7 अगस्त 2026
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उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण पर अमेरिका सतर्क, सहयोगी देशों को सुरक्षा का आश्वासन

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उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण पर अमेरिका सतर्क, सहयोगी देशों को सुरक्षा का आश्वासन

सारांश

उत्तर कोरिया ने वोनसान से पूर्वी सागर की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागी — ठीक 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' अभ्यास से पहले। अमेरिका ने तत्काल खतरा नकारते हुए सहयोगियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। दक्षिण कोरिया ने इसे UN प्रस्तावों का उल्लंघन बताया।

मुख्य बातें

उत्तर कोरिया ने 6 अगस्त को वोनसान क्षेत्र से शाम करीब 5 बजे एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल पूर्वी सागर की ओर दागी।
अमेरिकी पैसिफिक कमांड ने पुष्टि की कि यह घटना अमेरिकी कर्मियों या सहयोगी देशों के लिए तत्काल कोई खतरा नहीं है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग की आपात बैठक बुलाई; रक्षा मंत्रालय और JCS के अधिकारी शामिल हुए।
राष्ट्रपति कार्यालय ने इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्तावों का उल्लंघन और 'उकसावे वाली कार्रवाई' बताया।
यह प्रक्षेपण वार्षिक संयुक्त अभ्यास 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' से ठीक पहले हुआ, जो इस महीने के अंत में प्रस्तावित है।
इससे पहले उत्तर कोरिया ने 25 जून को सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल और मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का परीक्षण किया था।

अमेरिकी पैसिफिक कमांड ने 6 अगस्त को पुष्टि की कि उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की दिशा में एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। प्रक्षेपण के कुछ घंटों के भीतर जारी बयान में कमांड ने कहा कि यह घटना फिलहाल अमेरिकी कर्मियों, अमेरिकी क्षेत्र या सहयोगी देशों के लिए तत्काल कोई खतरा नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के अनुसार, यह मिसाइल उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय शहर वोनसान क्षेत्र से शाम करीब 5 बजे प्रक्षेपित की गई। मिसाइल की तकनीकी विशेषताओं की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने प्रक्षेपण की प्रारंभिक तैयारी के चरण से ही उत्तर कोरिया की गतिविधियों पर नज़र रखी और परस्पर जानकारी साझा की।

JCS ने स्पष्ट किया कि दोनों देश मिलकर मिसाइल का तकनीकी विश्लेषण कर रहे हैं और जापान के साथ भी संबंधित सूचनाएँ निरंतर साझा की जा रही हैं। सेना को संभावित अतिरिक्त प्रक्षेपणों पर नज़र रखने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

अमेरिका की प्रतिक्रिया

अमेरिकी पैसिफिक कमांड ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा, 'हमें मिसाइल प्रक्षेपण की जानकारी है और हम अपने सहयोगियों तथा भागीदार देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं।' बयान में आगे कहा गया, 'अमेरिका अपने देश और क्षेत्र में अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।' यह बयान क्षेत्रीय तनाव के बीच वाशिंगटन की दृढ़ सैन्य उपस्थिति का संकेत देता है।

दक्षिण कोरिया की सुरक्षा बैठक

इस घटना के तुरंत बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय के राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग ने आपात बैठक बुलाई, जिसमें रक्षा मंत्रालय और JCS के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों को सतर्क रहने, उचित जवाबी तैयारी बनाए रखने और इस प्रक्षेपण के राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करने के निर्देश दिए गए।

राष्ट्रपति कार्यालय ने उत्तर कोरिया के इस कदम को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सीधा उल्लंघन बताते हुए इसे 'उकसावे वाली कार्रवाई' करार दिया और प्रक्षेपण तत्काल रोकने की माँग की।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह प्रक्षेपण ऐसे समय में हुआ है जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' इस महीने के अंत में आयोजित होने की संभावना है। उत्तर कोरिया इस अभ्यास को लंबे समय से संभावित आक्रमण की तैयारी बताता रहा है। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने इससे पहले 25 जून को एक सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल, नए मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर और अन्य हथियारों का परीक्षण किया था।

यह ऐसे समय में आया है जब कोरियाई प्रायद्वीप पर कूटनीतिक गतिरोध जारी है और परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता ठप पड़ी है। विशेषज्ञों के अनुसार, संयुक्त सैन्य अभ्यास से पहले इस तरह के प्रक्षेपण उत्तर कोरिया की परंपरागत रणनीतिक चेतावनी का हिस्सा हैं।

आगे की स्थिति

तीनों देश — अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान — मिसाइल के तकनीकी विश्लेषण में जुटे हैं। 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' अभ्यास की तैयारियाँ जारी हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा निगरानी बढ़ा दी गई है। आने वाले दिनों में उत्तर कोरिया के संभावित अतिरिक्त प्रक्षेपणों पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पिछले एक दशक से दोहराई जा रही है। चिंताजनक यह है कि हर बार की तरह अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया बयानों तक सीमित रहती है, जबकि उत्तर कोरिया अपनी मिसाइल क्षमता लगातार परिष्कृत करता जाता है। UN प्रस्तावों के 'उल्लंघन' की निंदा अब इतनी नियमित हो चुकी है कि उसकी प्रतिरोधक शक्ति संदिग्ध लगती है। असली सवाल यह है कि अमेरिका और उसके सहयोगी इस चक्र को तोड़ने के लिए कूटनीतिक विकल्पों पर कब गंभीरता से विचार करेंगे।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर कोरिया ने 6 अगस्त को कौन सी मिसाइल दागी?
उत्तर कोरिया ने 6 अगस्त को अपने पूर्वी तटीय शहर वोनसान क्षेत्र से एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल पूर्वी सागर की दिशा में दागी। मिसाइल की तकनीकी विशेषताओं का अमेरिका और दक्षिण कोरिया मिलकर विश्लेषण कर रहे हैं।
अमेरिकी पैसिफिक कमांड ने इस प्रक्षेपण पर क्या कहा?
अमेरिकी पैसिफिक कमांड ने कहा कि उसे प्रक्षेपण की जानकारी है और मौजूदा आकलन के अनुसार यह अमेरिकी कर्मियों, अमेरिकी क्षेत्र या सहयोगी देशों के लिए तत्काल कोई खतरा नहीं है। कमांड ने क्षेत्र में अपने सहयोगियों की सुरक्षा के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई।
दक्षिण कोरिया ने इस मिसाइल प्रक्षेपण पर क्या कदम उठाए?
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने तुरंत राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग की आपात बैठक बुलाई, जिसमें रक्षा मंत्रालय और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अधिकारी शामिल हुए। राष्ट्रपति कार्यालय ने इसे UN सुरक्षा परिषद प्रस्तावों का उल्लंघन और उकसावे की कार्रवाई बताते हुए तत्काल रोकने की माँग की।
'उल्ची फ्रीडम शील्ड' अभ्यास क्या है और इसका इस प्रक्षेपण से क्या संबंध है?
'उल्ची फ्रीडम शील्ड' अमेरिका और दक्षिण कोरिया का वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास है, जो अगस्त के अंत में आयोजित होने की संभावना है। उत्तर कोरिया इस अभ्यास को संभावित आक्रमण की तैयारी बताता रहा है और परंपरागत रूप से इससे पहले मिसाइल परीक्षण करता है।
उत्तर कोरिया ने इससे पहले कब मिसाइल या हथियार परीक्षण किया था?
उत्तर कोरिया ने 25 जून को एक सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल, नए मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर और अन्य हथियारों का परीक्षण किया था। 6 अगस्त का प्रक्षेपण उसी क्रम में एक और कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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