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महिला आरक्षण विधेयक पर महिलाओं का उत्साह, इसे बताया गया राष्ट्रीय प्राथमिकता

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महिला आरक्षण विधेयक पर महिलाओं का उत्साह, इसे बताया गया राष्ट्रीय प्राथमिकता

सारांश

महिलाओं ने 'नारी शक्ति वंदन' कार्यक्रम में महिला आरक्षण विधेयक का स्वागत किया। इसे देश की आधी जनसंख्या के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इससे 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को मिलेगा।
राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।
समाज में सकारात्मक बदलाव की संभावना है।
हर नागरिक को इस विधेयक का समर्थन करना चाहिए।

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण विधेयक लाने की योजना के साथ ही राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। दिल्ली में रविवार को आयोजित 'नारी शक्ति वंदन' कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस विधेयक की प्रशंसा की और इसे देश की आधी जनसंख्या के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

नारी सामर्थ्य फाउंडेशन की प्रवक्ता रोजी धवन ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "महिला आरक्षण अधिनियम किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है। हर नागरिक को इसका समर्थन करना चाहिए। यह समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राजनीतिक सशक्तिकरण को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। जब हम किसी महिला को शिक्षित या सशक्त बनाते हैं, तो हम पूरी पीढ़ी को शिक्षित करते हैं। राजनीति में जितनी अधिक महिलाएं आएंगी, समाज उतना ही बेहतर बनेगा। जहां भी कोई महिला किसी पद पर होती है, वहां सकारात्मक बदलाव होते हैं।"

राजस्थान भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष शानू यादव ने कहा, "नारी वंदन अधिनियम जल्द लागू होने जा रहा है, जिसके अंतर्गत संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। मैं शीर्ष नेतृत्व का दिल से आभार व्यक्त करती हूं।"

भाजपा सांसद मंजू शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा, "यह विधेयक 2023 में राज्यसभा में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का समर्थन सभी लोग करते हैं। यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।"

तमिलनाडु महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष हजीना सैयद ने अपने पुराने विचारों में परिवर्तन करते हुए कहा, "पहले मैं भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन करती थी और 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर पदयात्रा भी निकाली थी। मैंने सोचा था कि भाजपा महिलाओं का समर्थन नहीं करती, लेकिन अब मैं अपने शब्द वापस लेना चाहती हूं। जमीनी हकीकत देखकर पता चलता है कि भाजपा महिलाओं को आगे बढ़ा रही है। तमिलनाडु में भाजपा को मिली 27 सीटों में से 5 सीटें महिलाओं को दी गई हैं। यह महिलाओं को सशक्त बनाने का एक असली उदाहरण है।"

दिल्ली में आयोजित "नारी शक्ति वंदन" कार्यक्रम में शामिल महिलाओं में उत्साह देखा गया। एक महिला प्रतिभागी ने कहा, "हम बहुत खुश हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल से धन्यवाद। हर क्षेत्र में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के अनगिनत अवसर मिलेंगे।"

एक अन्य महिला ने कहा, "नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। भाजपा ने इसे आगे बढ़ाया है। लोकसभा और राज्यसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।"

कार्यक्रम में मौजूद एक और प्रतिभागी ने कहा, "आज सभी महिलाओं के चेहरों पर खुशी साफ दिख रही है। वे बेहद सशक्त और उत्साहित महसूस कर रही हैं, क्योंकि उन्हें अब हर क्षेत्र में उनके अधिकार मिल रहे हैं।"

महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि महिला आरक्षण बिल न केवल राजनीति, बल्कि पूरे समाज को मजबूत बनाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह विधेयक जल्द से जल्द लागू हो और महिलाएं देश की मुख्यधारा में और अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल महिलाओं के सशक्तिकरण में सहायक होगा, बल्कि पूरे समाज को भी मजबूत करेगा। यह एक सामूहिक प्रयास है, जिसमें हर नागरिक को शामिल होना चाहिए।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान करता है।
इस विधेयक का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और समानता के अधिकार को सुनिश्चित करना है।
इस विधेयक का समर्थन कौन कर रहा है?
भाजपा सहित कई राजनीतिक दल इस विधेयक का समर्थन कर रहे हैं।
क्या यह विधेयक जल्द लागू होगा?
महिलाओं और राजनीतिक नेताओं का मानना है कि यह विधेयक जल्द ही लागू होगा।
इस विधेयक का समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह विधेयक महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएगा, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।
राष्ट्र प्रेस
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