कर्नाटक नेतृत्व विवाद: डीके शिवकुमार ने CM बदलाव की अटकलें खारिज कीं, राजन्ना पर पलटवार

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कर्नाटक नेतृत्व विवाद: डीके शिवकुमार ने CM बदलाव की अटकलें खारिज कीं, राजन्ना पर पलटवार

सारांश

कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर तनाव फिर सतह पर आया। उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने CM बदलाव की अटकलें खारिज कीं, लेकिन पूर्व मंत्री राजन्ना के बयान ने सिद्धारमैया और शिवकुमार खेमों के बीच की दरार को एक बार फिर उजागर कर दिया।

मुख्य बातें

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 20 मई को नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज किया।
पूर्व सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना ने कथित तौर पर कहा था कि नेतृत्व बदलाव पर जी.
परमेश्वर को CM बनाया जाए।
राजन्ना को राहुल गांधी के 'वोट चोरी' बयान के विपरीत कथित टिप्पणियों के बाद कैबिनेट से हटाया गया था।
शिवकुमार ने एपेक्स बैंक और कर्नाटक मिल्क फेडरेशन के अनसुलझे मुद्दों पर टिप्पणी से इनकार किया।
कैबिनेट विस्तार पर शिवकुमार ने कहा — मुख्यमंत्री पहले ही विस्तार का ऐलान कर चुके हैं।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 20 मई को राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए पूर्व सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना पर तीखा पलटवार किया। शिवकुमार ने व्यंग्यपूर्वक पूछा कि राजन्ना मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को हटाने की बात क्यों कर रहे हैं, जबकि यह मुद्दा उठाने वाले वे खुद हैं।

राजन्ना के बयान से क्यों मचा है विवाद

राजन्ना मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी सहयोगी माने जाते हैं और कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में दलित मुख्यमंत्री के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से यह भी आरोप लगाया है कि उनके मंत्रिमंडल से हटाए जाने के पीछे शिवकुमार का हाथ है। गौरतलब है कि राजन्ना को राहुल गांधी के 'वोट चोरी' वाले बयान के विपरीत कथित टिप्पणियाँ करने के बाद कैबिनेट से बाहर किया गया था।

शिवकुमार का पलटवार

राजन्ना के उस कथित बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि नेतृत्व परिवर्तन होने पर गृह मंत्री जी. परमेश्वर को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए — शिवकुमार ने सीधे सवाल दागा: 'राजन्ना मुख्यमंत्री बदलने की बात क्यों कर रहे हैं?' उन्होंने स्पष्ट किया, 'मैंने कहीं भी यह नहीं कहा कि मुख्यमंत्री को बदला जाना चाहिए। राजन्ना खुद यह बात कर रहे हैं — आपको उनसे ही पूछना चाहिए।'

शिवकुमार ने यह भी तर्क दिया कि अगर कोई परमेश्वर को मुख्यमंत्री बनाने की माँग करता है, तो इसका अर्थ स्वतः ही यह निकलता है कि मौजूदा मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना होगा — और यह सवाल उठाने वाले राजन्ना हैं, न कि वे।

अनसुलझे मुद्दों पर चुप्पी

जब शिवकुमार से पूछा गया कि क्या राजन्ना की टिप्पणियाँ उनकी अधूरी माँगों से उपजे असंतोष का नतीजा हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। एपेक्स बैंक और कर्नाटक मिल्क फेडरेशन से जुड़े अनसुलझे मुद्दों पर टिप्पणी करने से भी उन्होंने इनकार किया और पत्रकारों को मुख्यमंत्री से स्पष्टीकरण माँगने की सलाह दी।

कैबिनेट विस्तार पर स्थिति

कैबिनेट विस्तार और विधायकों की मंत्री पद की माँग को लेकर चल रही अटकलों पर शिवकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि कैबिनेट विस्तार किया जाएगा। उन्होंने इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए भी पत्रकारों को सीधे मुख्यमंत्री के पास भेज दिया।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के भीतर गुटबाज़ी की चर्चाएँ तेज़ हैं। जी. परमेश्वर एक प्रमुख दलित नेता हैं और उनका नाम मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में लिया जाता रहा है। यह विवाद कांग्रेस के उस आंतरिक तनाव को उजागर करता है जो सिद्धारमैया और शिवकुमार खेमों के बीच कार्यकाल की शुरुआत से ही कथित तौर पर बना हुआ है। आगे यह देखना होगा कि क्या पार्टी नेतृत्व इस विवाद को शांत करने में हस्तक्षेप करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजन्ना के बयान को ही उनके खिलाफ पलट दिया। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि कर्नाटक कांग्रेस में 'दो केंद्र' की राजनीति अब खुलकर सामने आ रही है। राजन्ना जैसे सिद्धारमैया के करीबी नेता का परमेश्वर का नाम उछालना दरअसल शिवकुमार के CM दावे को कमज़ोर करने की रणनीति के रूप में पढ़ा जा सकता है। सवाल यह है कि क्या पार्टी हाईकमान इस आंतरिक प्रतिस्पर्धा को चुनावी नुकसान में बदलने से पहले रोक पाएगा।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीके शिवकुमार ने कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर क्या कहा?
शिवकुमार ने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मुख्यमंत्री को बदला जाए। उन्होंने पूर्व मंत्री केएन राजन्ना पर पलटवार करते हुए कहा कि CM बदलाव की बात वे खुद उठा रहे हैं।
केएन राजन्ना को कर्नाटक कैबिनेट से क्यों हटाया गया था?
राजन्ना को राहुल गांधी के 'वोट चोरी' वाले बयान के विपरीत कथित टिप्पणियाँ करने के बाद मंत्रिमंडल से हटाया गया था। राजन्ना ने अप्रत्यक्ष रूप से इसके पीछे शिवकुमार का हाथ होने का आरोप लगाया है।
जी. परमेश्वर कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के दावेदार क्यों माने जाते हैं?
जी. परमेश्वर कर्नाटक के गृह मंत्री और एक प्रमुख दलित नेता हैं। नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में राजन्ना जैसे नेताओं ने उनके नाम का समर्थन किया है, जो दलित मुख्यमंत्री की माँग से जुड़ा है।
कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार कब होगा?
शिवकुमार के अनुसार मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पहले ही कैबिनेट विस्तार का ऐलान कर चुके हैं। हालाँकि विस्तार की कोई निश्चित तारीख अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
कर्नाटक कांग्रेस में सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच विवाद क्या है?
कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के खेमों के बीच कार्यकाल की शुरुआत से ही कथित तौर पर नेतृत्व को लेकर तनाव बना हुआ है। राजन्ना का बयान इसी आंतरिक प्रतिस्पर्धा का ताज़ा उदाहरण माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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