सूरत में लोहे की छड़ चोरी गिरोह का भंडाफोड़: SOG ने 4 गिरफ्तार किए, 71.52 लाख का माल जब्त
सारांश
Key Takeaways
- सूरत SOG ने 23 अप्रैल को डिंडोली इलाके में छापेमारी कर लोहे की छड़ चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
- कुल 71.52 लाख रुपए से अधिक मूल्य का सामान जब्त, जिसमें 59,910 किलो TMT रॉड, ट्रेलर और कार शामिल।
- चार आरोपी गिरफ्तार — भेराराम जाखड़, निम्बाराम जाखड़, प्रदीप त्रिपाठी और प्रदीप शर्मा।
- मुख्य सरगना जीतू और राजन तिवारी अभी फरार, पुलिस तलाश में जुटी।
- गिरोह ट्रांसपोर्ट के दौरान माल चुराकर बिल्डरों और व्यापारियों को सस्ते दामों पर बेचता था।
- डिंडोली थाने में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज, खरीदारों पर भी कार्रवाई की चेतावनी।
सूरत, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के सूरत शहर में सिटी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक सुनियोजित लोहे की छड़ चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डिंडोली इलाके में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 71.52 लाख रुपए से अधिक मूल्य का सामान और वाहन बरामद किए हैं। यह गिरोह ट्रकों और ट्रेलरों में लाई जा रही TMT लोहे की छड़ों को रास्ते में निकालकर कम दामों पर बेचता था।
कैसे हुई कार्रवाई
गुरुवार को मिली खुफिया सूचना के आधार पर SOG टीम ने भाग्यलक्ष्मी सोसाइटी के निकट छापेमारी की। इस दौरान वहां से 59,910 किलोग्राम TMT लोहे की छड़ें बरामद की गईं, जिनकी बाजार कीमत 32.95 लाख रुपए आंकी गई है।
पुलिस ने मौके से एक ट्रेलर (33 लाख रुपए), एक कार (5 लाख रुपए), चार मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की। कुल जब्त संपत्ति का मूल्य 71.52 लाख रुपए से अधिक बताया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने जिन चार आरोपियों को हिरासत में लिया है उनमें भेराराम जाखड़ (25 वर्ष) और निम्बाराम जाखड़ (22 वर्ष) — दोनों बाड़मेर, राजस्थान के निवासी — शामिल हैं। इनके अलावा प्रदीप त्रिपाठी (30 वर्ष), जो डिंडोली में रहते हैं और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हैं, तथा प्रदीप शर्मा (33 वर्ष), जो डिंडोली निवासी और मूल रूप से राजस्थान के हैं, को भी गिरफ्तार किया गया है।
प्रारंभिक जांच में दो मुख्य सरगना — जीतू और राजन तिवारी — के नाम सामने आए हैं, जो अभी तक फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
गिरोह का तरीकावार
डीसीपी राजदीपसिंह नाकुम ने बताया कि यह एक सुनियोजित षड्यंत्र था, जिसमें ट्रांसपोर्ट के दौरान माल में हेरफेर कर चोरी की जाती थी। आरोपी ट्रकों और ट्रेलरों से लोहे की छड़ें निकालकर उन्हें बिल्डरों और व्यापारियों को कम कीमत पर बेच देते थे।
पुलिस का मानना है कि पूछताछ के बाद चोरी का माल खरीदने वाले बिल्डरों और व्यापारियों की भी पहचान हो सकती है। यह जांच का एक अहम पहलू है, क्योंकि इस तरह के गिरोह बिना खरीदारों के नेटवर्क के नहीं चल सकते।
कानूनी कार्रवाई और व्यापक असर
इस मामले में डिंडोली थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह सूरत के अन्य इलाकों या अन्य शहरों में भी इसी तरह की चोरी को अंजाम देता था।
गौरतलब है कि निर्माण सामग्री की चोरी, खासकर TMT स्टील रॉड की, गुजरात के औद्योगिक और निर्माण-प्रधान शहरों में बढ़ती चिंता का विषय बन रही है। सूरत जैसे तेज़ी से विकसित होते शहर में जहां बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चलता है, वहां इस तरह के गिरोह आपूर्ति श्रृंखला में सेंध लगाकर न केवल व्यापारियों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा को भी खतरे में डालते हैं — क्योंकि कम कीमत पर खरीदा गया चोरी का माल निर्माण में उपयोग होने पर गुणवत्ता मानकों की अनदेखी का जोखिम बढ़ाता है।
पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि चोरी का माल खरीदने वाले किसी भी व्यक्ति या व्यापारी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी का माल खरीदने वाले नेटवर्क का खुलासा इस मामले को और बड़ा रूप दे सकता है।