उत्तर कोरिया ने 240 मिमी मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का परीक्षण किया, 115 किमी तक मारक क्षमता का दावा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर कोरिया ने 22 सितंबर 2026 को अपनी उन्नत 240 मिमी मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर प्रणाली से रॉकेट दागे और दावा किया कि नई गाइडेड प्रणाली की मारक क्षमता 115 किलोमीटर तक है। यह परीक्षण प्योंगयांग की तोपखाने और मिसाइल क्षमताओं के आधुनिकीकरण की पंचवर्षीय योजना के तहत किया गया। इस परीक्षण के साथ ही उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ लगी सीमा पर 'सबसे घातक और विनाशकारी' हमलावर क्षमताओं को केंद्रित करने की जरूरत भी रेखांकित की।
परीक्षण का विवरण और नई तकनीक
उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया के अनुसार, नए 240 मिमी रॉकेटों में 'ऑटोनॉमस पिनपॉइंट गाइड सिस्टम' लगाया गया है। इन रॉकेटों की मारक क्षमता सामान्य बैलिस्टिक उड़ान मोड में 100 किलोमीटर और ग्लाइड उड़ान वाले संयुक्त मोड में 115 किलोमीटर तक बताई गई है। तुलनात्मक रूप से, दक्षिण कोरियाई मीडिया के अनुसार, इस प्रणाली के पुराने संस्करण की मारक क्षमता करीब 60 किलोमीटर से अधिक थी — यानी नई प्रणाली ने रेंज लगभग दोगुनी कर ली है।
प्योंगयांग ने दावा किया कि परीक्षण के दौरान रॉकेटों की सटीकता और प्रदर्शन की पुष्टि हुई। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने इससे पहले मई 2026 में भी किम जोंग उन की मौजूदगी में बढ़ी हुई रेंज वाले 240 मिमी निर्देशित रॉकेट का परीक्षण किया था।
उत्तर कोरिया का आधिकारिक बयान
सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष पाक जोंग-चोन ने दक्षिणी सीमा पर 'सबसे घातक और विनाशकारी' हमलावर क्षमताओं को केंद्रित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा, 'उत्तर कोरिया चाहता है कि उसका विरोधी जल्द से जल्द यह जान ले कि उसकी लंबी दूरी की मारक क्षमताओं को आधुनिक बनाया जा चुका है।'
उत्तर कोरियाई सैन्य अधिकारियों ने यह भी कहा, 'बढ़ी हुई मारक क्षमता वाले इन रॉकेटों के विकास से दक्षिणी सीमा पर उसकी मारक क्षमता और तैयारी में बड़ा बदलाव आएगा।'
दक्षिण कोरिया की प्रतिक्रिया
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने पुष्टि की कि उन्होंने 22 सितंबर को दक्षिण प्योंगान प्रांत से पश्चिमी समुद्री क्षेत्र की ओर कई रॉकेटों के प्रक्षेपण का पता लगाया था। उन्होंने कहा कि रॉकेटों की विस्तृत तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया जा रहा है।
व्यापक संदर्भ: बदलती कोरियाई सुरक्षा स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब प्योंगयांग पिछले कुछ समय से दक्षिण कोरिया को निशाना बनाने वाली अपनी अग्रिम मोर्चे की मारक प्रणालियों को व्यवस्थित रूप से उन्नत करता रहा है। 2023 में उत्तर कोरिया ने अंतर-कोरियाई संबंधों को 'शत्रुतापूर्ण दो राज्यों' के संबंध के रूप में परिभाषित किया था, जिसके बाद से उसने दक्षिण कोरिया की पहुँच में आने वाली विभिन्न मारक प्रणालियों की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
240 मिमी मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर उत्तर कोरिया की प्रमुख लंबी दूरी की तोपखाना प्रणालियों में से एक है और इसे कोरियाई प्रायद्वीप पर पारंपरिक सैन्य संतुलन के लिए एक महत्वपूर्ण कारक माना जाता है। आने वाले हफ्तों में दक्षिण कोरिया और उसके सहयोगियों — विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका — की प्रतिक्रिया इस क्षेत्रीय तनाव की दिशा तय करेगी।