क्या कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अगले तीन दिनों तक जनता से नहीं मिलेंगे?

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क्या कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अगले तीन दिनों तक जनता से नहीं मिलेंगे?

सारांश

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अगले तीन दिनों तक किसी भी सार्वजनिक मुलाकात से दूरी बनाने का फैसला किया है। इस निर्णय के पीछे की वजहें अभी तक स्पष्ट नहीं हैं, जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गई हैं। क्या यह कांग्रेस में चल रही गुटबाजी का संकेत है?

मुख्य बातें

डीके शिवकुमार अगले तीन दिनों तक जनता से नहीं मिलेंगे।
कर्नाटक कांग्रेस में गुटबाजी की खबरें बढ़ रही हैं।
राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना पर चर्चा हो रही है।
कांग्रेस हाईकमान द्वारा बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
डीके शिवकुमार ने पार्टी में गुटबाजी से इनकार किया है।

बेंगलुरु, 21 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अगले तीन दिनों तक किसी भी सार्वजनिक मुलाकात के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। उन्होंने एक बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी।

डीके शिवकुमार द्वारा जारी बयान में कहा गया है, "मैं अन्य व्यस्तताओं के कारण अगले तीन दिनों तक जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं या पार्टी नेताओं से मुलाकात नहीं कर पाऊंगा। इससे होने वाली किसी भी असुविधा के लिए मुझे खेद है।"

हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह क्यों लोगों और पार्टी नेताओं से मुलाकात नहीं कर पाएंगे, लेकिन इस तीन दिनों के ब्रेक को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।

गौरतलब है कि कर्नाटक कांग्रेस में सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा है। पार्टी में आपसी खींचतान और गुटबाजी की खबरें लगातार आ रही हैं। ऐसी चर्चा है कि कांग्रेस हाईकमान राज्य में कुछ बदलाव कर सकता है।

इस बीच, डीके शिवकुमार के करीबी विधायक ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि राज्य के नेतृत्व में बदलाव होना चाहिए।

कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन ने कहा था कि, "वे हाईकमान से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री बदलने का मुद्दा जरूर उठाएंगे। हमें बदलाव चाहिए। हमें डीके शिवकुमार को राज्य का मुख्यमंत्री बनाना है और उन्हें सीएम बनाकर रहेंगे।"

इकबाल हुसैन ने कहा था कि डीके शिवकुमार ने पार्टी के लिए जितनी कुर्बानी दी है, उसे व्यक्त करना मुश्किल है। हम यह स्पष्ट कर रहे हैं कि राज्य का नेतृत्व बदलना होगा।

हालांकि, इससे पहले उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा था कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। मुझे किसी विधायक से सिफारिश की जरूरत नहीं है। अगर कोई नेता पार्टी के अनुशासन के खिलाफ बयान देता है, तो निश्चित रूप से उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के leadership में कोई परिवर्तन नहीं होगा। अगर कोई समस्या होती है तो हम मिलकर उसका समाधान निकाल लेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्थिति कर्नाटक की राजनीति में महत्वपूर्ण है। उपमुख्यमंत्री का मौन रहना और पार्टी में गुटबाजी की चर्चा, दोनों ही इस बात का संकेत हैं कि कांग्रेस को अपनी आंतरिक समस्याओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यह समय उनके लिए एकजुटता का प्रदर्शन करने का है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीके शिवकुमार ने जनता से मिलने से क्यों मना किया?
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वह अन्य व्यस्तताओं के कारण अगले तीन दिनों तक किसी भी सार्वजनिक मुलाकात के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।
क्या कर्नाटक कांग्रेस में गुटबाजी हो रही है?
हां, कर्नाटक कांग्रेस में आपसी खींचतान और गुटबाजी की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे पार्टी की स्थिति चिंताजनक हो गई है।
क्या राज्य में नेतृत्व में बदलाव होगा?
कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन ने कहा कि हाईकमान से इस मुद्दे को उठाया जाएगा, जिससे नेतृत्व में बदलाव की संभावना बनती है।
राष्ट्र प्रेस
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