नीतू डेविड बनीं यूपी वॉरियर्स की स्काउटिंग हेड, बोलीं — 'चाल देखकर समझ जाती हूं खिलाड़ी की काबिलियत'
सारांश
मुख्य बातें
आईसीसी हॉल ऑफ फेमर और पूर्व भारतीय स्पिन गेंदबाज नीतू डेविड को यूपी वॉरियर्स ने विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2027 से पहले अपना स्काउटिंग हेड नियुक्त किया है। नीतू का मानना है कि किसी खिलाड़ी के मैदान पर चलने के तरीके और बॉडी लैंग्वेज से ही उसकी क्षमता का प्रारंभिक अनुमान लगाया जा सकता है। पाँच वर्षों तक भारतीय महिला क्रिकेट टीम की चीफ सिलेक्टर रहीं नीतू ने वनडे विश्व कप 2025 के लिए विजेता टीम का चयन भी किया था।
प्रतिभा पहचानने का अनूठा तरीका
नीतू ने बताया कि उनकी स्काउटिंग प्रक्रिया मैच शुरू होने से पहले ही आरंभ हो जाती है। उन्होंने कहा, 'मेरे प्रोसेस के हिसाब से खिलाड़ियों के चलने का स्टाइल बताता है कि खिलाड़ी कैसा होगा। मैं किसी खिलाड़ी को उसके चलने के स्टाइल के आधार पर समझती हूं — चाहे वह बहुत फुर्तीला हो या धीमा या मानसिक रूप से बहुत मजबूत।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'मुझे मैच से पहले जाना पसंद है ताकि मैं देख सकूं कि खिलाड़ी आउटफील्ड में अपना-अपना काम कैसे कर रहे हैं। मैं मैच से पहले और बाद में उसकी बॉडी लैंग्वेज भी देखती हूं — यह आपको बहुत कुछ दिखाता है।'
WPL ने बदला भारतीय महिला क्रिकेट का नक्शा
नीतू ने 2023 में WPL की शुरुआत के बाद से भारतीय महिला क्रिकेट में आई गहराई की सराहना की। उन्होंने क्रांति गौड़ और श्री चरणी का उदाहरण देते हुए कहा, 'जब क्रांति गौड़ आईं, तो उन्हें कुछ नहीं पता था। पर आज वह एक स्टार हैं। जब श्री चरणी आईं, तो हम सोचते थे, वह क्या खेलेगी? लेकिन जब आप उनकी बॉलिंग देखेंगे, तो आपको लगेगा कि यह लड़की बहुत अलग है।'
उन्होंने यह भी कहा कि पहले बेंच स्ट्रेंथ सीमित थी, लेकिन अब ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो भारत के लिए खेलने में सक्षम हैं। उनके अनुसार आने वाले वर्षों में हर टीम में हर खिलाड़ी का बैकअप उपलब्ध होगा।
यूपी वॉरियर्स से जुड़ने की दिलचस्प कहानी
बिहार टीम के साथ एक लंबा असाइनमेंट पूरा करने के बाद थकी हुई नीतू ने शुरू में अवकाश लेने का मन बनाया था। लेकिन एक भरोसेमंद सीनियर की सलाह ने उनका फैसला बदल दिया। नीतू ने बताया, 'क्षेमल जी ने मुझे कॉल किया और पूछा कि मुझे इंटरेस्ट है या नहीं। मैंने दो दिन का समय माँगा। जब मैंने अपने सीनियर से बात की, तो उनका जवाब था — आप तुरंत हाँ बोल दो क्योंकि एक तो यह आपकी अपनी फ्रेंचाइजी है।'
डोमेस्टिक और फ्रेंचाइजी स्काउटिंग में फर्क
नीतू के अनुसार, डोमेस्टिक सर्किट में खिलाड़ियों को अंडर-15 स्तर से ट्रैक किया जाता है, जबकि फ्रेंचाइजी स्काउटिंग में भारत और विदेश दोनों की लीग और टूर्नामेंट पर नज़र रखनी होती है। उन्होंने माना कि यह उनके लिए 'थोड़ी नई बात' है, लेकिन यूपी वॉरियर्स के सपोर्ट स्टाफ ने उन्हें इस नई भूमिका में ढलने में काफी सहायता की है।
WPL 2027 की तैयारी और आगे की राह
बेंगलुरु में हेड कोच अभिषेक नायर और मेंटर लिसा स्थालेकर की देखरेख में एक ऑफ-सीजन कैंप पहले ही आयोजित किया जा चुका है। नीतू ने बताया कि एक और कैंप की योजना बनाई जा रही है, जिसमें टीम का अगला कॉम्बिनेशन तय किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'नीलामी को ध्यान में रखते हुए हमने कई विकल्प देखे हैं। हमें किस तरह के खिलाड़ियों की सबसे ज्यादा जरूरत है, उसी हिसाब से आगे बढ़ेंगे।'
गौरतलब है कि यूपी वॉरियर्स ने अब तक WPL का खिताब नहीं जीता है और पिछले दोनों सीजन में टीम अंतिम स्थान पर रही। ऐसे में नीतू की स्काउटिंग विशेषज्ञता फ्रेंचाइजी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।