जयपुर में उद्योगपतियों के साथ संवाद से 5,055 करोड़ का निवेश और 3,530 रोजगार: सीएम मोहन यादव

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जयपुर में उद्योगपतियों के साथ संवाद से 5,055 करोड़ का निवेश और 3,530 रोजगार: सीएम मोहन यादव

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जयपुर में उद्योगपतियों के साथ संवाद सत्र में 5,055 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता की घोषणा की। इससे 3,530 नई नौकरियों का सृजन होने की संभावना है। यह राज्य की बढ़ती व्यापारिक लोकप्रियता का संकेत है।

Key Takeaways

  • 5,055 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
  • 3,530 नई नौकरियों का सृजन होगा।
  • राजस्थान के उद्यमियों की मध्य प्रदेश में रुचि बढ़ी है।
  • मध्य प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियाँ हैं।
  • राज्य की औद्योगिक विकास की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

भोपाल, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह बताया कि जयपुर में उद्योगपतियों के साथ हुए संवाद सत्र ने निवेश को आकर्षित करने के प्रयासों को एक नई दिशा दी है। इस प्रक्रिया के फलस्वरूप 5,055 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धताओं की प्राप्ति हुई है।

सीएम ने रविवार को अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में कहा कि इन प्रस्तावों से विभिन्न क्षेत्रों में 3,530 से ज्यादा रोजगार सृजित होने की संभावना है, जो मध्य प्रदेश की व्यापारिक विकास में बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।

उन्होंने इसे इस बात का प्रमाण बताया कि राजस्थान के उद्यमी मध्य प्रदेश के आर्थिक विकास के अवसरों को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।

यह कार्यक्रम, जो शनिवार को जयपुर में आयोजित किया गया, राज्य सरकार के निवेशकों और उद्योगपतियों को आकर्षित करने के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा था। इस सत्र में मध्य प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे और प्रगतिशील औद्योगिक माहौल के साथ-साथ आकर्षक प्रोत्साहन योजनाओं और क्षेत्र विशेष के अवसरों पर भी प्रकाश डाला गया।

मुख्यमंत्री यादव ने प्रमुख व्यवसायिक नेताओं के साथ विस्तार से चर्चा की, जिसमें उन्होंने राज्य की रणनीतिक स्थिति, कुशल मानव संसाधनों की उपलब्धता, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति और नवीकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण, कपड़ा, दवा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में राज्य की क्षमताओं पर जोर दिया।

मध्य प्रदेश को असाधारण अवसरों की भूमि के रूप में प्रस्तुत करते हुए, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान से लगातार निवेश का प्रवाह जारी रहेगा। उन्होंने राज्य के औद्योगिक विकास को भारत के महत्वाकांक्षी 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य से जोड़ा और मध्य प्रदेश की उभरती हुई शक्ति के रूप में सतत और उच्च-विकास वाले निवेश के लिए उसकी भूमिका को रेखांकित किया।

इस संवादात्मक प्रारूप ने प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री और उद्योग नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे स्पष्टीकरण मांगने का अवसर प्रदान किया। कई उद्योगपतियों ने इस पारदर्शी दृष्टिकोण और सहायक वातावरण की प्रशंसा की और कुछ ने राज्य में अपनी इकाइयों का विस्तार करने या नई इकाइयां स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस तरह के आउटरीच सेशन निवेशकों का भरोसा बढ़ाने, जानकारी की कमी को दूर करने और प्रोजेक्ट्स को तेजी से मंजूरी दिलाने में मदद करते हैं। मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के बड़े अभियान के तहत, अन्य शहरों में भी इसी तरह के कार्यक्रम पहले ही आयोजित किए जा चुके हैं।

जैसे-जैसे मध्य प्रदेश 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस', बुनियादी ढांचे को सुधारने और नीतियों में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, सरकार का लक्ष्य आने वाले महीनों में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करना है।

Point of View

बल्कि राज्य की बढ़ती व्यापारिक स्थिति को भी उजागर करेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव का निवेशकों को आकर्षित करने का प्रयास दर्शाता है कि मध्य प्रदेश संभावनाओं की भूमि बनता जा रहा है।
NationPress
22/03/2026

Frequently Asked Questions

इस निवेश से कितने रोजगार सृजित होंगे?
इस निवेश के माध्यम से 3,530 से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
राजस्थान के उद्यमियों की मध्य प्रदेश में रुचि क्यों बढ़ रही है?
राजस्थान के उद्यमी मध्य प्रदेश के आर्थिक विकास के अवसरों और निवेश-अनुकूल नीतियों को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।
इस संवाद सत्र में क्या चर्चा हुई?
इस सत्र में राज्य की रणनीतिक स्थिति, मानव संसाधनों, और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा की गई।
मध्य प्रदेश की औद्योगिक नीतियाँ क्या हैं?
मध्य प्रदेश की औद्योगिक नीतियाँ निवेशकों के लिए अनुकूल हैं और इसमें मजबूत बुनियादी ढांचा और आकर्षक प्रोत्साहन योजनाएँ शामिल हैं।
इस सत्र का उद्देश्य क्या था?
इस सत्र का उद्देश्य निवेशकों को आकर्षित करना और मध्य प्रदेश के आर्थिक विकास को बढ़ावा देना था।
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