेनिंग कैंप में टीम के हेड कोच अभिषेक नायर ने कहा कि महिला क्रिकेटरों में सीखने की जो ललक है, वह पुरुष क्रिकेट से बिल्कुल अलग और उत्साहवर्धक अनुभव है।
कैंप का मकसद और रणनीति
नायर के अनुसार, इस कैंप के लक्ष्य पिछले सीजन के समापन पर ही तय कर लिए गए थे। हेड कोच अभिषेक नायर, फील्डिंग कोच सौरभ बांडेकर, मेंटॉर लिसा स्थालेकर और नवनियुक्त चीफ स्काउट नीतू डेविड — जो भारत की पूर्व स्पिनर और चीफ सेलेक्टर रह चुकी हैं — मिलकर खिलाड़ियों को दिशा दे रहे हैं। नायर ने कहा, 'पिछले सीजन के बाद हमने खिलाड़ियों से चर्चा की थी और उन्हें बताया था कि किन पहलुओं पर काम करना है — यह कैंप उसी प्रगति को परखने का मंच है।'
कैंप में ट्रायल का भी प्रावधान है, जहाँ नीतू डेविड द्वारा चिह्नित युवा और होनहार खिलाड़ियों को परखा जाएगा। नायर ने बताया कि यह उनके लिए उन खिलाड़ियों को करीब से समझने का अवसर है जो टीम की किस्मत बदल सकती हैं।
नीतू डेविड की भूमिका और टैलेंट पाइपलाइन
भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में चौथी सबसे अधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं नीतू डेविड के अनुभव को नायर बेशकीमती मानते हैं। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में वे डेविड से अधिकतम जानकारी हासिल करना चाहते हैं — खासकर यह समझने के लिए कि किस स्वभाव और क्षमता वाली खिलाड़ी टीम के लिए अहम साबित हो सकती हैं। नायर ने स्वीकार किया, 'मैं उनसे अभी-अभी मिला हूँ, लेकिन उनका अनुभव और खेल की समझ स्पष्ट है।'
महिला क्रिकेट कोचिंग का अनोखा अनुभव
आईपीएल में 9 वर्ष बिताने के बाद पहली बार महिला क्रिकेट टीम को कोचिंग दे रहे नायर ने बताया कि यह अनुभव उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी चुनौतीपूर्ण और रोमांचक रहा है। उन्होंने कहा कि पुरुष क्रिकेट में खिलाड़ी अक्सर बहुत कुछ सुन चुके होते हैं, इसलिए कोच को बहुत सोच-समझकर बात करनी पड़ती है। लेकिन महिला क्रिकेट में हर खिलाड़ी सीखने के लिए उत्सुक है।
नायर के शब्दों में, 'ये खिलाड़ी न केवल अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हैं, बल्कि अपना नाम बनाना और भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊँचाइयों पर ले जाना चाहती हैं।' फील्डिंग रणनीति और मैच प्लानिंग के मामले में भी अंतर स्पष्ट है, लेकिन नायर इसे एक सकारात्मक चुनौती के रूप में देखते हैं।
महिला घरेलू क्रिकेट का भविष्य
नायर के अनुसार, पिछले एक वर्ष में कुछ खिलाड़ियों में इतना बदलाव आया है कि उन्हें पहचानना मुश्किल है। टीम में आशा और शिखा जैसी खिलाड़ियों की प्रगति उल्लेखनीय रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट में बड़े छक्के, रिवर्स स्वीप और तेज गेंदबाजी का नया दौर देखने को मिलेगा। WPL जैसे मंच ने खिलाड़ियों को बेहतर बनने की प्रेरणा दी है।
आगे की योजना
बेंगलुरु कैंप के बाद भी यूपी वॉरियर्स की तैयारी जारी रहेगी। नायर ने बताया कि मुंबई में मानसून कम होने के बाद खिलाड़ियों को उनके शेड्यूल के अनुसार छोटे-छोटे व्यक्तिगत कैंप के लिए बुलाया जाएगा। उनका लक्ष्य है कि खिलाड़ियों के साथ निरंतर संपर्क बना रहे और जरूरत पड़ने पर एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध हो। नायर ने कहा, 'बड़ा लक्ष्य इन खिलाड़ियों की जिंदगी पर असर डालना है — टीम की सफलता उसी का परिणाम होगी।'