उत्तर कोरिया की दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के बाद दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के बीच त्रिपक्षीय परामर्श
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर कोरिया द्वारा रविवार, 21 सितंबर 2026 को वॉनसान इलाके से ईस्ट सी की दिशा में दो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के बाद दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को फोन पर त्रिपक्षीय परामर्श किया। तीनों देशों ने मिसाइल प्रक्षेपण से संबंधित खुफिया सूचनाएं साझा कीं और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई। यह इस वर्ष प्योंगयांग का 14वाँ बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण बताया जा रहा है।
तीनों देशों के अधिकारियों के बीच संपर्क
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय के अनुसार, कोरियाई प्रायद्वीप नीति के महानिदेशक बाक योंग-जिन ने अमेरिका के पूर्वोत्तर एशिया मामलों के उप सहायक सचिव डेविड वाइलजोल और जापान के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ताकाशी अरियोशी से यह चर्चा की।
मंत्रालय ने बताया कि तीनों देश उत्तर कोरियाई मिसाइल गतिविधियों की स्थिति में सूचनाओं और आकलनों को शीघ्रता से साझा करने के लिए एक स्थायी संपर्क व्यवस्था बनाए हुए हैं। सोल ने प्योंगयांग से बैलिस्टिक मिसाइल गतिविधियाँ तत्काल रोकने का आग्रह करते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे प्रक्षेपण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सीधा उल्लंघन हैं।
मिसाइल प्रक्षेपण का ब्यौरा
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के अनुसार, उत्तर कोरिया ने रविवार को वॉनसान से कुछ घंटों के अंतराल पर दो मिसाइलें दागीं — पहली मिसाइल ने करीब 450 किलोमीटर और दूसरी ने 600 किलोमीटर से अधिक दूरी तय की।
गौरतलब है कि इससे पहले 12 सितंबर को भी प्योंगयांग ने उसी इलाके से कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। अधिकारियों के हवाले से बताया जा रहा है कि यह इस वर्ष उत्तर कोरिया का 14वाँ बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण है। उल्लेखनीय है कि उत्तर कोरियाई राजकीय समाचार एजेंसी KCNA ने रविवार के प्रक्षेपण के बारे में कोई सूचना प्रकाशित नहीं की है।
पैसिफिक वैनगार्ड अभ्यास और किम यो-जोंग की चेतावनी
यह प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी नौसेना के 7वें बेड़े के नेतृत्व में 'पैसिफिक वैनगार्ड' सैन्य अभ्यास क्षेत्र में चल रहा है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि वह 'ऐसे सैन्य अभ्यासों को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए इसका विरोध करता है।'
मिसाइल प्रक्षेपण से दो दिन पहले उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने इस सैन्य अभ्यास की कड़ी आलोचना की थी और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। यह ताजा प्रक्षेपण उसी चेतावनी के क्रम में देखा जा रहा है।
कूटनीतिक पृष्ठभूमि और दक्षिण कोरिया की आपात बैठक
दक्षिण कोरिया ने रविवार के प्रक्षेपण के तुरंत बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय की आपात बैठक बुलाई, जिसमें रक्षा मंत्रालय और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अधिकारियों ने स्थिति और संभावित सुरक्षा प्रभावों की समीक्षा की।
यह प्रक्षेपण संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र और अमेरिका-चीन शिखर बैठक से ठीक पहले हुआ है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएँ और गहरी हुई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किम जोंग-उन के साथ वार्ता फिर शुरू करने की इच्छा जता चुके हैं — हालाँकि लगातार मिसाइल परीक्षणों के बीच संभावित कूटनीतिक पहल की राह कठिन बनी हुई है। आने वाले दिनों में तीनों देशों के बीच समन्वय और संयुक्त राष्ट्र स्तर पर प्रतिक्रिया की बारीकी से निगरानी की जाएगी।