पंजाब के गांवों को सौर ऊर्जा से जगमगाएगी 3 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइट्स, अमन अरोड़ा ने किया ऐलान
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री रोशन पंजाब योजना के तहत 3 लाख सौर एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी।
- योजना के लिए 550 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है।
- सौर ऊर्जा का उपयोग बिजली खर्च को शून्य करता है।
- महिलाओं की सुरक्षा में सुधार होगा।
- योजना का कार्यान्वयन पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा किया जाएगा।
चंडीगढ़, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब के ऊर्जा मंत्री अमन अरोड़ा ने रविवार को एक नई योजना की घोषणा की है, जिसका शीर्षक है ‘मुख्यमंत्री रोशन पंजाब योजना’। इस योजना के अंतर्गत, सभी गांवों में सौर ऊर्जा से संचालित एलईडी स्ट्रीट लाइटों की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए 550 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है।
मंत्री ने इस योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण पहल बताया, जिसमें पंजाब भर में 3 लाख से अधिक सोलर एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी।
अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगवानी में राज्य कैबिनेट ने इस कार्यक्रम को मंजूरी दी है, जिससे गांवों में विश्वसनीय और कम लागत वाली रोशनी सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने बताया कि सोलर स्ट्रीट लाइटों को इसलिए प्राथमिकता दी जा रही है क्योंकि इनका बिजली खर्च शून्य होता है, और ये ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपयुक्त हैं।
यह परियोजना पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा लागू की जाएगी और इसे जून से अक्टूबर 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
योजना के वित्तीय ढांचे के अनुसार 70 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार और 30 प्रतिशत ग्राम पंचायतें वहन करेंगी।
मंत्री ने बताया कि पिछले 70 वर्षों में गांवों में केवल लगभग 1.14 लाख स्ट्रीट लाइटें ही लगी थीं, जिनमें से कई अब खराब हो चुकी हैं।
नई योजना के तहत सभी लाइटों के लिए सात साल का वार्षिक रखरखाव अनुबंध होगा, जिसमें खराब होने पर तीन दिनों के भीतर उन्हें बदलने का प्रावधान रहेगा।
इस सिस्टम में हर लाइट की जियो-टैगिंग, एक केंद्रीय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से निगरानी और शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन शामिल होगी।
अमन अरोड़ा ने कहा कि यह पहल विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाएगी, समावेशिता को बढ़ावा देगी और ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार लाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार हरित ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए कई सौर परियोजनाओं पर काम कर रही है।
मंत्री ने इस योजना को गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि इससे न केवल सुरक्षा बेहतर होगी, बल्कि राज्य के गांवों में आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।