मध्य प्रदेश रोजगार सृजन में देशभर में अव्वल, इन्वेस्ट इंडिया के आंकड़ों में आंध्र-महाराष्ट्र को पछाड़ा

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मध्य प्रदेश रोजगार सृजन में देशभर में अव्वल, इन्वेस्ट इंडिया के आंकड़ों में आंध्र-महाराष्ट्र को पछाड़ा

सारांश

इन्वेस्ट इंडिया के सरकारी आंकड़ों ने मध्य प्रदेश को रोजगार सृजन में देश का नंबर एक राज्य घोषित किया है — आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 2025 को 'रोजगार और उद्योग वर्ष' घोषित करने का यह पहला बड़ा सरकारी प्रमाण है।

Key Takeaways

इन्वेस्ट इंडिया के ताज़ा आंकड़ों में मध्य प्रदेश रोजगार सृजन में देशभर में पहले स्थान पर रहा। राज्य ने आंध्र प्रदेश , राजस्थान , तेलंगाना और महाराष्ट्र को पीछे छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2025 को मध्य प्रदेश में रोजगार और उद्योग वर्ष घोषित किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में इन्वेस्ट इंडिया ने 6.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की 60 परियोजनाओं को ज़मीन पर उतारने में सहयोग किया। इन परियोजनाओं से 14 राज्यों में 31 हजार से अधिक संभावित रोजगार सृजित होने का अनुमान है। आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में उद्योग-अनुकूल प्रशिक्षण और युवा संगम जैसे आयोजनों के ज़रिए युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

मध्य प्रदेश ने इन्वेस्ट इंडिया के ताज़ा निवेश आंकड़ों में रोजगार सृजन के मामले में देशभर में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) की राष्ट्रीय निवेश प्रोत्साहन एजेंसी द्वारा जारी इस रिपोर्ट में मध्य प्रदेश ने आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और महाराष्ट्र को पीछे छोड़ दिया है। 2 मई 2025 को सामने आए ये आधिकारिक आंकड़े राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों की सफलता को रेखांकित करते हैं।

राष्ट्रीय रिपोर्ट में मध्य प्रदेश की उपलब्धि

इन्वेस्ट इंडिया की राष्ट्रीय रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि रोजगार सृजन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश समूचे देश में पहले स्थान पर रहा। यह उपलब्धि राज्य में विकसित हो रहे निवेश-अनुकूल वातावरण, अधोसंरचना विस्तार और उद्योगोन्मुख नीतियों का परिणाम मानी जा रही है। गौरतलब है कि यह रैंकिंग भारत सरकार द्वारा जारी आधिकारिक डेटा पर आधारित है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की रणनीति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2025 को मध्य प्रदेश में रोजगार और उद्योग वर्ष घोषित किया गया है। देश और विदेश में आयोजित इन्वेस्टर मीट, रोड-शो और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से निवेशकों से सीधा जुड़ाव स्थापित किया गया। इसके अतिरिक्त रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की श्रृंखला के ज़रिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार सुनिश्चित किया गया है।

कौशल उन्नयन और युवा रोजगार पर विशेष जोर

राज्य सरकार का विशेष फोकस निवेश को वास्तविक रोजगार में परिवर्तित करने पर रहा है। इस दिशा में आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण को सुदृढ़ किया जा रहा है। रोजगार मेलों और

Point of View

लेकिन 'संभावित रोजगार' और वास्तविक, सत्यापित रोजगार के बीच का अंतर महत्वपूर्ण है — जिसे रिपोर्ट स्पष्ट नहीं करती। मध्य प्रदेश का शीर्ष स्थान मुख्यतः निवेश परियोजनाओं के अनुमानित रोजगार आंकड़ों पर आधारित है, न कि सृजित और भरे गए पदों पर। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में बेरोज़गारी दर और वास्तविक औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं। बिना पारदर्शी मापन ढाँचे के, यह उपलब्धि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश तो देती है, परंतु ज़मीनी बदलाव की पुष्टि के लिए स्वतंत्र डेटा की आवश्यकता बनी रहती है।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

इन्वेस्ट इंडिया की रिपोर्ट में मध्य प्रदेश को किस आधार पर पहला स्थान मिला?
DPIIT की राष्ट्रीय निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट इंडिया ने रोजगार सृजन के आंकड़ों के आधार पर मध्य प्रदेश को देशभर में पहला स्थान दिया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य ने आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और महाराष्ट्र को पीछे छोड़ा।
मध्य प्रदेश में रोजगार वर्ष 2025 के तहत क्या प्रमुख कदम उठाए गए हैं?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2025 को 'रोजगार और उद्योग वर्ष' घोषित किया और देश-विदेश में इन्वेस्टर मीट, रोड-शो तथा रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए। इसके साथ ही आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में उद्योग-अनुकूल प्रशिक्षण और युवा संगम जैसे रोजगार मेलों का आयोजन किया गया।
इन्वेस्ट इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 में कितनी परियोजनाओं को समर्थन दिया?
वित्त वर्ष 2025-26 में इन्वेस्ट इंडिया ने 6.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की 60 निवेश परियोजनाओं को ज़मीन पर उतारने में सहयोग किया। ये परियोजनाएं 14 राज्यों में फैली हैं और इनसे 31 हजार से अधिक संभावित रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश की यह उपलब्धि अन्य राज्यों से किस मायने में अलग है?
मध्य प्रदेश ने आर्थिक रूप से बड़े और औद्योगिक रूप से स्थापित राज्यों जैसे महाराष्ट्र और तेलंगाना को रोजगार सृजन में पीछे छोड़ा है, जो राज्य की बदलती औद्योगिक पहचान को दर्शाता है। निवेश-अनुकूल नीतियों और अधोसंरचना विस्तार को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए क्या विशेष प्रयास किए जा रहे हैं?
राज्य सरकार विद्यार्थियों के प्लेसमेंट पर विशेष जोर दे रही है और 'युवा संगम' जैसे आयोजनों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा रहा है। आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में उद्योगों की ज़रूरत के अनुरूप प्रशिक्षण को भी मज़बूत किया जा रहा है।
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