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बिहार DGP विनय कुमार ने लिया VRS, गृह विभाग ने तत्काल प्रभाव से दी मंजूरी; अब बनेंगे मुख्य सूचना आयुक्त

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बिहार DGP विनय कुमार ने लिया VRS, गृह विभाग ने तत्काल प्रभाव से दी मंजूरी; अब बनेंगे मुख्य सूचना आयुक्त

सारांश

बिहार के DGP विनय कुमार ने महज दो दिन में VRS पाई — तीन महीने की अनिवार्य नोटिस अवधि माफ। 1991 बैच के IPS अधिकारी अब राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त बनाए जाने की कगार पर हैं। प्रीता वर्मा के पास अतिरिक्त प्रभार बरकरार।

मुख्य बातें

बिहार DGP विनय कुमार ने 25 सितंबर 2026 को IPS से VRS के लिए आवेदन दिया, जिसे गृह विभाग ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया।
अखिल भारतीय सेवा नियमावली के नियम 16(2) के तहत अनिवार्य तीन महीने की नोटिस अवधि उनके मामले में माफ की गई।
आदेश प्रधान सचिव पंकज कुमार द्वारा जारी; प्रतिलिपि केंद्रीय गृह मंत्रालय, राज्यपाल कार्यालय व मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजी गई।
विनय कुमार को बिहार का राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किए जाने की रिपोर्ट; औपचारिक अधिसूचना जल्द संभावित।
उनकी अनुपस्थिति में वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को DGP का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।

बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है। बिहार सरकार के गृह विभाग ने उनके आवेदन को स्वीकार करते हुए तत्काल प्रभाव से VRS की मंजूरी दे दी है। रिपोर्टों के अनुसार, 1991 बैच के IPS अधिकारी विनय कुमार को अब बिहार का नया राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया जाना है।

आवेदन से मंजूरी तक: मुख्य घटनाक्रम

विनय कुमार ने 25 सितंबर 2026 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आधिकारिक आवेदन दिया था। इसके बाद गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने रिकॉर्ड समय में इस आवेदन पर कार्रवाई करते हुए VRS को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।

जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियमावली, 1958 के नियम 16(2) के तहत VRS के लिए सामान्यतः तीन महीने का पूर्व-नोटिस अनिवार्य होता है। हालाँकि, विनय कुमार के मामले में इस तीन महीने की अनिवार्य अवधि की शर्त को विशेष रूप से माफ किया गया है।

सरकारी आदेश और अधिसूचना

यह आदेश प्रधान सचिव पंकज कुमार द्वारा जारी किया गया है। इसकी प्रतिलिपि केंद्रीय गृह मंत्रालय, राज्यपाल कार्यालय, मुख्यमंत्री सचिवालय और मुख्य सचिव सहित राज्य के संबंधित वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को प्रेषित की गई है।

रिपोर्टों के अनुसार, विनय कुमार की राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति को लेकर औपचारिक अधिसूचना भी शीघ्र जारी होने की संभावना है।

अनुपस्थिति और अतिरिक्त प्रभार

गौरतलब है कि विनय कुमार हाल ही में छुट्टी पर भी रहे थे। उनकी अनुपस्थिति के दौरान वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को बिहार के DGP का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार की कानून-व्यवस्था से जुड़े कई अहम मामले चल रहे हैं और राज्य पुलिस शीर्ष नेतृत्व में यह बदलाव प्रशासनिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगे क्या

प्रीता वर्मा के पास फिलहाल DGP का अतिरिक्त प्रभार बना रह सकता है जब तक कि राज्य सरकार नए नियमित DGP की नियुक्ति की घोषणा नहीं करती। विनय कुमार की मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में औपचारिक नियुक्ति की अधिसूचना जारी होने के बाद वे नई भूमिका में कार्यभार संभालेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सुनियोजित संक्रमण है। DGP जैसे संवेदनशील पद पर बैठे अधिकारी का सीधे मुख्य सूचना आयुक्त बनना उस पैटर्न को दर्शाता है जहाँ सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी संवैधानिक या अर्ध-न्यायिक पदों पर स्थानांतरित होते हैं। असली सवाल यह है कि नए DGP की नियुक्ति में देरी बिहार की कानून-व्यवस्था को कितने समय के लिए 'अतिरिक्त प्रभार' की स्थिति में छोड़ेगी — यह रिक्तता प्रशासनिक निरंतरता के लिए जोखिम बन सकती है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार DGP विनय कुमार ने VRS क्यों लिया?
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार विनय कुमार को बिहार का नया राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किए जाने की संभावना है, जिसके चलते उन्होंने IPS से VRS लिया। इस नियुक्ति की औपचारिक अधिसूचना जल्द जारी होने की उम्मीद है।
विनय कुमार के VRS में तीन महीने की नोटिस अवधि क्यों माफ की गई?
अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियमावली, 1958 के नियम 16(2) के तहत VRS के लिए सामान्यतः तीन महीने का पूर्व-नोटिस अनिवार्य है। बिहार सरकार के गृह विभाग ने इस नियम के अंतर्गत उपलब्ध विवेकाधिकार का उपयोग करते हुए विनय कुमार के मामले में यह अवधि विशेष रूप से माफ की और VRS तत्काल प्रभाव से स्वीकार की।
विनय कुमार कौन हैं और बिहार DGP पद पर कब से थे?
विनय कुमार 1991 बैच के IPS अधिकारी हैं जो बिहार कैडर से थे। वे बिहार के पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे। हाल ही में छुट्टी पर रहने के दौरान प्रीता वर्मा को उनका अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
बिहार का नया DGP कौन होगा?
विनय कुमार के VRS के बाद वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा के पास DGP का अतिरिक्त प्रभार है। नए नियमित DGP की नियुक्ति को लेकर बिहार सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बिहार के मुख्य सूचना आयुक्त की क्या भूमिका होती है?
बिहार राज्य मुख्य सूचना आयुक्त सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के तहत द्वितीय अपीलों और शिकायतों की सुनवाई करने वाला शीर्ष अधिकारी होता है। यह एक अर्ध-न्यायिक संवैधानिक पद है जो सरकारी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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