क्या जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से पर्यटन की दिशा में बदलाव आया है? 31 आतंकवादी ढेर: आर्मी चीफ

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क्या जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से पर्यटन की दिशा में बदलाव आया है? 31 आतंकवादी ढेर: आर्मी चीफ

सारांश

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की स्थिति पर सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि 2025 में 31 आतंकवादी मारे गए और अब स्थानीय आतंकियों की संख्या एकल अंक में रह गई है। क्या वास्तव में यहां पर्यटन का नया दौर शुरू हो चुका है?

Key Takeaways

  • जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की स्थिति नियंत्रण में है।
  • 31 आतंकवादी मारे गए, जिनमें 65% पाकिस्तानी थे।
  • पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि हो रही है।
  • सेना ने महादेव ऑपरेशन में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की।
  • पूर्वोत्तर में सुरक्षा तंत्र मजबूत किया गया है।

नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति संवेदनशील है लेकिन पूर्ण नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में यहां 31 आतंकवादी मारे गए, जिनमें से 65 प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के थे।

इन आतंकियों में पहलगाम हमले के तीनों प्रमुख अपराधी भी शामिल हैं। ये आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में चलाए गए ऑपरेशन ‘महादेव’ में मारे गए थे। मंगलवार को दिल्ली में वार्षिक प्रेस वार्ता में जनरल द्विवेदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अब स्थानीय सक्रिय आतंकवादियों की संख्या एकल अंक में रह गई है। यहाँ आतंकवादी भर्ती लगभग समाप्त हो चुकी है।

सेनाध्यक्ष ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक बदलाव के स्पष्ट संकेत मिलते हैं। यहाँ विकास गतिविधियों, पर्यटन का पुनरारंभ और शांतिपूर्ण श्री अमरनाथ यात्रा मजबूत सकारात्मक बदलावों को दर्शाते हैं। इस वर्ष 4 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री श्री अमरनाथ यात्रा में आए हैं। जम्मू-कश्मीर में टेररिज्म से टूरिज्म की थीम धीरे-धीरे आकार ले रही है।

सेनाध्यक्ष ने पूर्वोत्तर में मणिपुर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्णायक कार्रवाई तथा सरकार की सक्रिय पहलों के कारण वर्ष 2025 में स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पूर्वोत्तर में शांतिपूर्ण डुरंड कप का आयोजन इसकी एक प्रमुख उपलब्धि है। यहाँ सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे कि शिरुई लिली और संगाई जैसे उत्सवों की वापसी हुई है।

सितंबर 2025 में उग्रवादी समूहों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (एसओओ) का नवीनीकरण किया गया। जनरल द्विवेदी ने कहा कि म्यांमार में अस्थिरता के मद्देनजर, असम राइफल्स, भारतीय सेना और गृह मंत्रालय के समन्वय से एक व्यापक बहु-एजेंसी सुरक्षा तंत्र स्थापित किया गया है। यह तंत्र पूर्वोत्तर को सीमा-पार प्रभाव से सुरक्षित रखने के लिए है।

थल सेनाध्यक्ष ने बताया कि भारतीय सेना ने वर्ष 2025 में दो पड़ोसी देशों और देश के 10 राज्यों में मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियानों को अंजाम दिया। इन अभियानों में 30,000 से अधिक लोगों को बचाया गया। पंजाब में बाढ़ के दौरान पटियाला में ढहती इमारत से सीआरपीएफ कर्मियों को सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा बचाने की साहसिक कार्रवाई का विशेष उल्लेख किया गया।

जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना ने म्यांमार में जारी अस्थिरता के मद्देनजर पूर्वोत्तर को सुरक्षित रखने के लिए यह व्यापक बहु-एजेंसी सुरक्षा ग्रिड स्थापित किया है। इसमें असम राइफल्स, भारतीय सेना और गृह मंत्रालय मिलकर कार्य कर रहे हैं।

जनरल द्विवेदी ने कहा कि कई सीमावर्ती राज्यों में सेना ने राहत एवं बचाव कार्य औपचारिक अनुरोध मिलने से पहले ही शुरू कर दिया। यह दर्शाता है कि भारतीय सेना आपदा के समय ‘नेचुरल फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाती है। चाहे सीमा-पार अस्थिरता हो या प्राकृतिक आपदाएं, भारतीय सेना हर परिस्थिति में राष्ट्र की सुरक्षा और नागरिकों की सहायता के लिए तत्पर रहती है।

Point of View

NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की स्थिति कैसी है?
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की स्थिति अब नियंत्रण में है। सेना प्रमुख के अनुसार, स्थानीय आतंकियों की संख्या अब एकल अंक में रह गई है।
क्या जम्मू-कश्मीर में पर्यटन बढ़ रहा है?
हाँ, सेना प्रमुख ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, जैसे कि श्री अमरनाथ यात्रा में 4 लाख से अधिक तीर्थयात्री आए हैं।
कितने आतंकवादी मारे गए?
2025 में जम्मू-कश्मीर में 31 आतंकवादी मारे गए, जिनमें से 65 प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के थे।
पूर्वोत्तर में सुरक्षा स्थिति कैसी है?
पूर्वोत्तर में सुरक्षा स्थिति में सुधार हुआ है, और यहाँ कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की वापसी हुई है।
भारतीय सेना की भूमिका क्या है?
भारतीय सेना हर परिस्थिति में राष्ट्र की सुरक्षा और नागरिकों की सहायता के लिए तत्पर रहती है।
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