वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप: भारत ने 2 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज के साथ अभियान समाप्त किया, पूजा सिंह हाई जंप में सातवें स्थान पर
सारांश
मुख्य बातें
यूजीन में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप 2026 में भारत का अभियान दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल के साथ समाप्त हुआ। हालाँकि, राष्ट्रीय सीनियर रिकॉर्डधारक पूजा सिंह महिलाओं की हाई जंप फाइनल में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकीं और सातवें स्थान पर रहीं, जिससे भारतीय प्रशंसकों को निराशा हुई।
पूजा सिंह का फाइनल में प्रदर्शन
19 वर्षीया पूजा सिंह इस चैंपियनशिप में एक प्रबल दावेदार के रूप में उतरी थीं। उन्होंने इसी साल मई में एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 1.93 मीटर की ऊँचाई पार कर राष्ट्रीय सीनियर रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता था। वह सीनियर एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मौजूदा चैंपियन भी हैं।
फाइनल में, पूजा केवल 1.84 मीटर की ऊँचाई ही पार कर सकीं। इसके बाद 1.87 मीटर की बाधा को तीनों प्रयासों में पार करने में असफल रहीं और प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। यह प्रदर्शन उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ से 9 सेंटीमीटर कम था।
ऑस्ट्रेलिया की इजोबेल लुइसन-रो ने 1.92 मीटर की छलाँग के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हंगरी की लिलियाना बाटोरी ने रजत और स्पेन की एताना अलोंसो ने कांस्य पदक हासिल किया।
महिला 4x400 मीटर रिले में भारत का संघर्ष
भारत की महिला 4x400 मीटर रिले टीम फाइनल में 3:45.28 के समय के साथ अंतिम स्थान पर रही। टीम में भूमिका नेहते, तहुरा खातून, तनु चौधरी और थिया अरुमुगम शामिल थीं।
इस स्पर्धा में अमेरिका ने 3:29.15 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। ऑस्ट्रेलिया (3:31.39) को रजत और ग्रेट ब्रिटेन (3:32.08) को कांस्य पदक मिला।
भारत के तीन पदक विजेता
भारत की पदक तालिका की शुरुआत आशीष यादव ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो में रजत पदक जीतकर की। इसके बाद बसंत कुमार मेघवाल ने पुरुषों की हाई जंप में एक और रजत पदक जोड़ा। शाहनवाज खान ने पुरुषों की लॉन्ग जंप में कांस्य पदक हासिल कर भारत का तीसरा पदक सुनिश्चित किया।
ऐतिहासिक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि भारत का यह प्रदर्शन 2021 और 2022 के संस्करणों में जीते गए कुल पदकों की संख्या के बराबर है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जूनियर एथलेटिक्स में प्रतिभाओं की एक नई पीढ़ी उभर रही है। पूजा सिंह जैसी युवा खिलाड़ियों के लिए यह अनुभव भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी में अहम भूमिका निभाएगा।