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उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण पर दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान की त्रिपक्षीय बैठक

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उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण पर दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान की त्रिपक्षीय बैठक

सारांश

उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण ने एक बार फिर तीन देशों को आपातकालीन समन्वय की मेज़ पर ला दिया — और यह तब हुआ जब ट्रंप के आदेश पर संयुक्त सैन्य अभ्यास एक हफ्ते पहले ही रोका जा रहा था। प्योंगयांग की यह चुप्पी और मिसाइल, दोनों एक साथ कोरियाई कूटनीति की जटिलता को उजागर करते हैं।

मुख्य बातें

दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के वरिष्ठ राजनयिकों ने 21 अगस्त को फोन पर त्रिपक्षीय वार्ता की।
उत्तर कोरिया ने गुरुवार को पूर्वी सागर की दिशा में कम दूरी की कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
मिसाइल प्रक्षेपण दक्षिण कोरिया-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान हुआ, जिसे प्योंगयांग 'युद्ध की तैयारी' बताता है।
राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर संयुक्त सैन्य अभ्यास निर्धारित समय से करीब एक सप्ताह पहले समाप्त करने की घोषणा की गई।
ट्रंप ने किम जोंग-उन के साथ फिर से वार्ता की इच्छा जताई है, लेकिन उत्तर कोरिया ने अब तक कोई विशेष रुचि नहीं दिखाई।

दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के वरिष्ठ राजनयिकों ने शुक्रवार, 21 अगस्त को उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण पर गंभीर चिंता जताते हुए फोन पर त्रिपक्षीय वार्ता की। प्योंगयांग की ओर से गुरुवार को पूर्वी सागर की दिशा में दागी गई कम दूरी की कई बैलिस्टिक मिसाइलों के बाद तीनों देशों के अधिकारियों ने स्थिति का आकलन साझा किया और संभावित जवाबी कदमों पर विचार-विमर्श किया।

किन अधिकारियों के बीच हुई बातचीत

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय के अनुसार, कोरियाई प्रायद्वीप नीति के महानिदेशक बेक योंग-जिन ने अमेरिकी विदेश विभाग में पूर्वोत्तर एशिया मामलों के उप सहायक सचिव डेविड वाइलजोल और जापान के विदेश मंत्रालय के एशियाई एवं ओशिनियाई मामलों के ब्यूरो के उप महानिदेशक ताकाशी अरियोशी से बातचीत की। मंत्रालय ने बताया कि तीनों अधिकारियों ने ज़रूरी और प्रासंगिक सूचनाएं साझा कीं तथा भविष्य में इस पर प्रतिक्रिया देने के तरीकों पर विचार किया।

नियमित समन्वय तंत्र की भूमिका

गौरतलब है कि तीनों देशों के विदेश मामलों के अधिकारियों के बीच उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण की स्थिति में तत्काल सूचनाएं और आकलन साझा करने के लिए एक स्थापित नियमित समन्वय चैनल पहले से मौजूद है। यह बातचीत उसी ढाँचे के तहत हुई, जो इस क्षेत्र में किसी भी मिसाइल गतिविधि पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करता है।

मिसाइल प्रक्षेपण का संदर्भ

दक्षिण कोरियाई सेना ने गुरुवार को पुष्टि की थी कि उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर कम दूरी की कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह प्रक्षेपण ऐसे समय में हुआ जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका अपना वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे थे। प्योंगयांग इस अभ्यास को लगातार 'युद्ध की तैयारी' बताते हुए इसकी आलोचना करता रहा है।

ट्रंप फैक्टर और कूटनीतिक पेचीदगियाँ

यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद दक्षिण कोरिया-अमेरिका का मौजूदा संयुक्त सैन्य अभ्यास निर्धारित अवधि से करीब एक सप्ताह पहले ही समाप्त करने की घोषणा की गई। ट्रंप ने उत्तर कोरिया के साथ तनाव कम करने और उसके नेता किम जोंग-उन के साथ फिर से वार्ता शुरू करने की इच्छा भी जताई है। हालाँकि, उत्तर कोरिया ने अब तक इस प्रस्ताव में कोई विशेष रुचि नहीं दिखाई है। आलोचकों का कहना है कि अभ्यास की समयसीमा में कटौती और मिसाइल प्रक्षेपण का एक साथ होना कोरियाई प्रायद्वीप पर कूटनीतिक संतुलन को और जटिल बना सकता है।

आगे क्या होगा

तीनों देशों के बीच यह समन्वय दर्शाता है कि अमेरिका की बातचीत की इच्छा के बावजूद दक्षिण कोरिया-अमेरिका-जापान का सुरक्षा गठजोड़ सक्रिय बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर कोरिया की यह मिसाइल गतिविधि आने वाले हफ्तों में इस क्षेत्र में कूटनीतिक हलचल को और तेज़ कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कूटनीतिक संदेश भी है — और समय का चुनाव सोचा-समझा लगता है। ट्रंप के अभ्यास-कटौती के आदेश को जहाँ वाशिंगटन में 'शांति संकेत' के रूप में पेश किया जा रहा था, वहीं प्योंगयांग ने मिसाइल दागकर स्पष्ट कर दिया कि वह एकतरफा रियायतों से प्रभावित नहीं होता। तीन देशों का यह समन्वय तंत्र भले ही स्थापित हो, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ट्रंप की 'डील' की राजनीति और सियोल-टोक्यो की सुरक्षा प्राथमिकताएँ एक ही दिशा में चल सकती हैं। इतिहास बताता है कि उत्तर कोरिया हर बार बातचीत की पेशकश के जवाब में उकसावे का रास्ता चुनता है — और इस बार भी वही पैटर्न दिखता है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर कोरिया ने कब और कहाँ मिसाइलें दागीं?
दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, उत्तर कोरिया ने गुरुवार, 20 अगस्त को पूर्वी सागर की दिशा में कम दूरी की कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह प्रक्षेपण दक्षिण कोरिया-अमेरिका के चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान हुआ।
तीनों देशों के बीच किस स्तर पर बातचीत हुई?
दक्षिण कोरिया के कोरियाई प्रायद्वीप नीति के महानिदेशक बेक योंग-जिन, अमेरिकी विदेश विभाग के उप सहायक सचिव डेविड वाइलजोल और जापानी विदेश मंत्रालय के उप महानिदेशक ताकाशी अरियोशी के बीच फोन पर वार्ता हुई। तीनों ने सूचनाएं साझा कीं और जवाबी कदमों पर विचार किया।
दक्षिण कोरिया-अमेरिका का संयुक्त सैन्य अभ्यास क्यों जल्दी समाप्त हो रहा है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद मौजूदा संयुक्त सैन्य अभ्यास निर्धारित अवधि से करीब एक सप्ताह पहले ही समाप्त करने की घोषणा की गई। ट्रंप ने उत्तर कोरिया के साथ तनाव कम करने और किम जोंग-उन से फिर वार्ता की इच्छा जताई है।
उत्तर कोरिया ने ट्रंप की वार्ता की पेशकश पर क्या प्रतिक्रिया दी?
रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर कोरिया ने अब तक ट्रंप की वार्ता पहल में कोई विशेष रुचि नहीं दिखाई है। इसके बजाय, मिसाइल प्रक्षेपण से संकेत मिलता है कि प्योंगयांग अपनी परंपरागत कूटनीतिक रणनीति पर कायम है।
तीनों देशों का यह समन्वय तंत्र क्या है?
दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के बीच एक स्थापित नियमित समन्वय चैनल मौजूद है, जो उत्तर कोरिया की किसी भी मिसाइल गतिविधि पर तत्काल सूचनाएं और आकलन साझा करने के लिए बनाया गया है। यह बातचीत उसी ढाँचे के तहत हुई।
राष्ट्र प्रेस
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