मध्य प्रदेश को गुजरात से ₹8,635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, CM मोहन यादव ने भूपेंद्र पटेल से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार, 13 अगस्त को निवेश आकर्षण अभियान के तहत गुजरात दौरे पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने गांधीनगर में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से शिष्टाचार भेंट की। अहमदाबाद में आयोजित 'मेगा निवेश संवाद' और रोड शो के दौरान राज्य सरकार के अनुसार मध्य प्रदेश को ₹8,635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे 5,785 रोज़गार अवसर सृजित होने की संभावना है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले अहमदाबाद में 'मेगा निवेश संवाद' में भाग लिया और उसके बाद गांधीनगर स्थित आवास पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात की। इस बैठक में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और जनजातीय विकास राज्यमंत्री जयराम गामित भी उपस्थित रहे।
निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रम के अंतर्गत यादव ने प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ 15 से अधिक एकल बैठकें कीं, जिनमें निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक विस्तार और क्षेत्रवार अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई।
किन क्षेत्रों से आए निवेश प्रस्ताव
राज्य सरकार के अनुसार प्राप्त ₹8,635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सीमेंट, पैकेजिंग, फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, केमिकल, एयरोस्पेस और रक्षा जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़े हैं। कार्यक्रम का मुख्य फोकस टेक्सटाइल, ऊर्जा, बुनियादी ढाँचा, विनिर्माण और औद्योगिक विस्तार पर रहा।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 का निमंत्रण
मुख्यमंत्री यादव ने गुजरात के उद्योग जगत को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भाग लेने का निमंत्रण दिया। उन्होंने दोनों राज्यों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर ज़ोर देते हुए मध्य प्रदेश और गुजरात को 'जुड़वा भाई' बताया।
यादव ने कहा कि गुजरात के पास औद्योगिक और व्यावसायिक अनुभव है, जबकि मध्य प्रदेश के पास पर्याप्त भूमि, जल संसाधन और देश के मध्य में स्थित होने का भौगोलिक लाभ है — और दोनों राज्यों की ये विशेषताएँ एक-दूसरे की पूरक हैं।
व्यापक संदर्भ
यह दौरा ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश सरकार देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में निवेश संवाद का सिलसिला चला रही है। गौरतलब है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 से पहले राज्य सरकार विभिन्न शहरों में रोड शो आयोजित कर संभावित निवेशकों को आकर्षित करने की रणनीति पर काम कर रही है। गुजरात, जो देश का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, इस अभियान में एक महत्वपूर्ण लक्ष्य राज्य है।
आगे की राह
प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए मध्य प्रदेश सरकार क्षेत्रवार नीतिगत सुविधाएँ और एकल खिड़की मंज़ूरी प्रणाली का हवाला देती है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 इस पूरे अभियान की परिणति के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ इन प्रस्तावों को औपचारिक समझौतों में बदलने की उम्मीद है।