मध्य प्रदेश रोजगार सृजन में देशभर में अव्वल, इन्वेस्ट इंडिया के आंकड़ों में आंध्र-महाराष्ट्र को पछाड़ा
सारांश
Key Takeaways
मध्य प्रदेश ने इन्वेस्ट इंडिया के ताज़ा निवेश आंकड़ों में रोजगार सृजन के मामले में देशभर में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) की राष्ट्रीय निवेश प्रोत्साहन एजेंसी द्वारा जारी इस रिपोर्ट में मध्य प्रदेश ने आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और महाराष्ट्र को पीछे छोड़ दिया है। 2 मई 2025 को सामने आए ये आधिकारिक आंकड़े राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों की सफलता को रेखांकित करते हैं।
राष्ट्रीय रिपोर्ट में मध्य प्रदेश की उपलब्धि
इन्वेस्ट इंडिया की राष्ट्रीय रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि रोजगार सृजन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश समूचे देश में पहले स्थान पर रहा। यह उपलब्धि राज्य में विकसित हो रहे निवेश-अनुकूल वातावरण, अधोसंरचना विस्तार और उद्योगोन्मुख नीतियों का परिणाम मानी जा रही है। गौरतलब है कि यह रैंकिंग भारत सरकार द्वारा जारी आधिकारिक डेटा पर आधारित है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की रणनीति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2025 को मध्य प्रदेश में रोजगार और उद्योग वर्ष घोषित किया गया है। देश और विदेश में आयोजित इन्वेस्टर मीट, रोड-शो और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से निवेशकों से सीधा जुड़ाव स्थापित किया गया। इसके अतिरिक्त रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की श्रृंखला के ज़रिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार सुनिश्चित किया गया है।
कौशल उन्नयन और युवा रोजगार पर विशेष जोर
राज्य सरकार का विशेष फोकस निवेश को वास्तविक रोजगार में परिवर्तित करने पर रहा है। इस दिशा में आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण को सुदृढ़ किया जा रहा है। रोजगार मेलों और