क्या बिहार में बुजुर्गों को जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए कार्यालय नहीं जाना होगा?
सारांश
Key Takeaways
- बुजुर्गों को अब कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा।
- सभी सेवाएं घर पर उपलब्ध होंगी।
- रजिस्ट्री प्रक्रिया सात कार्य दिवस में पूरी होगी।
- ऑनलाइन आवेदन की सुविधा।
- बुजुर्गों के लिए सरकारी योजनाएं सरल बनाईं जा रही हैं।
पटना, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को अब जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि उन्हें घर पर ही सरकारी सेवाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को इसकी घोषणा की और कहा कि यह व्यवस्था एक अप्रैल से प्रभावी होगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बारे में जानकारी साझा करते हुए लिखा कि सात निश्चय-3 के तहत 'सबका सम्मान-जीवन आसान' का मकसद राज्य के नागरिकों की दैनिक कठिनाइयों को कम करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार वृद्धजनों को रजिस्ट्री के कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा, "बुजुर्गों को घर पर ही जमीन निबंधन से जुड़ी सभी सेवाएं मिलेंगी। इसके तहत मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा चलंत निबंधन इकाई के माध्यम से निश्चित समय-सीमा के अंतर्गत निबंधन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। आवेदक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।"
जमीन, फ्लैट की रजिस्ट्री की प्रक्रिया सात कार्य दिवसों के अंदर पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जमीन खरीदने के इच्छुक व्यक्तियों को संबंधित भूमि की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।
इस प्रणाली के तहत आवेदकों के अनुरोध पर निबंधन विभाग द्वारा अंचल कार्यालय से भूमि की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त कर क्रेता को उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने लोगों से 19 जनवरी तक सुझाव भी मांगे हैं।