सूरत पुलिस का 'ऑपरेशन रैम्बो': अवैध हथियारों के साथ 73 गिरफ्तार, 12 थाना क्षेत्रों में छापे

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सूरत पुलिस का 'ऑपरेशन रैम्बो': अवैध हथियारों के साथ 73 गिरफ्तार, 12 थाना क्षेत्रों में छापे

सारांश

सूरत पुलिस का 'ऑपरेशन रैम्बो' महज एक छापेमारी नहीं — यह 12 थाना क्षेत्रों में डेटा-संचालित अभियान था। 73 गिरफ्तारियों में GCTOC और दोहरी हत्या के आरोपी भी शामिल हैं, जो बताता है कि निशाने पर केवल हथियार नहीं, संगठित अपराध का नेटवर्क है।

मुख्य बातें

सूरत पुलिस ने 20 मई 2026 को 'ऑपरेशन रैम्बो' के तहत 73 लोगों को गिरफ्तार किया।
72 आरोपियों के पास चाकू, रैम्बो चाकू, छुरा और तलवार जैसे घातक हथियार बरामद; गुजरात पुलिस एक्ट की धारा 135 के तहत 72 मामले दर्ज।
अभियान 12 थाना क्षेत्रों में चला; सर्वाधिक 14 मामले लिम्बायत में दर्ज।
एक आरोपी GCTOC एक्ट और दोहरी हत्या के मामलों में पहले से निष्कासित था।
अभियान पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत के निर्देश पर SOG ने चलाया।

सूरत शहर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने 20 मई 2026 को अवैध हथियारों के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान 'ऑपरेशन रैम्बो' के तहत 73 लोगों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में कई ऐसे व्यक्ति शामिल हैं जिन पर हत्या, डकैती और नशा तस्करी जैसे गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।

अभियान की पृष्ठभूमि

यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत के निर्देश पर शुरू की गई। शहर में तलवार, चाकू और छुरे जैसे घातक हथियारों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए पुलिस ने हथियार प्रतिबंध अधिसूचना को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया। पुलिस के बयान के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाना और नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना था।

अभियान की रणनीति और टीमें

SOG के डिप्टी पुलिस कमिश्नर राजदीपसिंह नाकुम और पुलिस इंस्पेक्टर ए.एस. सोनारा ने उन थाना क्षेत्रों का डेटा एकत्र किया जहाँ हाल ही में हत्या, मारपीट और डकैती के गंभीर मामले दर्ज हुए थे। इस विश्लेषण के आधार पर SOG इंस्पेक्टर एम.एम. परमार और के.ए. सावलिया के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बनाई गईं और चिन्हित अपराध-प्रभावित इलाकों में अचानक जाँच अभियान चलाया गया।

मुख्य घटनाक्रम और गिरफ्तारियाँ

टीमों ने लिम्बायत, उधना, चौकबाजार, अठवा, भेस्तान, पूना, महिधरपुरा, गोदादरा, रांदेर, सलाबतपुरा, अडाजन और लालगेट — कुल 12 थाना क्षेत्रों में छापे मारे। अधिकारियों के अनुसार, 72 लोगों को चाकू, रैम्बो चाकू, छुरा और तलवार जैसे घातक हथियारों के साथ पकड़ा गया और पुलिस कमिश्नर की हथियार प्रतिबंध अधिसूचना के उल्लंघन में मामले दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त एक निष्कासित अपराधी को भी पकड़ा गया और उसके विरुद्ध अलग से आदेश उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या 73 हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि एक आरोपी डिंडोली पुलिस स्टेशन में दर्ज मारपीट के मामले में वांछित था, जबकि एक अन्य को गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (GCTOC) और दोहरी हत्या के मामलों में पहले ही निष्कासित किया जा चुका था।

थानेवार आँकड़े

कुल 72 मामले गुजरात पुलिस एक्ट की धारा 135 के तहत दर्ज किए गए। थानेवार आँकड़ों के अनुसार, लिम्बायत में सर्वाधिक 14 मामले, भेस्तान में 13, सलाबतपुरा में 11, रांदेर में 9, गोदादरा में 6, चौकबाजार और अठवा में 5-5, महिधरपुरा और लालगेट में 3-3, तथा उधना, पूना और अडाजन में 1-1 मामला दर्ज हुआ।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील इलाकों में जारी रहेगा। गौरतलब है कि पकड़े गए कई आरोपियों के विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, मोबाइल छिनैती, अवैध हथियार रखने और GCTOC एक्ट जैसे एकाधिक गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं — जो दर्शाता है कि यह अभियान केवल हथियार जब्ती तक सीमित नहीं, बल्कि संगठित अपराध पर भी नजर रखे हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसके डेटा-संचालित तरीके में है — पुलिस ने पहले अपराध-प्रभावित थाना क्षेत्रों का विश्लेषण किया, फिर छापे मारे। यह पुरानी 'रेंडम चेकिंग' से अलग रणनीति है। हालाँकि, GCTOC जैसे गंभीर कानूनों के आरोपियों का हथियार प्रतिबंध अधिसूचना के उल्लंघन में पकड़ा जाना एक सवाल भी खड़ा करता है — क्या ये लोग पहले से निगरानी में थे और समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? दीर्घकालिक प्रभाव के लिए जरूरी है कि गिरफ्तारी के बाद अभियोजन की दर भी उतनी ही मजबूत हो।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ऑपरेशन रैम्बो' क्या है और इसे क्यों चलाया गया?
'ऑपरेशन रैम्बो' सूरत शहर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप द्वारा 20 मई 2026 को चलाया गया विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य शहर में अवैध हथियारों के बढ़ते इस्तेमाल पर रोक लगाना और हथियार प्रतिबंध अधिसूचना को सख्ती से लागू करना था। यह अभियान पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत के निर्देश पर शुरू किया गया।
ऑपरेशन रैम्बो में कितने लोग गिरफ्तार हुए और उनके खिलाफ क्या मामले दर्ज हैं?
इस अभियान में कुल 73 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 72 आरोपियों के विरुद्ध गुजरात पुलिस एक्ट की धारा 135 के तहत हथियार प्रतिबंध उल्लंघन के मामले दर्ज हैं, जबकि एक निष्कासित अपराधी पर अलग से आदेश उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया। पकड़े गए कई आरोपियों पर हत्या, डकैती, नशा तस्करी और GCTOC एक्ट के तहत पुराने मामले भी दर्ज हैं।
किन थाना क्षेत्रों में सबसे ज़्यादा मामले दर्ज हुए?
लिम्बायत में सर्वाधिक 14 मामले दर्ज हुए, उसके बाद भेस्तान में 13 और सलाबतपुरा में 11 मामले दर्ज किए गए। कुल मिलाकर 12 थाना क्षेत्रों में यह अभियान चलाया गया।
GCTOC एक्ट क्या है और इस अभियान में इसका क्या संबंध है?
गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (GCTOC) गुजरात सरकार का वह कानून है जो संगठित अपराध और आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए बनाया गया है। इस अभियान में पकड़े गए एक आरोपी को GCTOC और दोहरी हत्या के मामलों में पहले ही निष्कासित किया जा चुका था, जो दर्शाता है कि अभियान के दायरे में गंभीर अपराधी भी थे।
क्या यह अभियान आगे भी जारी रहेगा?
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन रैम्बो' जैसे अभियान सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील इलाकों में जारी रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य असामाजिक तत्वों को रोकना और नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना है।
राष्ट्र प्रेस
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