उत्तर कोरिया ने नई वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का परीक्षण किया, क्रूज मिसाइल से काल्पनिक हवाई अड्डे पर हमले का अभ्यास
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर कोरिया ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को एक नई वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का परीक्षण किया और साथ ही अपनी लंबी दूरी की रणनीतिक क्रूज मिसाइल इकाई से एक काल्पनिक हवाई अड्डे पर हमले का अभ्यास भी कराया। देश की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने गुरुवार को इस परीक्षण की पुष्टि की। यह सैन्य गतिविधि ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका में मध्यावधि चुनाव चल रहे हैं और कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव एक बार फिर बढ़ रहा है।
परीक्षण का विवरण और तकनीकी पहलू
केसीएनए के अनुसार, इस परीक्षण का उद्देश्य नई वायु रक्षा प्रणाली की तकनीकी क्षमताओं और विश्वसनीयता की जाँच करना था। केसीएनए ने बताया कि 'परीक्षण के दौरान मिसाइल में इस्तेमाल की गई नई सामग्रियों, उसकी बहुस्तरीय निर्देशित प्रणाली, लक्ष्य की पहचान करने और उसका पीछा करने की क्षमता तथा निगरानी से जुड़ी सूचनाओं को संसाधित करने वाले उपकरणों की जांच की गई।' इस परीक्षण की निगरानी केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्य किम जोंग-सिक ने की।
इसी दिन देश के पूर्वी क्षेत्र में तैनात लंबी दूरी की रणनीतिक क्रूज मिसाइल इकाई के एक दस्ते ने एक काल्पनिक हवाई अड्डे को निशाना बनाकर सैन्य अभ्यास किया। केसीएनए ने दावा किया कि दस्ते ने अपने हमले के मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।
दक्षिण कोरिया की प्रारंभिक प्रतिक्रिया
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने बुधवार सुबह पहले ही उत्तर कोरिया की ओर से पूर्वी सागर की दिशा में कई मिसाइलें दागे जाने की जानकारी दी थी। ये मिसाइलें दक्षिण हमग्योंग प्रांत के सोंडोक इलाके से दागी गई थीं। दक्षिण कोरियाई सेना के शुरुआती आकलन के अनुसार, इन मिसाइलों ने 300 किलोमीटर से कम दूरी तय की। हालाँकि, अधिकारियों ने इनके प्रकार को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया था।
दक्षिण कोरिया और अमेरिका, दोनों उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियों पर नज़र बनाए हुए हैं और मिसाइलों की तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण जारी है।
किम यो जोंग का अमेरिकी आरोपों पर पलटवार
इसी सप्ताह उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने लगातार बयान जारी कर अमेरिका की उस जाँच को खारिज किया, जिसमें उत्तर कोरिया पर दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस से $6 अरब (छह अरब डॉलर) से अधिक की चोरी करने का आरोप लगाया गया है।
किम यो जोंग ने अमेरिकी आरोपों को उत्तर कोरिया के प्रति शत्रुतापूर्ण नीति का हिस्सा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत शांति का एक विकल्प हो सकती है, लेकिन इसे उत्तर कोरिया के राष्ट्रीय हितों के लिए अनिवार्य नहीं माना जा सकता।
व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह परीक्षण अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के साथ-साथ हुआ है, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की नीतियों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया अक्सर अमेरिकी घरेलू राजनीतिक घटनाओं के साथ अपनी सैन्य गतिविधियाँ समयबद्ध करता है, ताकि अधिकतम कूटनीतिक दबाव बनाया जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध और साइबर वित्त चोरी के आरोप एक साथ उफान पर हैं।
आने वाले दिनों में दक्षिण कोरिया और अमेरिका की संयुक्त प्रतिक्रिया और संभावित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।