भारत-इटली संबंध निर्णायक मोड़ पर: मोदी-मेलोनी का संयुक्त ओप-एड, 2029 तक ₹20 अरब यूरो व्यापार लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने 20 मई 2026 को एक संयुक्त ओप-एड प्रकाशित कर घोषणा की कि भारत-इटली द्विपक्षीय संबंध अब एक निर्णायक और परिवर्तनकारी चरण में प्रवेश कर चुके हैं। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह साझेदारी अब महज कूटनीतिक सौहार्द से आगे बढ़कर स्वतंत्रता, लोकतंत्र और भविष्य के साझा विजन पर आधारित एक स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का रूप ले चुकी है।
संयुक्त ओप-एड की मुख्य बातें
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यह ओप-एड साझा करते हुए लिखा, 'पीएम मेलोनी के साथ एक ओप-एड लिखा है कि भारत-इटली के संबंध कैसे एक अहम मोड़ पर पहुंच गए हैं। हमारी एक स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप है जो नवाचार, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और भविष्य के लिए एक समान दृष्टिकोण पर चलती है।' दोनों नेताओं ने रेखांकित किया कि हाल के वर्षों में रिश्तों में अभूतपूर्व तेजी आई है।
आर्थिक और औद्योगिक सहयोग का रोडमैप
ओप-एड में द्विपक्षीय व्यापार को 2029 तक 20 अरब यूरो तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और निवेश लक्ष्यों के माध्यम से हासिल किया जाएगा। दोनों नेताओं ने 'मेड इन इटली' और 'मेक इन इंडिया' की औद्योगिक ताकतों को एकजुट करने की बात कही। उन्होंने बताया कि दोनों देशों में एक-दूसरे की कंपनियों की संख्या 1,000 से अधिक हो चुकी है, जो सप्लाई चेन एकीकरण को और मजबूत करेगी।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ पुनर्गठित हो रही हैं और पश्चिमी देश भरोसेमंद साझेदारों की तलाश में हैं। गौरतलब है कि इटली G7 का सदस्य है और भारत के लिए यूरोपीय बाज़ार में प्रवेश का एक महत्वपूर्ण द्वार भी।
तकनीक, अंतरिक्ष और रक्षा सहयोग
ओप-एड में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, उन्नत निर्माण और डिजिटल अवसंरचना को साझेदारी का केंद्र बताया गया। भारत की MANAV (मानव) अवधारणा और इटली की 'AlgorEthics' पहल को मानव-केंद्रित AI विकास का मार्गदर्शक बताया गया। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि AI न तो लोगों की जगह ले सकती है, न उनके मौलिक अधिकारों को कमज़ोर कर सकती है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की सैटेलाइट और स्पेस टेक्नोलॉजी में प्रगति तथा इटली की एयरोस्पेस विशेषज्ञता को मिलाकर संयुक्त परियोजनाओं के अवसर तलाशे जाएंगे। रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक तकनीक में सहयोग के साथ-साथ महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा, आतंकवाद, साइबर क्राइम और मानव तस्करी जैसे खतरों से मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता जताई गई।
ऊर्जा और कनेक्टिविटी का साझा एजेंडा
ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देश रिन्यूएबल एनर्जी, हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी और स्मार्ट ग्रिड में साथ काम कर रहे हैं। भारत की ग्रीन हाइड्रोजन एक्सपोर्ट हब बनने की पहल को इटली की एडवांस्ड रिन्यूएबल टेक्नोलॉजी और यूरोप के लिए एनर्जी गेटवे की भूमिका के साथ पूरकता मिलती है।
कनेक्टिविटी के संदर्भ में इंडो-मेडिटेरेनियन कॉरिडोर और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) की रणनीतिक और आर्थिक महत्ता को रेखांकित किया गया। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक और मेडिटेरेनियन क्षेत्रों को अलग-अलग नहीं, बल्कि परस्पर जुड़े हुए क्षेत्रों के रूप में देखने की वकालत की।
सांस्कृतिक और सभ्यतागत आधार
दोनों नेताओं ने भारतीय दर्शन की अवधारणाओं 'धर्म' और 'वसुधैव कुटुम्बकम' तथा इटली की मानवतावादी परंपराओं को इस साझेदारी का वैचारिक आधार बताया। उन्होंने कहा कि हजारों साल पुरानी सभ्यतागत समझ दोनों देशों को वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने की शक्ति देती है। आगे देखें तो इस ओप-एड के बाद दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय बैठकों और क्षेत्रीय समझौतों की श्रृंखला की उम्मीद है।