क्या नलिन कोहली ने राहुल गांधी की टिप्पणी को अमर्यादित, अपमानजनक और स्तरहीन राजनीति करार दिया?

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क्या नलिन कोहली ने राहुल गांधी की टिप्पणी को अमर्यादित, अपमानजनक और स्तरहीन राजनीति करार दिया?

सारांश

राहुल गांधी की प्रधानमंत्री मोदी पर की गई अभद्र टिप्पणी पर भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया। नलिन कोहली और प्रवीण खंडेलवाल ने इसे अपमानजनक और स्तरहीन राजनीति कहा है। जानिए इस विवाद के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

राहुल गांधी की टिप्पणी पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया नलिन कोहली और प्रवीण खंडेलवाल ने अपमानजनक भाषा की निंदा की राजनीतिक संवाद में भाषा का चयन महत्वपूर्ण है कांग्रेस की 'निम्न स्तरीय राजनीति' पर सवाल उठाए गए अभद्र भाषा के लिए कोई भी स्थिति उचित नहीं है

नई दिल्‍ली, 29 अक्‍टूबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के सांसद और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अभद्र टिप्पणी के संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा के प्रवक्ता नलिन कोहली और सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने राहुल गांधी की टिप्पणियों को ‘अमर्यादित, अपमानजनक और स्तरहीन राजनीति’ के रूप में वर्णित किया।

भाजपा नेता नलिन कोहली ने कहा, 'यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी बिना सोचे-समझे कुछ भी कह देते हैं और अक्सर निरर्थक शब्दों का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भी प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ इसी मानसिकता से कार्य करती है। कोहली ने कहा कि राहुल गांधी की पार्टी वही सोच रखती है जिसने प्रधानमंत्री मोदी के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया था।'

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने उन्हीं शब्दों का अनुसरण करते हुए प्रधानमंत्री के लिए अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया है।

भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि देश के प्रधानमंत्री के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने कहा, 'या तो राहुल गांधी को शब्दों के चयन की समझ नहीं है, या वे मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तैयार हैं। यह राहुल गांधी और उनकी पार्टी को तय करना होगा कि वे सार्वजनिक जीवन में किस स्तर की भाषा को स्वीकार्य मानते हैं।'

वहीं, भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने राहुल गांधी पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि उनकी यह टिप्पणी न केवल प्रधानमंत्री का अपमान है, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था को भी ठेस पहुंचाती है। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि उन्होंने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है। वह किसी जोकर से कम नहीं हैं। देश के प्रधानमंत्री के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करना और यह कहना कि यमुना कोई नदी नहीं बल्कि तालाब है, यह सनातन धर्म की मान्यताओं पर गहरी चोट है।'

खंडेलवाल ने कहा कि राहुल गांधी को किसी मनोचिकित्सक से इलाज कराना चाहिए, क्योंकि वे राजनीतिक लाभ के लिए लगातार प्रधानमंत्री मोदी पर अशोभनीय टिप्पणी करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवहार कांग्रेस की ‘निम्न स्तरीय राजनीति’ को उजागर करता है। भाजपा सांसद ने दावा किया कि यही कारण है कि देश की जनता बार-बार कांग्रेस को चुनावों में नकार रही है।

इसके अलावा, भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने राहुल गांधी पर मर्यादा लांघने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें ‘बेतुकी टिप्पणियां’ करने की आदत हो गई है। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि राहुल गांधी सभी राजनीतिक मर्यादाएं तोड़ रहे हैं। आज राहुल गांधी का यह कहना कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वोट के लिए कुछ भी कर सकते हैं, यह देश के प्रधानमंत्री का अपमान है।

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने राहुल गांधी की तुलना पाकिस्तान के प्रवक्ता से करते हुए कहा कि जिस तरह की भाषा का प्रयोग राहुल गांधी करते हैं, वह भारत के विरोधियों जैसी लगती है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग करे, वह वास्तव में भारत विरोधियों की भाषा बोल रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी की टिप्पणी का मुख्य मुद्दा क्या था?
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर अभद्र टिप्पणी की थी, जिस पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर क्या कहा?
भाजपा नेताओं ने इसे 'अमर्यादित, अपमानजनक और स्तरहीन राजनीति' करार दिया।
क्या राहुल गांधी को अपनी भाषा के चयन में सावधानी बरतनी चाहिए?
जी हाँ, राजनीतिक संवाद में भाषा का चयन महत्वपूर्ण है और सावधानी बरतनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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