किम जोंग-उन ने सामरिक क्रूज मिसाइलों का सफल परीक्षण किया, AI-गाइडेड हथियार से एयर डिफेंस को चुनौती
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर कोरिया ने 27 मई 2025 को एक नए हल्के बहुउद्देश्यीय मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम और कई सामरिक क्रूज मिसाइलों का सफल परीक्षण किया, जिन्हें दुश्मन की वायु रक्षा प्रणाली को भेदने में सक्षम बताया जा रहा है। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के अनुसार, सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन ने इस परीक्षण पर 'बहुत संतोष' व्यक्त किया और इसे देश की बढ़ती सैन्य क्षमता का प्रमाण बताया। यह 2025 में उत्तर कोरिया का आठवाँ मिसाइल परीक्षण है।
मुख्य घटनाक्रम
KCNA की रिपोर्ट के मुताबिक, यह परीक्षण 'राष्ट्रीय रक्षा विकास की पाँच वर्षीय योजना' के तहत मिसाइल और तोपखाना बलों के आधुनिकीकरण का हिस्सा था। एक दिन पहले दक्षिण कोरिया की सेना ने नॉर्थ प्योंगान प्रांत के जोंगजू इलाके से पीला सागर (येलो सी) की ओर कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें (CRBM) और आर्टिलरी रॉकेट दागे जाने का पता लगाया था।
गौरतलब है कि CRBM वे बैलिस्टिक मिसाइलें होती हैं जिनकी मारक क्षमता 300 किलोमीटर से कम होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और आर्टिलरी रॉकेटों का एक साथ परीक्षण असामान्य है और इसे उत्तर कोरिया की 'सैचुरेशन अटैक' क्षमता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
नई मिसाइल की तकनीकी विशेषताएँ
KCNA के अनुसार, परीक्षण के दौरान तीन प्रमुख पहलुओं का मूल्यांकन किया गया — सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों के विशेष वारहेड की क्षमता, 240 मिमी नियंत्रित आर्टिलरी रॉकेट की विश्वसनीयता, और AI-आधारित मार्गदर्शन प्रणाली से लैस सामरिक क्रूज मिसाइल की सटीकता।
किम ने खासतौर पर नई सामरिक क्रूज मिसाइल की प्रशंसा की, जिसे दक्षिणी सीमा के पास लंबी दूरी की आर्टिलरी यूनिट्स में तैनात किया जाना है। रिपोर्ट के अनुसार यह मिसाइल टेरेन-मैपिंग और AI-आधारित टारगेटिंग तकनीक से लैस है और 100 किलोमीटर के दायरे में किसी भी लक्ष्य को बेहद सटीकता से भेद सकती है।
किम जोंग-उन का बयान
किम ने इस अवसर पर दोहराया कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु और पारंपरिक हथियारों को मज़बूत करने की नीति पर कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि देश अपनी सैन्य संप्रभुता और आत्मरक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए और अधिक 'स्पष्ट कदम' उठाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय प्योंगयांग के हथियार कार्यक्रम पर पहले से ही गहरी चिंता जता रहा है।
दक्षिण कोरिया की जवाबी तैयारी
उत्तर कोरिया के परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया ने मंगलवार को घोषणा की कि वह परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियाँ विकसित और निर्मित करेगा, जिन्हें 2030 के दशक के अंत तक सेना में शामिल किए जाने का लक्ष्य है। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आह्न ग्यू-बैक ने कहा, 'परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियाँ लंबे समय तक पानी के भीतर रहने और अधिक गतिशीलता की वजह से उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल खतरों का मुकाबला करने में अहम भूमिका निभाएंगी।'
इससे पहले 19 अप्रैल को उत्तर कोरिया ने सिनपो इलाके से पूर्वी सागर की ओर सतह-से-सतह पर मार करने वाली सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। यह ऐसे समय में आया है जब कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और दोनों पड़ोसी देश अपनी-अपनी सैन्य क्षमताओं को तेज़ी से उन्नत कर रहे हैं।