बिहार में 5 IPS अधिकारियों का तबादला, 8 DSP भी बदले; गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के गृह विभाग ने 20 मई 2026 को 5 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों और 8 पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) के स्थानांतरण की आधिकारिक अधिसूचना जारी की। प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किए गए इस व्यापक फेरबदल में पटना से लेकर सीमांचल तक के ज़िलों में पुलिस नेतृत्व बदला गया है।
मुख्य IPS तबादले
नवगछिया के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार को साइबर अनुसंधान एवं अभियान, आर्थिक अपराध इकाई, पटना का प्रभार दिया गया है। उनकी जगह वैभव शर्मा को नवगछिया का नया एसपी नियुक्त किया गया है।
पुलिस उप महानिरीक्षक (विधि व्यवस्था), पटना आनंद कुमार को पुलिस उप महानिरीक्षक, सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे विधि व्यवस्था के उप महानिरीक्षक का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे। अपराध अनुसंधान विभाग के एसपी आदित्य कुमार को समादेष्टा, बिहार विशेष सशस्त्र बल 14 का दायित्व दिया गया है।
DSP स्तर के प्रमुख तबादले
पटना सिटी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव कुमार को पूर्णिया भेजा गया है। बांका के डीएसपी अनुपेश नारायण को सुपौल की जिम्मेदारी दी गई है। अपराध अनुसंधान विभाग, पटना के डीएसपी विकास कुमार को विशेष कार्य बल, जहानाबाद में तैनात किया गया है।
साइबर क्राइम के डीएसपी गोपाल कृष्ण को कैमूर के मोहनियां का अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बनाया गया है। पूर्णिया के ट्रैफिक डीएसपी कौशल किशोर कमल को अपराध अनुसंधान विभाग, पटना भेजा गया है, जबकि पटना के अपराध अनुसंधान विभाग में तैनात डीएसपी रंजन कुमार सिंह को पूर्णिया यातायात पुलिस का उपाधीक्षक बनाया गया है।
विशेष निगरानी विभाग में बदलाव
आर्थिक अपराध इकाई के डीएसपी सुरेश प्रसाद राम को विशेष निगरानी विभाग का डीएसपी नियुक्त किया गया है। इसी विभाग में अपराध अनुसंधान विभाग के डीएसपी कृष्ण कुमार गुप्ता को भी डीएसपी विशेष निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पृष्ठभूमि और आगे की राह
गौरतलब है कि हाल के महीनों में बिहार में IPS अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला किया जाता रहा है, जो राज्य सरकार की पुलिस प्रशासन को पुनर्गठित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। साइबर अपराध और आर्थिक अपराध इकाइयों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती यह संकेत देती है कि सरकार की प्राथमिकता डिजिटल और वित्तीय अपराधों से निपटने पर केंद्रित है। नई तैनाती के साथ इन इकाइयों की कार्यप्रणाली में बदलाव आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगा।