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ऑपरेशन 'रैम्बो': सूरत के 11 थाना क्षेत्रों से 72 आरोपी गिरफ्तार, छरियाँ-तलवारें बरामद

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ऑपरेशन 'रैम्बो': सूरत के 11 थाना क्षेत्रों से 72 आरोपी गिरफ्तार, छरियाँ-तलवारें बरामद

सारांश

सूरत पुलिस की SOG ने 'ऑपरेशन रैम्बो' में एक ही दिन 11 थानों से 72 अपराधियों को दबोचा — जिनमें एक डबल मर्डर केस का मुख्य आरोपी भी शामिल है। सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाकर दहशत फैलाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर यह कार्रवाई सीधा प्रहार है।

मुख्य बातें

सूरत SOG ने 20 मई को 'ऑपरेशन रैम्बो' के तहत शहर के 11 थाना क्षेत्रों से 72 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
सर्वाधिक गिरफ्तारियाँ लिंबायत ( 14 ), भेस्तान ( 13 ) और सलाबतपुरा ( 11 ) थानों से हुईं।
आरोपियों के पास से छरियाँ , रैम्बो छरियाँ और तलवारें बरामद की गईं।
'गुजसी टॉक डबल मर्डर' का मुख्य आरोपी आसिफ तलवार और डिंडोली चाकूबाजी मामले का वांटेड अरबाज आलम खान पठान गिरफ्तार।
डीसीपी राजदीप सिंह नकुम ने सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाने वाले अपराधियों को 'स्पेशल ट्रीटमेंट' की चेतावनी दी।

सूरत पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने 20 मई को 'ऑपरेशन रैम्बो' के तहत शहर के 11 थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी कर 72 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये सभी आरोपी कथित तौर पर सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाकर आम जनता में दहशत फैलाते थे और इनका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।

ऑपरेशन का विस्तार और गिरफ्तारियाँ

SOG के डीसीपी राजदीप सिंह नकुम ने बताया कि यह अभियान पूरे सूरत शहर में एक साथ चलाया गया। लिंबायत थाना क्षेत्र से सर्वाधिक 14 आरोपी, भेस्तान थाना से 13 आरोपी और सलाबतपुरा थाना से 11 आरोपी पकड़े गए। शेष आरोपी शहर के अन्य सात थाना क्षेत्रों से गिरफ्तार किए गए।

गौरतलब है कि पुलिस इन अपराधियों पर लंबे समय से नज़र रख रही थी। पकड़े गए सभी आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है।

बरामद हथियार

गिरफ्तार आरोपियों के पास से छरियाँ, रैम्बो छरियाँ और तलवारें सहित कई धारदार और घातक हथियार जब्त किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार ये अपराधी इन हथियारों के साथ खुलेआम सार्वजनिक स्थानों पर घूमते थे।

दो प्रमुख गिरफ्तारियाँ

इस ऑपरेशन में दो विशेष रूप से उल्लेखनीय गिरफ्तारियाँ हुई हैं। पहला आरोपी आसिफ तलवार है, जो एक तड़ीपार अपराधी है और कुख्यात 'गुजसी टॉक डबल मर्डर' मामले का मुख्य आरोपी बताया जाता है। दूसरा आरोपी अरबाज आलम खान पठान है, जो डिंडोली इलाके में चाकूबाजी और मारपीट के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था।

सोशल मीडिया रील बनाने वालों को चेतावनी

डीसीपी नकुम ने सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाने वाले तथाकथित 'सोशल मीडिया रॉकर्स' को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जो अपराधी सरेआम हथियार लेकर घूमते हैं या सोशल मीडिया पर धौंस जमाते हैं, उन्हें या तो सुधर जाना होगा — वरना पुलिस उन्हें पकड़कर ऐसा 'स्पेशल ट्रीटमेंट' देगी कि वे अपराध भूल जाएंगे।

आगे की कार्रवाई

सूरत पुलिस के अनुसार यह अभियान जारी रहेगा और शहर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। यह ऑपरेशन उस बढ़ती प्रवृत्ति के विरुद्ध है जिसमें अपराधी सोशल मीडिया को अपनी दहशत फैलाने के औज़ार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन 72 गिरफ्तारियों में से कितने मामले अदालत में टिकेंगे। सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाना एक उभरती हुई चुनौती है जिसे पुलिस ने सही पहचाना है — परंतु 'स्पेशल ट्रीटमेंट' जैसी भाषा कानूनी प्रक्रिया की सीमाओं को लेकर सवाल खड़े करती है। बड़े पैमाने की एक साथ गिरफ्तारियाँ अक्सर त्वरित जमानत और मामलों के कमज़ोर पड़ने में बदल जाती हैं — जब तक कि प्रत्येक मामले में ठोस साक्ष्य न हो।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन रैम्बो क्या है और इसे क्यों चलाया गया?
ऑपरेशन रैम्बो सूरत पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) द्वारा 20 मई को चलाया गया एक एक साथ शहरव्यापी अभियान है। इसका उद्देश्य उन अपराधियों पर नकेल कसना था जो सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर घूमते थे और सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाकर दहशत फैलाते थे।
ऑपरेशन रैम्बो में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए और कहाँ से?
इस ऑपरेशन में सूरत के 11 थाना क्षेत्रों से कुल 72 आरोपी गिरफ्तार किए गए। सबसे अधिक गिरफ्तारियाँ लिंबायत (14), भेस्तान (13) और सलाबतपुरा (11) थानों से हुईं।
इस ऑपरेशन में कौन-से हथियार बरामद हुए?
गिरफ्तार आरोपियों के पास से छरियाँ, रैम्बो छरियाँ और तलवारें बरामद की गईं। ये सभी धारदार और घातक हथियार हैं जिनका उपयोग कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से दहशत फैलाने के लिए किया जाता था।
ऑपरेशन रैम्बो की दो प्रमुख गिरफ्तारियाँ कौन हैं?
पहला प्रमुख आरोपी आसिफ तलवार है, जो कुख्यात 'गुजसी टॉक डबल मर्डर' मामले का मुख्य आरोपी और तड़ीपार अपराधी बताया जाता है। दूसरा अरबाज आलम खान पठान है, जो डिंडोली इलाके में चाकूबाजी और मारपीट के मामले में लंबे समय से वांटेड था।
सूरत पुलिस ने सोशल मीडिया पर रील बनाने वाले अपराधियों को क्या चेतावनी दी है?
डीसीपी राजदीप सिंह नकुम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो अपराधी हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर रील बनाकर धौंस जमाते हैं, उन्हें या तो सुधरना होगा — वरना पुलिस उन्हें 'स्पेशल ट्रीटमेंट' देगी। यह चेतावनी तथाकथित 'सोशल मीडिया रॉकर्स' के बढ़ते चलन को रोकने के उद्देश्य से दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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