आप पर से पंजाब की जनता का विश्वास उठा — राघव चड्ढा समेत 3 सांसदों के भाजपा में जाने पर बोले सुनील जाखड़

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आप पर से पंजाब की जनता का विश्वास उठा — राघव चड्ढा समेत 3 सांसदों के भाजपा में जाने पर बोले सुनील जाखड़

सारांश

भाजपा के पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब की जनता का आप पर से भरोसा खत्म हो चुका है। राघव चड्ढा समेत तीन आप सांसद भाजपा में शामिल हुए। आप ने इसे 'ऑपरेशन लोटस' बताया। संजय सिंह ने कहा — पंजाब की जनता यह धोखा नहीं भूलेगी।

Key Takeaways

  • भाजपा के पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने 24 अप्रैल 2025 को कहा कि पंजाब की जनता का आप पर से विश्वास पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
  • राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने की घोषणा की।
  • राघव चड्ढा के अनुसार राज्यसभा में आप के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने भाजपा में विलय किया और सात सांसदों ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।
  • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में मिठाई खिलाकर तीनों सांसदों का स्वागत किया।
  • आम आदमी पार्टी ने इसे 'ऑपरेशन लोटस' बताते हुए ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
  • आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि यह पंजाब की जनता के साथ धोखा है और जनता इसे कभी नहीं भूलेगी।

चंडीगढ़, 24 अप्रैलभारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब की जनता का 'आप' पर से विश्वास पूरी तरह समाप्त हो चुका है। उनका यह बयान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक के आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने के ठीक बाद आया।

जाखड़ का सीधा प्रहार — 'डूबती नाव छोड़ रहे हैं नेता'

सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, "उन सभी सांसदों का हार्दिक स्वागत है जिन्होंने सही समय पर डूबती हुई आम आदमी पार्टी को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि आप के कुशासन, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की बदतर स्थिति ने पहले ही पंजाब की जनता का पार्टी से मोहभंग करा दिया था। अब पार्टी के भीतर के नेक इरादे वाले नेता भी इस पार्टी को छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं।

राघव चड्ढा का भाजपा में प्रवेश — क्या हुआ दिल्ली में

राघव चड्ढा शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। अशोक मित्तल और संदीप पाठक भी इस दौरान उनके साथ मौजूद थे। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने तीनों को मिठाई खिलाकर औपचारिक स्वागत किया।

इससे पहले राघव चड्ढा ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि राज्यसभा में आप के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने भाजपा में विलय कर लिया है। उन्होंने कहा कि सात सांसदों ने उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए जो राज्यसभा अध्यक्ष को सौंपा गया। राघव चड्ढा ने दो अन्य सांसदों के साथ व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज सौंपे।

आप का पलटवार — 'ऑपरेशन लोटस' का आरोप

आम आदमी पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा का 'ऑपरेशन लोटस' करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का भय दिखाकर आप नेताओं को तोड़ने की सुनियोजित साजिश रची गई।

आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि 'ऑपरेशन लोटस' के जरिए भाजपा पंजाब की भगवंत मान सरकार को अस्थिर करना चाहती है। उन्होंने इसे पंजाब और वहां की जनता के साथ सीधा धोखा बताया और कहा कि पंजाब की जनता इसे कभी नहीं भूलेगी।

गहरा विश्लेषण — यह टूट क्या संकेत देती है?

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब आम आदमी पार्टी पहले से ही दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार झेल चुकी है और अरविंद केजरीवाल की राजनीतिक साख पर सवाल उठ रहे हैं। राज्यसभा में आप की संख्या का इस तरह सिकुड़ना पार्टी की संसदीय ताकत को कमजोर करता है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पंजाब में भगवंत मान सरकार के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर बनने के संकेत मिल रहे हैं। आप के भीतर से ही नेताओं का पलायन यह दर्शाता है कि पार्टी की आंतरिक एकजुटता दरक रही है। गौरतलब है कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आप को ऐतिहासिक बहुमत मिला था, लेकिन महज तीन वर्षों में यह स्थिति बदल गई।

आने वाले दिनों में राज्यसभा अध्यक्ष द्वारा विलय की याचिका पर लिया गया निर्णय और आप की ओर से संभावित कानूनी चुनौती इस राजनीतिक नाटक का अगला अध्याय तय करेगी।

Point of View

बल्कि यह उस पार्टी की आंतरिक दरार का प्रतीक है जो 2022 में पंजाब में 'क्रांति' लेकर आई थी। विडंबना यह है कि जो पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के नाम पर सत्ता में आई, वह आज खुद भ्रष्टाचार और कुशासन के आरोपों से घिरी है। 'ऑपरेशन लोटस' का आरोप चाहे जितना भी सच हो, यह तथ्य नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि दिल्ली की हार के बाद पंजाब ही आप का आखिरी बड़ा किला है — और वहां भी जमीन खिसकती दिख रही है। राष्ट्रीय राजनीति में यह संदेश साफ है: जनादेश का दुरुपयोग करने वाली पार्टियां, चाहे किसी भी विचारधारा की हों, अंततः अपने ही नेताओं के हाथों कमजोर होती हैं।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

सुनील जाखड़ ने आम आदमी पार्टी के बारे में क्या कहा?
भाजपा के पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब की जनता का आप पर से विश्वास पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने आप के कुशासन, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की विफलता को इसका मुख्य कारण बताया।
राघव चड्ढा ने आप क्यों छोड़ी और भाजपा में कब शामिल हुए?
राघव चड्ढा ने 24 अप्रैल 2025 को आप से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने की घोषणा की। उन्होंने राज्यसभा में आप के दो-तिहाई से अधिक सांसदों के भाजपा में विलय की जानकारी दी और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की।
आम आदमी पार्टी ने 'ऑपरेशन लोटस' क्या बताया?
आप ने आरोप लगाया कि भाजपा ने ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का डर दिखाकर आप नेताओं को तोड़ने की साजिश रची। पार्टी ने इसे पंजाब की भगवंत मान सरकार को अस्थिर करने की कोशिश बताया।
राज्यसभा में आप के कितने सांसदों ने भाजपा में विलय किया?
राघव चड्ढा के अनुसार, राज्यसभा में आप के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने भाजपा में विलय किया और सात सांसदों ने राज्यसभा अध्यक्ष को सौंपे जाने वाले दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने व्यक्तिगत रूप से दस्तावेज सौंपे।
क्या पंजाब की भगवंत मान सरकार को इससे खतरा है?
आप सांसद संजय सिंह ने दावा किया कि भाजपा 'ऑपरेशन लोटस' के जरिए पंजाब की भगवंत मान सरकार को अस्थिर करना चाहती है। हालांकि, विधानसभा में आप के पास अभी भी बहुमत है, इसलिए सरकार को तत्काल खतरा नहीं है।
Nation Press