पीयूष गोयल का राहुल गांधी पर पलटवार: 'भारत में बनी हर वस्तु से इतनी नफरत क्यों?'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 20 मई 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नेता विपक्ष राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया और पूछा — 'राहुल गांधी को भारत और भारत में बनी हर वस्तु से इतनी नफरत क्यों है?' यह प्रतिक्रिया उस बयान के जवाब में आई जिसमें राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इटली दौरे के दौरान इतालवी समकक्ष को भारतीय टॉफी 'मेलोडी' भेंट करने पर कटाक्ष किया था।
विवाद की जड़: मेलोडी टॉफी और मेलोनी
प्रधानमंत्री मोदी अपने पाँच देशों के दौरे के अंतिम चरण में इटली पहुँचे। रोम में इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मुलाकात में पीएम मोदी ने मेलोनी को भारत में निर्मित 'मेलोडी' टॉफी का पैकेट भेंट किया — एक प्रतीकात्मक कदम जिसे 'मेड इन इंडिया' के संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है।
मेलोनी ने एक्स पर 12 सेकंड की वीडियो क्लिप साझा की जिसमें उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी हमारे लिए बहुत अच्छा गिफ्ट लेकर आए हैं। ये टॉफियाँ हैं जो बहुत स्वादिष्ट हैं।' क्लिप में पीएम मोदी 'मेलोडी' लिखा पैकेट उठाते दिख रहे हैं।
राहुल गांधी का कटाक्ष
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटनाक्रम पर तंज कसते हुए कहा, 'आर्थिक तूफान सर पर है, और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफी बांट रहे हैं!' उनका यह बयान वैश्विक व्यापार तनाव और घरेलू आर्थिक दबाव की पृष्ठभूमि में आया।
गोयल की प्रतिक्रिया: 'लोकल गोज़ ग्लोबल'
केंद्रीय मंत्री गोयल ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'भारत आज मेड इन इंडिया और लोकल गोज़ ग्लोबल के माध्यम से दुनिया का ट्रस्टेड डेस्टिनेशन बना है, लेकिन कांग्रेस को हर भारतीय उपलब्धि में समस्या ही दिखाई देती है।' उन्होंने आगे कहा, 'जिस वैश्विक सम्मान, निवेश और भरोसे के लिए देश दशकों तक इंतज़ार करता रहा, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत अर्जित कर रहा है तो वह राहुल गांधी से सहन नहीं हो रहा।'
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब भारत-इटली द्विपक्षीय संबंध कूटनीतिक रूप से सक्रिय चरण में हैं और 'मेड इन इंडिया' ब्रांडिंग केंद्र सरकार की विदेश नीति का हिस्सा बनती जा रही है। आलोचकों का कहना है कि एक टॉफी पैकेट को कूटनीतिक उपहार के रूप में पेश करना प्रतीकात्मक राजनीति का उदाहरण है, जबकि सत्तापक्ष इसे भारतीय उत्पादों के वैश्विक प्रचार के रूप में देखता है। यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच पीएम के विदेश दौरों की उपयोगिता को लेकर नोकझोंक हुई हो।
आगे क्या
पीएम मोदी का पाँच देशों का दौरा जारी है और इटली इसका अंतिम पड़ाव है। इस दौरे से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश पर आगे की घोषणाएँ अपेक्षित हैं। राजनीतिक बहस के बीच 'मेलोडी' टॉफी प्रसंग सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।