उत्तर कोरिया बनाएगा 10,000 टन का डेस्ट्रॉयर, शी जिनपिंग की यात्रा से पहले किम का नौसैनिक ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने 10,000 टन क्षमता वाले एक नए विध्वंसक युद्धपोत (डेस्ट्रॉयर) के निर्माण का आदेश दिया है। सरकारी अखबार रोडोंग सिनमुन ने 7 जून 2025 को यह जानकारी दी, जो चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्योंगयांग यात्रा से ठीक पहले सामने आई है। यह पहला मौका है जब उत्तर कोरिया ने इतने बड़े टन भार के युद्धपोत के निर्माण की सार्वजनिक घोषणा की है।
किम का नौसेना निरीक्षण और निर्देश
रोडोंग सिनमुन के अनुसार, किम जोंग उन ने गुरुवार को एक नौसेना निरीक्षण के दौरान यह आदेश दिया। उन्होंने नौसेना को निर्देश दिया कि 10,000 टन वाले नए डेस्ट्रॉयर कांग कोंग और 5,000 टन वाले युद्धपोत चोए ह्योन को जल्द से जल्द सक्रिय सेवा में तैनात किया जाए। हालांकि, इस निर्माण योजना से जुड़ी विस्तृत तकनीकी जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
निरीक्षण के दौरान किम जोंग उन की बेटी किम जू ऐ भी उनके साथ मौजूद थीं, जो उत्तराधिकार को लेकर अटकलों के बीच उनकी सार्वजनिक उपस्थिति की एक और कड़ी है।
परमाणु निवारण और सैन्य विस्तार की रणनीति
रिपोर्टों के अनुसार, नौसेना निरीक्षण के दौरान किम जोंग उन ने कहा कि परमाणु युद्ध को रोकने के लिए देश की नौसैनिक क्षमता को और अधिक मज़बूत करना अनिवार्य है। उन्होंने जमीन, समुद्र और हवा — तीनों मोर्चों पर शक्तिशाली सैन्य क्षमता विकसित करने पर बल दिया।
गौरतलब है कि इससे पहले किम जोंग उन ने एक नए परमाणु सामग्री उत्पादन संयंत्र का दौरा करते हुए देश के परमाणु हथियारों के 'तेज़ी से विस्तार' की बात कही थी। यह बयान उत्तर कोरिया की व्यापक सैन्य आधुनिकीकरण नीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
मई 2025 की दुर्घटना और कांग कोंग का पुनः लॉन्च
मई 2025 में उत्तर कोरिया का 5,000 टन का एक डेस्ट्रॉयर लॉन्च के दौरान आंशिक रूप से पलट गया था। किम जोंग उन ने उस घटना को 'गंभीर अपराध' बताते हुए कड़ी आलोचना की थी। बाद में जहाज की मरम्मत कर उसे दोबारा लॉन्च किया गया और उसे कांग कोंग नाम दिया गया। उसी पृष्ठभूमि में अब 10,000 टन के और बड़े युद्धपोत की घोषणा को उत्तर कोरिया की नौसैनिक महत्वाकांक्षाओं में उल्लेखनीय वृद्धि के रूप में देखा जा रहा है।
शी जिनपिंग की यात्रा और कूटनीतिक संदर्भ
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्योंगयांग यात्रा सोमवार और मंगलवार को प्रस्तावित है। इसे दोनों देशों के बीच संबंधों को फिर से प्रगाढ़ करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ तनाव के बीच उत्तर कोरिया अपने प्रमुख सहयोगी चीन के साथ संबंध और मज़बूत करने की कोशिश में है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस सैन्य घोषणा का समय महज़ संयोग नहीं है — यह किम जोंग उन का अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए शी जिनपिंग के सामने एक मज़बूत स्थिति से बातचीत करने का प्रयास हो सकता है।
आगे क्या
उत्तर कोरिया द्वारा 10,000 टन के डेस्ट्रॉयर की घोषणा क्षेत्रीय नौसैनिक संतुलन पर नज़र रखने वाले विशेषज्ञों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। निर्माण की समयसीमा और तकनीकी क्षमता को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन यह घोषणा स्पष्ट करती है कि प्योंगयांग अपनी नौसैनिक शक्ति को प्राथमिकता दे रहा है।