राहुल गांधी के PM मोदी पर विवादित बयान से सियासत गरम, भाजपा का 'गद्दारी परंपरा' पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार, 20 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में एक विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद नई दिल्ली की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेताओं ने राहुल पर कड़ा हमला बोला, जबकि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने उनका बचाव किया।
भाजपा प्रवक्ता का पलटवार
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि राहुल गांधी के ऐसे बयान उनके पारिवारिक परिवेश की उपज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों ने जो किया, उसे उनका परिवार गद्दारी नहीं, बल्कि उपलब्धि मानता है — इसीलिए वर्तमान प्रधानमंत्री को 'गद्दार' कहने में राहुल को कोई संकोच नहीं होता।
आलोक ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू किया, पाकिस्तान को झेलम और चिनाब नदी का 80 प्रतिशत पानी दिया, 1962 के चीन युद्ध में भारतीय वायुसेना को हमले का आदेश नहीं दिया और तिब्बत की जगह चीन को मान्यता दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इंदिरा गांधी ने संसद के रिकॉर्ड में पाकिस्तान को परमाणु जानकारी देने का उल्लेख किया, आपातकाल लगाया और ऑपरेशन ब्लू स्टार के ज़रिए सिखों की भावनाओं को ठेस पहुँचाई। उनके अनुसार 1984 के सिख-विरोधी दंगों में दस हजार से अधिक सिखों की जान गई।
आलोक ने राजीव गांधी पर बोफोर्स घोटाले और श्रीलंका में प्रभाकरन को हथियार देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने सोनिया गांधी पर चीन के साथ कांग्रेस पार्टी का समझौता कराने और यूपीए शासनकाल में 2010 में 78 आतंकवादियों को रिहा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा पेगासस, हिंडनबर्ग और विदेश में देश की संस्थाओं को बदनाम करने जैसे मुद्दों पर बयानबाज़ी जारी है और उन्होंने जनता से ऐसे नेताओं को नकारने की अपील की।
ओडिशा और यूपी के नेताओं की प्रतिक्रिया
ओडिशा के मंत्री नित्यानंद गोंड ने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों को भली-भाँति समझती है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था सुधर रही है, भारत विश्व मंच पर आगे बढ़ रहा है और राहुल गांधी जैसे नेता देश की प्रगति में बाधक हैं।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि राहुल गांधी को एक बार भारतीय संस्कृति का गहन अध्ययन करना चाहिए।
महबूबा मुफ्ती का बचाव
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने राहुल गांधी का पक्ष लेते हुए कहा कि 2014 के बाद से भाजपा हर व्यक्ति को 'गद्दार' बताती रही है और उस समय कोई शोर नहीं मचा। उन्होंने कहा, 'हर मुसलमान और हर सेक्युलर व्यक्ति को गद्दार कहना और उनसे पाकिस्तान या ईरान चले जाने को कहना — यह वही भाषा है जिसे भाजपा ने देश में शुरू किया है। अब राहुल गांधी ने अगर कोई बात कह दी तो इतना हंगामा क्यों?' उन्होंने कहा कि भाजपा ने जो बीज बोया था, वह अब फल दे रहा है।
आगे क्या
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब संसद का सत्र चल रहा है और विपक्ष-सरकार के बीच टकराव पहले से ही तेज़ है। गौरतलब है कि राहुल गांधी के बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ अक्सर तत्काल और तीखी होती रही हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसदीय कार्यवाही और सार्वजनिक बहस में केंद्र में बना रह सकता है।