भारत में एआई जॉब पोस्टिंग 2019 के मुकाबले 6 गुना बढ़ीं, 2025 तक 2.9 लाख पार: रेडसीर रिपोर्ट

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भारत में एआई जॉब पोस्टिंग 2019 के मुकाबले 6 गुना बढ़ीं, 2025 तक 2.9 लाख पार: रेडसीर रिपोर्ट

सारांश

भारत में एआई जॉब पोस्टिंग 2019 के मुकाबले छह गुना बढ़कर 2.9 लाख पार हो गई हैं। रेडसीर की रिपोर्ट बताती है कि यह उछाल सिर्फ रोज़गार तक सीमित नहीं — 2030 तक 7.9 करोड़ वर्ग फुट नए ऑफिस स्पेस की माँग और फ्लेक्स सीट लीजिंग में 31% योगदान के साथ, एआई भारत के कार्यस्थल की संरचना को बदल रहा है।

मुख्य बातें

भारत में एआई जॉब पोस्टिंग 2019 के मुकाबले लगभग 6 गुना बढ़कर 2025 तक 2.9 लाख से अधिक हो गई हैं।
रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट के अनुसार, एआई टैलेंट सघनता वृद्धि में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है।
2025 से 2030 के बीच नॉलेज-इकोनॉमी ऑफिस स्पेस में 7.9 करोड़ वर्ग फुट अतिरिक्त माँग का अनुमान।
फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस 2020 के 3.3 करोड़ वर्ग फुट से बढ़कर 2025 में 10.3 करोड़ वर्ग फुट से अधिक हो गया।
सर्वे में शामिल 82% कंपनियाँ अगले दो वर्षों में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस बढ़ाने की योजना में हैं।
वैश्विक एआई निवेश लगभग 582 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है, जो भारत में माँग का प्रमुख चालक है।

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी नौकरियों की माँग में असाधारण तेज़ी आई है — रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की 20 मई 2025 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, देश में एआई जॉब पोस्टिंग 2019 के मुकाबले लगभग छह गुना बढ़ चुकी हैं और 2025 तक 2.9 लाख का आँकड़ा पार कर गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत तेज़ी से वैश्विक एआई टैलेंट और एआई कार्यान्वयन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।

रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष

'एआई एंड द फ्यूचर ऑफ फ्लेक्सिबल वर्कस्पेसेस' शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मशीन लर्निंग, जेनरेटिव एआई और एमएल ऑप्स जैसे विशेष क्षेत्रों में प्रतिभाओं की बढ़ती माँग इस उछाल की मुख्य वजह है। रिपोर्ट के अनुसार, एआई टैलेंट की सघनता (कंसंट्रेशन) में वृद्धि के मामले में भारत अब दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है। इसके पीछे वैश्विक स्तर पर एआई में बढ़ता निवेश है, जो लगभग 582 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है।

रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि भारत ने पहले भी तकनीकी बदलावों को रोज़गार और आर्थिक विकास के अवसरों में सफलतापूर्वक बदला है, और यह प्रवृत्ति एआई के युग में और मज़बूत होती दिख रही है।

ऑफिस स्पेस पर असर

रिपोर्ट के अनुसार, एआई-आधारित भर्ती में आई इस तेज़ी का सीधा असर भारत के कार्यालय बाज़ार पर पड़ेगा। अनुमान है कि 2025 से 2030 के बीच भारत के नॉलेज-इकोनॉमी ऑफिस स्पेस में लगभग 7.9 करोड़ वर्ग फुट की अतिरिक्त माँग उत्पन्न हो सकती है — यह माँग एआई से पहले के अनुमानित विकास से भी अधिक होगी। इसके अलावा, अकेले एआई-आधारित भर्ती से 2030 तक फ्लेक्स सीट लीजिंग की कुल माँग में लगभग 31 प्रतिशत योगदान होने की उम्मीद है।

भारत का कुल ऑफिस स्पेस 2025 तक लगभग 91.5 करोड़ वर्ग फुट हो गया है, जबकि कुल कार्यबल करीब 33 करोड़ कामगारों तक पहुँच चुका है।

फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का विस्तार

रिपोर्ट में भारत के फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार का ज़िक्र किया गया है। 2020 में जहाँ इसका आकार लगभग 3.3 करोड़ वर्ग फुट था, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 10.3 करोड़ वर्ग फुट से अधिक हो गया है। सर्वे में शामिल लगभग 82 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि वे अगले दो वर्षों में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का उपयोग बढ़ाने की योजना बना रही हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की एसोसिएट पार्टनर छवि सिंह ने कहा, "अब तक एआई को लेकर चर्चा मुख्य रूप से रोज़गार पर पड़ने वाले असर तक सीमित थी, लेकिन ज़मीन पर हम ऑफिस स्पेस के उपयोग के तरीके में बड़ा संरचनात्मक बदलाव देख रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "एआई-आधारित टीमें अब ज़्यादा विशेषज्ञता वाली, सहयोग-आधारित और तेज़ी से बदलने वाली हो गई हैं। इससे 'कोर प्लस फ्लेक्स' वर्कप्लेस मॉडल की माँग बढ़ रही है, जहाँ कंपनियाँ बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कर्मचारियों के अनुभव से समझौता किए बिना लचीलापन चाहती हैं।"

आगे की राह

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर एआई में निवेश और भारत की तकनीकी प्रतिभा की माँग दोनों तेज़ी से बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि भारत का आईटी और तकनीकी क्षेत्र पहले भी वैश्विक डिजिटल परिवर्तन की लहरों का लाभ उठाने में सफल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह गति बनी रही तो भारत एआई टैलेंट के मामले में अमेरिका के बाद दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितनी पोस्टिंग वास्तविक नियुक्तियों में तब्दील हो रही हैं — क्योंकि 'पोस्टिंग' और 'हायरिंग' के बीच की खाई भारतीय टेक सेक्टर में पहले भी चौड़ी रही है। रेडसीर की रिपोर्ट का फोकस मुख्यतः ऑफिस स्पेस की माँग पर है, जो एक रियल-एस्टेट कंसल्टेंसी के नज़रिए से स्वाभाविक है, लेकिन इससे एआई रोज़गार की गुणवत्ता और वेतन स्तर पर कोई रोशनी नहीं पड़ती। यह भी ध्यान देने योग्य है कि जेनरेटिव एआई ने जहाँ नई भूमिकाएँ बनाई हैं, वहीं कई मध्यम-स्तरीय तकनीकी नौकरियों पर दबाव भी बढ़ाया है — जिसे यह रिपोर्ट पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं करती।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में एआई जॉब पोस्टिंग कितनी बढ़ी हैं?
रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में एआई जॉब पोस्टिंग 2019 के मुकाबले लगभग छह गुना बढ़ गई हैं और 2025 तक 2.9 लाख का आँकड़ा पार कर चुकी हैं। इस वृद्धि के पीछे मशीन लर्निंग, जेनरेटिव एआई और एमएल ऑप्स जैसे क्षेत्रों में प्रतिभाओं की बढ़ती माँग है।
रेडसीर की 'एआई एंड द फ्यूचर ऑफ फ्लेक्सिबल वर्कस्पेसेस' रिपोर्ट क्या कहती है?
यह रिपोर्ट 20 मई 2025 को जारी हुई और बताती है कि एआई-आधारित भर्ती से 2025 से 2030 के बीच भारत के नॉलेज-इकोनॉमी ऑफिस स्पेस में लगभग 7.9 करोड़ वर्ग फुट की अतिरिक्त माँग उत्पन्न हो सकती है। साथ ही, 2030 तक फ्लेक्स सीट लीजिंग की कुल माँग में एआई भर्ती का लगभग 31 प्रतिशत योगदान होने का अनुमान है।
एआई के कारण भारत में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की माँग क्यों बढ़ रही है?
रेडसीर की एसोसिएट पार्टनर छवि सिंह के अनुसार, एआई-आधारित टीमें अधिक विशेषज्ञता वाली और तेज़ी से बदलने वाली होती हैं, जिससे 'कोर प्लस फ्लेक्स' वर्कप्लेस मॉडल की माँग बढ़ रही है। कंपनियाँ इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता से समझौता किए बिना लचीलापन चाहती हैं, जो फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस प्रदान करता है।
एआई टैलेंट के मामले में भारत की वैश्विक रैंकिंग क्या है?
रिपोर्ट के अनुसार, एआई टैलेंट सघनता वृद्धि (कंसंट्रेशन ग्रोथ) के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है। इसके पीछे वैश्विक एआई निवेश में भारी बढ़ोतरी है, जो लगभग 582 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है।
भारत का फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सेक्टर कितना बड़ा हो गया है?
2020 में जहाँ भारत का फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस लगभग 3.3 करोड़ वर्ग फुट था, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 10.3 करोड़ वर्ग फुट से अधिक हो गया है। सर्वे में शामिल लगभग 82 प्रतिशत कंपनियों ने अगले दो वर्षों में इसे और बढ़ाने की योजना बताई है।
राष्ट्र प्रेस
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