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महिला आरक्षण बिल पर मनीष तिवारी ने उठाए सवाल, सरकार का क्या है प्लान?

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महिला आरक्षण बिल पर मनीष तिवारी ने उठाए सवाल, सरकार का क्या है प्लान?

सारांश

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। क्या सरकार के पास कोई औपचारिक संशोधन है? जानिए इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर आगे क्या हो सकता है।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल पर अभी तक कोई औपचारिक संशोधन नहीं आया है।
मनीष तिवारी ने सरकार से सवाल उठाए हैं।
महिलाओं के लिए 33% से 50% आरक्षण की आवश्यकता।
राजद ने भी महिला आरक्षण का समर्थन किया है।
लोकसभा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार महिला आरक्षण बिल को संसद में पेश करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसी बीच, कांग्रेस के सांसद मनीष तिवारी ने शनिवार को इस बिल को लेकर सरकार से कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए।

मनीष तिवारी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "बिल का मसौदा अभी तक किसी के सामने नहीं आया है। प्रधानमंत्री लेख लिखने में व्यस्त हैं, लेकिन वे संशोधनों के बारे में स्पष्ट नहीं हैं। जब तक यह औपचारिक रूप से सभी सांसदों को नहीं सौंपा जाता और राजनीतिक दलों को सरकार की मंशा नहीं बताई जाती, तब तक इस पर कोई टिप्पणी केवल अनुमानित होगी।"

उन्होंने आगे कहा, "2023 में पारित महिला आरक्षण बिल में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि पहले परिसीमन होगा, उसके बाद एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। हम महिला आरक्षण के प्रबल समर्थक हैं। यूपीए सरकार के दौरान पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पहल पर राज्यसभा में यह विधेयक पास हुआ था।"

अपनी व्यक्तिगत राय में उन्होंने कहा, "मैं 33 प्रतिशत नहीं, बल्कि 50 प्रतिशत महिला आरक्षण का पक्षधर हूं। महिलाओं की जनसंख्या को देखते हुए, उन्हें उतना आरक्षण मिलना चाहिए। लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि सरकार सांसदों को बताए कि वह वास्तव में क्या करना चाहती है। अभी तक सरकार ने कोई औपचारिक संशोधन पेश नहीं किया है।"

मनीष तिवारी ने लोकसभा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा, "543 सदस्यों वाली लोकसभा सही तरीके से नहीं चल रही है। जब सीटों की संख्या बढ़ेगी, तब सदन कैसे संचालित होगा, यह भी एक बड़ा प्रश्न है।"

बिहार के राजद नेता मंगनी लाल मंडल ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि उनकी पार्टी लोहियावादी विचारधारा का पालन करती है और नर-नारी समता की पक्षधर है। डॉ. राममनोहर लोहिया का सिद्धांत हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ाने का रहा है, इसलिए महिला आरक्षण के लिए जो भी प्रस्ताव आएगा, राजद उसका समर्थन करेगा।

उन्होंने जोर देकर कहा, "हम महिला आरक्षण के पूर्ण समर्थक हैं। महिलाओं को उनकी जनसंख्या के अनुसार उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक इस पर कोई ठोस टिप्पणी करना मुश्किल है। यह मुद्दा महिला सशक्तीकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और सभी दलों को इसके प्रति अपनी दृष्टि स्पष्ट करनी चाहिए।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का इस बिल पर क्या कहना है?
मनीष तिवारी ने कहा कि बिल का मसौदा अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है और सरकार को स्पष्टता प्रदान करनी चाहिए।
महिला आरक्षण का समर्थन कौन कर रहा है?
कांग्रेस और राजद समेत कई दल महिला आरक्षण के पूर्ण समर्थन में हैं।
क्या महिला आरक्षण बिल पारित हो जाएगा?
यह निर्भर करता है कि सरकार औपचारिक संशोधन कब पेश करती है और राजनीतिक दलों का समर्थन कैसे जुटाती है।
महिला आरक्षण बिल में क्या प्रावधान हैं?
इसमें पहले परिसीमन के बाद एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है।
राष्ट्र प्रेस
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