26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

किम जोंग उन ने देखा 90 किमी मारक रॉकेट और टैक्टिकल मिसाइल परीक्षण, उत्तर कोरिया की सैन्य ताकत में बड़ा इज़ाफा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
किम जोंग उन ने देखा 90 किमी मारक रॉकेट और टैक्टिकल मिसाइल परीक्षण, उत्तर कोरिया की सैन्य ताकत में बड़ा इज़ाफा

सारांश

किम जोंग उन ने 90 किमी मारक रॉकेट लॉन्चर, टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल और 65 किमी होवित्जर गोले के परीक्षण की निगरानी की — और नया युद्धपोत 'चोए ह्योन' नौसेना में शामिल किया। यह उत्तर कोरिया की सैन्य ताकत में एक साथ ज़मीन और समुद्र दोनों मोर्चों पर बड़े इज़ाफे का संकेत है।

मुख्य बातें

किम जोंग उन ने 26 जून 2026 को तोपखाना और मिसाइल प्रणालियों के उन्नयन परीक्षणों की व्यक्तिगत निगरानी की।
अपग्रेड किए गए 240 मिमी 24-ट्यूब रॉकेट लॉन्चर की मारक क्षमता बढ़कर 90 किलोमीटर हो गई; इसमें ऑटोमैटिक फायर कंट्रोल और सटीक गाइडेंस तकनीक शामिल।
टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल में विशेष वारहेड लगाया गया है, जो हवाई अड्डों, बंदरगाहों और बिजली संयंत्रों जैसे बड़े ठिकानों को निशाना बना सकता है।
155 मिमी होवित्जर के नए गोले ने 65 किलोमीटर तक मार करने की क्षमता का सफल प्रदर्शन किया।
नया बहुउद्देश्यीय युद्धपोत 'चोए ह्योन' 14 महीने के परीक्षण के बाद नाम्फो बंदरगाह पर नौसेना में शामिल किया गया।

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने 26 जून 2026 को देश की तोपखाना और मिसाइल प्रणालियों के उन्नयन परीक्षणों की व्यक्तिगत निगरानी की। सरकारी मीडिया के अनुसार, इन परीक्षणों में अपग्रेड किया गया 240 मिमी कैलिबर का 24-ट्यूब मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, एक टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल और 155 मिमी सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर के लंबी दूरी के गोले शामिल थे। यह परीक्षण-श्रृंखला उत्तर कोरिया की सैन्य आधुनिकीकरण मुहिम का नवीनतम चरण है।

परीक्षणों में क्या-क्या शामिल था

रिपोर्टों के अनुसार, अपग्रेड किए गए 240 मिमी रॉकेट लॉन्चर सिस्टम में ऑटोमैटिक फायर कंट्रोल सिस्टम और सटीक गाइडेंस तकनीक जोड़ी गई है, जिससे इसकी मारक क्षमता अब 90 किलोमीटर तक पहुँच गई है। टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल में एक विशेष वारहेड लगाया गया है, जिसे हवाई अड्डों, बंदरगाहों और बिजली संयंत्रों जैसे बड़े ढाँचागत ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचाने के लिए तैयार किया गया बताया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, 155 मिमी गन-होवित्जर के नए गोले का सफल परीक्षण किया गया, जो 65 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। सैन्य विश्लेषकों के अनुसार यह परंपरागत तोपखाने की पहुँच में उल्लेखनीय वृद्धि है।

किम जोंग उन का बयान

वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के महासचिव और डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (DPRK) के राज्य मामलों के अध्यक्ष किम जोंग उन ने कहा कि ये परीक्षण उत्तर कोरिया की सैन्य आधुनिकीकरण में हुई बड़ी तकनीकी प्रगति का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि देश के हथियारों को अब और अधिक स्वचालित, लंबी दूरी तक मार करने वाला और बेहद सटीक बनाया जा रहा है।

किम ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर कोरिया की आत्मरक्षा नीति केवल सुरक्षा सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इतनी प्रचंड हमलावर क्षमता विकसित करने पर केंद्रित है कि कोई भी शत्रु देश उत्तर कोरिया से टकराने की हिम्मत न कर सके।

नौसेना में नया युद्धपोत शामिल

इससे पहले मंगलवार को किम जोंग उन ने नाम्फो बंदरगाह पर उत्तर कोरिया के नए बहुउद्देश्यीय युद्धपोत 'चोए ह्योन' के आधिकारिक नौसेना में शामिल होने के समारोह में भाग लिया। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 14 महीने तक चले परीक्षणों के बाद इस युद्धपोत की सभी क्षमताओं का आकलन किया गया और तब इसे नौसेना में शामिल किया गया।

किम ने इस अवसर पर कहा कि नौसेना में हो रहा परिवर्तन केवल बड़े जहाजों या नई तकनीक तक सीमित नहीं है — नौसेना की भूमिका, जिम्मेदारियाँ और उसके संचालन का दायरा पहले से कहीं अधिक व्यापक हो गया है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव पहले से ऊँचा है। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया पिछले कई वर्षों में लगातार मिसाइल और हथियार परीक्षण कर रहा है, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन माना जाता है। इन ताज़ा परीक्षणों से दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका की चिंताएँ और गहरी होने की आशंका है। आने वाले दिनों में इस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया देखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह सवाल उठाता है कि इस तकनीकी छलाँग के लिए संसाधन और विशेषज्ञता कहाँ से आ रही है। नौसेना में 'चोए ह्योन' का शामिल होना यह भी बताता है कि उत्तर कोरिया अब केवल ज़मीनी नहीं, समुद्री क्षेत्र में भी दीर्घकालिक शक्ति-प्रक्षेपण की तैयारी कर रहा है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किम जोंग उन ने किन हथियार प्रणालियों के परीक्षण की निगरानी की?
किम जोंग उन ने 240 मिमी कैलिबर के 24-ट्यूब मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, एक टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल और 155 मिमी सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर के लंबी दूरी के गोले के परीक्षण की निगरानी की। ये सभी प्रणालियाँ उत्तर कोरिया की सैन्य आधुनिकीकरण मुहिम का हिस्सा हैं।
उत्तर कोरिया के नए रॉकेट लॉन्चर की मारक क्षमता कितनी है?
अपग्रेड किए गए 240 मिमी रॉकेट लॉन्चर सिस्टम की मारक क्षमता अब 90 किलोमीटर तक पहुँच गई है। इसमें ऑटोमैटिक फायर कंट्रोल सिस्टम और सटीक गाइडेंस तकनीक भी जोड़ी गई है।
उत्तर कोरिया का नया युद्धपोत 'चोए ह्योन' क्या है?
'चोए ह्योन' उत्तर कोरिया का नया बहुउद्देश्यीय युद्धपोत है, जिसे करीब 14 महीने के परीक्षण के बाद नाम्फो बंदरगाह पर आधिकारिक रूप से नौसेना में शामिल किया गया। किम जोंग उन ने इस शामिल होने के समारोह में भाग लिया।
उत्तर कोरिया के इन परीक्षणों का क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या असर होगा?
ये परीक्षण ऐसे समय में हुए हैं जब कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव पहले से ऊँचा है। दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका की चिंताएँ और गहरी होने की आशंका है, क्योंकि इन परीक्षणों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन माना जाता है।
किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया की रक्षा नीति के बारे में क्या कहा?
किम जोंग उन ने कहा कि उत्तर कोरिया की आत्मरक्षा नीति केवल सुरक्षा सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इतनी प्रचंड हमलावर क्षमता विकसित करने पर केंद्रित है कि कोई भी शत्रु देश उत्तर कोरिया से टकराने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने इसे देश की रक्षा नीति और सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले