क्या भारत में एआई से जुड़ी नौकरियों में तेजी से वृद्धि हुई है?
सारांश
Key Takeaways
- भारत में एआई नौकरियों में उल्लेखनीय वृद्धि।
- फाउंडइट की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में और भी वृद्धि की उम्मीद।
- बेंगलुरु और हैदराबाद में एआई नौकरियों में अग्रणी।
- कंपनियाँ अनुभवी कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रही हैं।
- आईटी क्षेत्र में एआई नौकरियों की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत है।
बेंगलुरु, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में साल 2025 के दौरान एआई से संबंधित नौकरियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष, देश में एआई से जुड़े 2,90,256 पदों की भर्ती की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि एआई अब सेवा क्षेत्र की एक प्रमुख शक्ति बन चुका है। यह जानकारी मंगलवार को जारी फाउंडइट जॉब सर्च (पूर्व में मॉन्स्टर) की रिपोर्ट में सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में एआई से जुड़ी भर्तियों में और भी वृद्धि होने की उम्मीद है। अनुमान है कि अगले वर्ष एआई (आरटीआई) द्वारा होने वाली भर्तियों में साल-दर-साल 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी, और यह संख्या करीब 3.80 लाख पदों तक पहुँच सकती है।
भारत का रोजगार बाजार 2025 के अंत तक फिर से मजबूत होता नजर आ रहा है। विभिन्न क्षेत्रों, कार्यों और शहरों में लगातार भर्तियाँ हुई हैं, जिनमें महीने-दर-महीने 5 प्रतिशत और सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
फाउंडइट के चीफ प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी ऑफिसर तरुण शर्मा ने कहा कि 2025 में भर्तियों में विस्तार के साथ-साथ समझदारी भी दिखाई गई। उन्होंने बताया कि एआई अब कोई प्रयोग नहीं रह गया है, बल्कि यह कर्मचारियों की योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। भविष्य में, नौकरी देने वाली कंपनियां कौशल पर आधारित, अनुभवी व्यक्तियों को अधिक प्राथमिकता देंगी।
रिपोर्ट के अनुसार, आईटी-सॉफ्टवेयर और सर्विसेज में एआई से जुड़ी नौकरियों की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत रही। इसके बाद बैंकिंग और BFSI क्षेत्र (15.8 प्रतिशत) और मैन्युफैक्चरिंग (6 प्रतिशत) का स्थान रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में एआई नौकरियों में 41 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई। वहीं स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्यूटिकल्स (38 प्रतिशत), रिटेल (31 प्रतिशत), लॉजिस्टिक्स (30 प्रतिशत) और टेलीकॉम (29 प्रतिशत) जैसे क्षेत्रों में भी अच्छी वृद्धि देखी गई।
जनरेटिव एआई और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) से जुड़े कौशलों में सबसे तेज वृद्धि देखी गई है, जिसकी मांग में साल-दर-साल 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो कि चैटबॉट, स्मार्ट सहायक और कंपनियों में एआई के बढ़ते उपयोग के कारण है।
एआई नौकरियों के मामले में बेंगलुरु सबसे आगे रहा, जहाँ कुल नौकरियों का 26 प्रतिशत हिस्सा रहा। हैदराबाद ने टियर 1 में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की। वहीं, जयपुर, इंदौर और मैसूर जैसे छोटे शहरों में भी एआई नौकरियों में अच्छी बढ़त देखने को मिली।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में कंपनियों ने मध्यम और अनुभवी स्तर के कर्मचारियों को ज्यादा नौकरी दी। इसका अर्थ है कि कंपनियों को ऐसे व्यक्तियों की आवश्यकता है, जिनके पास काम का अच्छा अनुभव हो।