5 नवंबर 2026
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उत्तर कोरिया ने नई वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का परीक्षण किया, क्रूज मिसाइल से काल्पनिक हवाई अड्डे पर हमले का अभ्यास

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उत्तर कोरिया ने नई वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का परीक्षण किया, क्रूज मिसाइल से काल्पनिक हवाई अड्डे पर हमले का अभ्यास

सारांश

उत्तर कोरिया ने एक ही दिन में दो सैन्य कार्रवाइयाँ कीं — नई वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का परीक्षण और लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल से काल्पनिक हवाई अड्डे पर हमले का अभ्यास। यह सब उस समय हुआ जब अमेरिका में मध्यावधि चुनाव चल रहे हैं और प्योंगयांग पर $6 अरब क्रिप्टो चोरी के आरोप हैं।

मुख्य बातें

उत्तर कोरिया ने 4 नवंबर 2026 को नई वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का परीक्षण किया, जिसकी निगरानी किम जोंग-सिक ने की।
लंबी दूरी की रणनीतिक क्रूज मिसाइल इकाई ने पूर्वी क्षेत्र में एक काल्पनिक हवाई अड्डे पर हमले का सफल अभ्यास किया।
दक्षिण कोरिया के जेसीएस के अनुसार मिसाइलें दक्षिण हमग्योंग प्रांत के सोंडोक से दागी गईं और इन्होंने 300 किलोमीटर से कम दूरी तय की।
किम यो जोंग ने बाइनेंस से $6 अरब से अधिक क्रिप्टो चोरी के अमेरिकी आरोपों को खारिज किया।
यह परीक्षण अमेरिका के मध्यावधि चुनावों और राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की राजनीतिक परीक्षा के बीच हुआ।

उत्तर कोरिया ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को एक नई वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का परीक्षण किया और साथ ही अपनी लंबी दूरी की रणनीतिक क्रूज मिसाइल इकाई से एक काल्पनिक हवाई अड्डे पर हमले का अभ्यास भी कराया। देश की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने गुरुवार को इस परीक्षण की पुष्टि की। यह सैन्य गतिविधि ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका में मध्यावधि चुनाव चल रहे हैं और कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव एक बार फिर बढ़ रहा है।

परीक्षण का विवरण और तकनीकी पहलू

केसीएनए के अनुसार, इस परीक्षण का उद्देश्य नई वायु रक्षा प्रणाली की तकनीकी क्षमताओं और विश्वसनीयता की जाँच करना था। केसीएनए ने बताया कि 'परीक्षण के दौरान मिसाइल में इस्तेमाल की गई नई सामग्रियों, उसकी बहुस्तरीय निर्देशित प्रणाली, लक्ष्य की पहचान करने और उसका पीछा करने की क्षमता तथा निगरानी से जुड़ी सूचनाओं को संसाधित करने वाले उपकरणों की जांच की गई।' इस परीक्षण की निगरानी केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्य किम जोंग-सिक ने की।

इसी दिन देश के पूर्वी क्षेत्र में तैनात लंबी दूरी की रणनीतिक क्रूज मिसाइल इकाई के एक दस्ते ने एक काल्पनिक हवाई अड्डे को निशाना बनाकर सैन्य अभ्यास किया। केसीएनए ने दावा किया कि दस्ते ने अपने हमले के मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।

दक्षिण कोरिया की प्रारंभिक प्रतिक्रिया

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने बुधवार सुबह पहले ही उत्तर कोरिया की ओर से पूर्वी सागर की दिशा में कई मिसाइलें दागे जाने की जानकारी दी थी। ये मिसाइलें दक्षिण हमग्योंग प्रांत के सोंडोक इलाके से दागी गई थीं। दक्षिण कोरियाई सेना के शुरुआती आकलन के अनुसार, इन मिसाइलों ने 300 किलोमीटर से कम दूरी तय की। हालाँकि, अधिकारियों ने इनके प्रकार को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया था।

दक्षिण कोरिया और अमेरिका, दोनों उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियों पर नज़र बनाए हुए हैं और मिसाइलों की तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण जारी है।

किम यो जोंग का अमेरिकी आरोपों पर पलटवार

इसी सप्ताह उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने लगातार बयान जारी कर अमेरिका की उस जाँच को खारिज किया, जिसमें उत्तर कोरिया पर दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस से $6 अरब (छह अरब डॉलर) से अधिक की चोरी करने का आरोप लगाया गया है।

किम यो जोंग ने अमेरिकी आरोपों को उत्तर कोरिया के प्रति शत्रुतापूर्ण नीति का हिस्सा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत शांति का एक विकल्प हो सकती है, लेकिन इसे उत्तर कोरिया के राष्ट्रीय हितों के लिए अनिवार्य नहीं माना जा सकता।

व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि यह परीक्षण अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के साथ-साथ हुआ है, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की नीतियों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया अक्सर अमेरिकी घरेलू राजनीतिक घटनाओं के साथ अपनी सैन्य गतिविधियाँ समयबद्ध करता है, ताकि अधिकतम कूटनीतिक दबाव बनाया जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध और साइबर वित्त चोरी के आरोप एक साथ उफान पर हैं।

आने वाले दिनों में दक्षिण कोरिया और अमेरिका की संयुक्त प्रतिक्रिया और संभावित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के साथ सटीक समयबद्धता दर्शाता है। प्योंगयांग ने बार-बार साबित किया है कि वह वाशिंगटन के ध्यान भटकाव के क्षणों का लाभ उठाता है। किम यो जोंग का क्रिप्टो चोरी के आरोपों पर पलटवार और 'बातचीत संभव है लेकिन अनिवार्य नहीं' वाला बयान एक जटिल कूटनीतिक संकेत है जिसे नज़रअंदाज़ करना महँगा पड़ सकता है। भारत समेत एशियाई देशों को इस क्षेत्रीय अस्थिरता के निहितार्थ गंभीरता से लेने होंगे।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर कोरिया ने किस नई मिसाइल प्रणाली का परीक्षण किया?
उत्तर कोरिया ने एक नई वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का परीक्षण किया, जिसमें बहुस्तरीय निर्देशित प्रणाली, लक्ष्य पहचान और पीछा करने की क्षमता तथा निगरानी सूचना प्रसंस्करण उपकरणों की जाँच शामिल थी। केसीएनए के अनुसार परीक्षण 4 नवंबर 2026 को हुआ और इसकी निगरानी केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्य किम जोंग-सिक ने की।
दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया की मिसाइलों के बारे में क्या बताया?
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बुधवार सुबह पुष्टि की कि उत्तर कोरिया ने दक्षिण हमग्योंग प्रांत के सोंडोक से पूर्वी सागर की दिशा में कई मिसाइलें दागीं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इन मिसाइलों ने 300 किलोमीटर से कम दूरी तय की, हालाँकि मिसाइलों के प्रकार की अंतिम पुष्टि अभी बाकी थी।
किम यो जोंग ने अमेरिका के क्रिप्टो चोरी के आरोपों पर क्या कहा?
किम यो जोंग ने अमेरिका के उन आरोपों को सिरे से खारिज किया जिनमें उत्तर कोरिया पर बाइनेंस से $6 अरब से अधिक की क्रिप्टोकरेंसी चोरी का दावा किया गया था। उन्होंने इन आरोपों को उत्तर कोरिया के प्रति शत्रुतापूर्ण नीति का हिस्सा बताया और कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत संभव है लेकिन राष्ट्रीय हितों के लिए अनिवार्य नहीं।
उत्तर कोरिया का यह मिसाइल परीक्षण अमेरिकी चुनावों से कैसे जुड़ा है?
यह परीक्षण अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के साथ-साथ हुआ, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की नीतियों की राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर कोरिया अक्सर अमेरिकी घरेलू राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान अपनी सैन्य गतिविधियाँ तेज़ करता है।
इस सैन्य गतिविधि के बाद आगे क्या हो सकता है?
दक्षिण कोरिया और अमेरिका फिलहाल मिसाइलों की तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण कर रहे हैं। संभावित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक और दोनों देशों की संयुक्त सैन्य प्रतिक्रिया पर नज़रें टिकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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