झारखंड: हेमंत सोरेन ने बेहतर पंचायतों को दिए ₹9 करोड़, आधार सेवाएं भी होंगी गांव तक
सारांश
Key Takeaways
- झारखंड CM हेमंत सोरेन ने 24 अप्रैल 2025 को रांची में श्रेष्ठ पंचायतों को ₹9 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की।
- UIDAI के साथ समझौते के तहत अब पंचायत स्तर पर आधार कार्ड सेवाएं मिलेंगी, ग्रामीणों को शहर नहीं जाना पड़ेगा।
- मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के लिए पुराने तालाबों के गहरीकरण और शॉकपिट निर्माण की सलाह दी।
- सरकार ने घोषणा की कि सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली राज्य सरकार खरीदेगी।
- संताल परगना में लिफ्ट सिंचाई योजनाओं का विस्तार और पंचायत स्तर तक प्रशासनिक नेटवर्क मजबूत किया जाएगा।
- मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भूख से मौत की कोई घटना नहीं हुई।
रांची, 24 अप्रैल। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को रांची के टाना भगत स्टेडियम, खेलगांव में आयोजित 'मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार सह मुखिया सम्मेलन' में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के बीच कुल ₹9 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता में अंतिम पंक्ति का व्यक्ति और सुदूर गांव सबसे ऊपर हैं।
पुरस्कार वितरण: किसे मिला क्या?
इस समारोह में ग्राम पंचायतों, ग्राम सभाओं, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को विभिन्न श्रेणियों में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। यह पुरस्कार उन संस्थाओं को दिया गया जिन्होंने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, स्वच्छता, जल प्रबंधन और ग्रामीण विकास में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सरकार और आम जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी सक्रियता और कार्यकुशलता से ही विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जमीन पर संभव हो पाता है।
UIDAI समझौता: अब गांव में मिलेगी आधार सेवा
कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के साथ 'टर्म्स ऑफ एंगेजमेंट' के तहत एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के अंतर्गत अब पंचायत स्तर पर ही आधार कार्ड से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसका सीधा लाभ यह होगा कि ग्रामीणों को आधार संबंधी कार्यों के लिए शहर या ब्लॉक मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा। यह कदम विशेष रूप से झारखंड के आदिवासी और दूरदराज क्षेत्रों के निवासियों के लिए राहतकारी साबित होगा।
जल संरक्षण और सौर ऊर्जा पर जोर
हेमंत सोरेन ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्थानीय जरूरतों का उल्लेख करते हुए जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने पुराने तालाबों के गहरीकरण और चापानलों के पास शॉकपिट निर्माण की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया और कहा कि यदि ग्रामीण सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन करते हैं, तो राज्य सरकार उस बिजली की खरीद करेगी। यह ऊर्जा स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीतिगत घोषणा है।
पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना, विकास का दावा
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि पहले लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भूख से मौत की एक भी घटना दर्ज नहीं हुई है।
संताल परगना क्षेत्र में शुरू की गई लिफ्ट सिंचाई योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर तक एक मजबूत प्रशासनिक नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी अब पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहे हैं।
व्यापक संदर्भ: पंचायती राज को मजबूत करने की राष्ट्रीय प्रवृत्ति
गौरतलब है कि 24 अप्रैल को देशभर में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। इसी दिन यह आयोजन करना राजनीतिक रूप से भी सांकेतिक है। झारखंड जैसे राज्य में जहां लगभग 26%25 जनसंख्या अनुसूचित जनजाति की है, पंचायत स्तर पर सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना सामाजिक न्याय का भी प्रश्न है।
विशेषज्ञों का मानना है कि UIDAI के साथ यह समझौता झारखंड को डिजिटल इंडिया मिशन के साथ जोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम है। हालांकि आलोचकों का कहना है कि घोषणाओं और जमीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई को पाटना ही असली चुनौती है।
आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पंचायत स्तर पर आधार सेवाओं का विस्तार कितनी तेजी से होता है और प्रोत्साहन राशि पाने वाली पंचायतें अपने विकास मॉडल को कैसे आगे बढ़ाती हैं।