किम जोंग-उन और वांग यी की महत्वपूर्ण मुलाकात: चीन-उत्तर कोरिया संबंधों का नया अध्याय
सारांश
Key Takeaways
- किम जोंग-उन ने वांग यी से मुलाकात की।
- बैठक में चीन-उत्तर कोरिया संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की गई।
- महासचिव शी चिनफिंग का अभिवादन किया गया।
- द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई।
बीजिंग, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर कोरिया की श्रमिक पार्टी के महासचिव किम जोंग-उन ने १० अप्रैल को प्योंगयांग में चीनी विदेश मंत्री वांग यी से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की।
इस अवसर पर, वांग यी ने किम जोंग-उन को सीपीसी की केंद्रीय समिति के महासचिव शी चिनफिंग की ओर से स्नेहपूर्ण अभिवादन प्रकट किया और उत्तर कोरिया की श्रमिक पार्टी की नौवीं राष्ट्रीय कांग्रेस और १५वीं सर्वोच्च जन सभा के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। वांग ने यह विश्वास व्यक्त किया कि महासचिव किम जोंग-उन के नेतृत्व में श्रमिक पार्टी की केंद्रीय समिति के मजबूत नेतृत्व में और सभी नागरिकों के समर्पित प्रयासों से उत्तर कोरिया का समाजवादी निर्माण निश्चित रूप से नए आयामों तक पहुंचेगा।
वांग यी ने यह भी बताया कि पिछले साल सितंबर में महासचिव किम जोंग-उन ने सफलतापूर्वक चीन की यात्रा की थी और चीन की जनता के खिलाफ जापानी आक्रमण और विश्व फासीवाद के खिलाफ युद्ध की विजय की ८०वीं वर्षगांठ पर आयोजित भव्य समारोह में भाग लिया था। शी चिनफिंग ने इस ऐतिहासिक मुलाकात में भाग लिया, जिससे चीन-उत्तर कोरिया संबंधों के लिए एक नया रणनीतिक दिशा-निर्देश प्राप्त हुआ। चीन उत्तर कोरिया के साथ महत्वपूर्ण सहमतियों का कार्यान्वयन कर सहयोग और आदान-प्रदान को मजबूत करना चाहता है।
चीन और उत्तर कोरिया को जटिल अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य के बीच अपनी राष्ट्रीय प्रभुसत्ता, सुरक्षा और विकास के हितों की रक्षा करते हुए महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों में समन्वय और संपर्क बढ़ाना चाहिए, ताकि विश्व शांति और विकास में सहयोग किया जा सके।
वहीं, किम जोंग-उन ने कहा कि वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में बड़े परिवर्तन हो रहे हैं। उत्तर कोरिया और चीन के संबंधों का विकास दोनों देशों के समान हित में है और यह उत्तर कोरिया की पार्टी और सरकार की दृढ़ नीति है। उत्तर कोरिया महासचिव शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत मानवता के साझा भविष्य वाले समुदाय की विचारधारा और चार वैश्विक पहलों का समर्थन करता है। उत्तर कोरिया चीन के साथ उच्च स्तरीय आदान-प्रदान, रणनीतिक संपर्क और आपसी समर्थन को बढ़ावा देना चाहता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)