बिहार में आईपीएस अधिकारियों का बड़ा फेरबदल: पंकज कुमार राज बने एससीआरबी आईजी, सुशांत सरोज को एटीएस की कमान
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार ने 8 जून 2026 को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के व्यापक तबादले और नई तैनातियों की अधिसूचना जारी की, जिसका उद्देश्य राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग तंत्र को अधिक सुदृढ़ बनाना है। गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा सोमवार शाम जारी इस आदेश में आईजी और डीआईजी स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं, जबकि कुछ को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
आईजी स्तर के प्रमुख तबादले
अधिसूचना के अनुसार, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) नागरिक सुरक्षा पंकज कुमार राज को राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) का आईजी नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें रेलवे पुलिस के आईजी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
आईजी तकनीकी सेवाएं एवं संचार एस. प्रेमलथा को मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का नया आईजी बनाया गया है। वहीं विशेष शाखा के आईजी संजय कुमार को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) के आईजी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
डीआईजी स्तर के महत्वपूर्ण बदलाव
गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं के डीआईजी सुधीर कुमार पोरिका को एससीआरबी का डीआईजी नियुक्त किया गया है। सुशांत कुमार सरोज को आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) का डीआईजी बनाया गया है और साथ ही उन्हें डीआईजी ट्रैफिक, पटना का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में डीआईजी पद पर कार्यरत दीपक रंजन का तबादला करते हुए उन्हें अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) में डकैती निरोध शाखा का डीआईजी बनाया गया है।
एसपी स्तर और अन्य नियुक्तियाँ
पदस्थापन की प्रतीक्षा में रहे पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-5 का समादेष्टा नियुक्त किया गया है। मनीष कुमार सिन्हा को अश्वारोही विशेष सशस्त्र पुलिस, आरा का समादेष्टा बनाया गया है, जबकि अजय कुमार को विशेष सुरक्षा दल (एसएसजी) की कमान सौंपी गई है।
फेरबदल का महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में आगामी महीनों में प्रशासनिक और सुरक्षा दबाव बढ़ने की संभावना है। गौरतलब है कि एटीएस, बीएसएपी और एसएसजी जैसी संवेदनशील इकाइयों में एक साथ नेतृत्व परिवर्तन असामान्य है और इसे सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि अनुभवी अधिकारियों की नई तैनाती से अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, आतंकवाद-निरोधी गतिविधियों और विशेष सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। आने वाले दिनों में इन नई नियुक्तियों के तहत जमीनी स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं।