बंगाल में हिंदू विरोधी मानसिकता: विनोद बंसल का बयान
सारांश
Key Takeaways
- विनोद बंसल ने हिंदू विरोधी मानसिकता की कड़ी निंदा की।
- बंगाल में विधानसभा चुनावों के नजदीक स्थिति चिंताजनक है।
- टीएमसी का रामराज्य के खिलाफ बयान कोई नई बात नहीं।
- हिंदू समाज को एकजुट होने की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने पश्चिम बंगाल में बढ़ते हिंदू विरोधी बयानों पर कड़ा प्रहार किया।
उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, हिंदू विरोधी तत्व और कुछ स्वयंभू हिंदू भी गैर-हिंदुओं की तरह बोलने लगे हैं। वे हिंदुओं के खिलाफ बोलने की पराकाष्ठा पर पहुंच गए हैं।"
विनोद बंसल ने रामनगर से विधायक रहे और ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रहे अखिल गिरि पर कटाक्ष करते हुए कहा, "जिसका निर्वाचन क्षेत्र रामनगर है, वही रामराज्य के खिलाफ बोल रहा है। वह कह रहा है कि रामराज्य की कोई आवश्यकता नहीं है, जिससे वह न केवल अपने इस्लामिक जिहादियों को खुश कर रहा है, बल्कि पूरे हिंदू समाज को भी गहरा आघात पहुंचा रहा है।"
उन्होंने कहा कि टीएमसी का रामराज्य के खिलाफ बोलना कोई नई बात नहीं है। पहले भी सीएम ममता बनर्जी के ऐसे बयान सुनने को मिले हैं, जिनमें उन्होंने 'जय श्री राम' के नारे से चिढ़कर शोभायात्राओं को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने हमारी धार्मिक आस्था और विश्वास के साथ खिलवाड़ किया है। यह दशकों से जारी है और अब इसे समाप्त करने की आवश्यकता है।
विनोद बंसल ने बंगाल की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "कम्युनिस्टों और अब टीएमसी की गुंडागर्दी के चलते घुसपैठियों को शरण दी गई है, और मूल बंगाली नागरिकों की पहचान को नुकसान पहुंचाया गया है। आज हिंदुओं को द्वितीय श्रेणी के नागरिक की तरह देखा जा रहा है। बंगाल अब पूज्य संतों और वीरों की भूमि नहीं, बल्कि जिहादियों का केंद्र बनता जा रहा है।"
उन्होंने कहा कि अब बंगाल के लोगों को यह तय करना है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए। विनोद बंसल ने जोर दिया, "अब बंगाल की मुक्ति का समय आ गया है। बंगाल की जनता जागरूक हो रही है और इस हिंदू विरोधी मानसिकता पर रोक लगाने के लिए तैयार है।"
उन्होंने बंगाल के हिंदू समाज से अपील की कि उन्हें अपनी आस्था, संस्कृति और पहचान की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए।