उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण पर दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान की त्रिपक्षीय फोन वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के वरिष्ठ राजनयिकों ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को टेलीफोन पर त्रिपक्षीय बातचीत की, जिसमें उत्तर कोरिया द्वारा हाल ही में दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों पर खुफिया जानकारी साझा की गई और संयुक्त प्रतिक्रिया के विकल्पों पर विचार-विमर्श हुआ। यह वार्ता उस दिन हुई जब प्योंगयांग के सरकारी मीडिया ने पुष्टि की कि पिछले दिन उसने 600 मिलीमीटर मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर, टैक्टिकल क्रूज मिसाइलें और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें दागी थीं।
मिसाइल प्रक्षेपण का ब्यौरा
दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के अनुसार, गुरुवार को उत्तर कोरिया ने वोंसान इलाके से ईस्ट सी (पूर्वी सागर) की ओर लगभग 10 कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने इसे एक 'हथियार प्रदर्शन' करार दिया। यह प्रक्षेपण ऐसे समय में हुआ जब कोरियाई प्रायद्वीप पर पहले से तनाव चरम पर था।
किन राजनयिकों ने की बातचीत
सोल के विदेश मंत्रालय में कोरियाई प्रायद्वीप नीति के महानिदेशक बेक योंग-जिन ने अमेरिकी विदेश विभाग में पूर्वोत्तर एशिया के लिए उप सहायक सचिव डेविड विलेजोल और जापान के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ताकाशी अरियोशी के साथ यह बातचीत की। सोल के विदेश मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 'तीनों अधिकारियों ने ज़रूरी जानकारी साझा की और भविष्य की प्रतिक्रियाओं पर चर्चा की।' मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उत्तर कोरिया द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च के हर मामले में तीनों देशों के राजनयिक इस स्थापित चैनल के ज़रिये तत्काल जानकारी साझा करते हैं।
सीमा पर बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दक्षिण कोरिया ने एक हफ्ते पहले ही प्योंगयांग को सैन्य वार्ता का प्रस्ताव दिया था, जिसका उद्देश्य सीमा निर्धारण पर मतभेदों को सुलझाना था। इससे पहले पिछले महीने डिमिलिटराइज्ड ज़ोन (DMZ) के भीतर एक लैंडमाइन विस्फोट में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गए थे, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा हो गया। गौरतलब है कि यह उत्तर कोरिया की ओर से लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों की श्रृंखला में एक और कड़ी है।
दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री की कड़ी निंदा
गुरुवार को फिलीपींस में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) में भाग लेते हुए दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल ने इन प्रक्षेपणों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, 'इस समय उत्तर कोरिया कई मिसाइलें दागकर कोरियाई प्रायद्वीप और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है।' उन्होंने DMZ में हुए लैंडमाइन विस्फोट को 1950-53 के कोरियाई युद्ध को समाप्त करने वाले युद्धविराम समझौते का 'स्पष्ट उल्लंघन' और एक 'उकसावे की कार्रवाई' करार दिया।
वार्ता बहाली की अपील
कांग ने साथ ही दोनों कोरियाई देशों के बीच संवाद फिर से शुरू करने का भी आह्वान किया। उनके अनुसार, 'जब बातचीत के रास्ते बंद हों, तो विरोधी के इरादों को समझना मुश्किल हो जाता है। आपसी अविश्वास और तनाव आगे चलकर और अधिक टकराव और संकट का कारण बन सकते हैं।' विश्लेषकों का मानना है कि यह वार्ता तीनों सहयोगी देशों की उस साझा रणनीति का हिस्सा है जिसमें उत्तर कोरिया पर कूटनीतिक और सैन्य दबाव बनाए रखा जाता है। कोरियाई प्रायद्वीप पर स्थिरता इस क्षेत्र के लिए अगले कुछ हफ्तों की सबसे बड़ी परीक्षा बनी रहेगी।