20 सितंबर 2026
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उत्तर कोरिया ने ईस्ट सी में दागी संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल, जापान-दक्षिण कोरिया अलर्ट

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उत्तर कोरिया ने ईस्ट सी में दागी संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल, जापान-दक्षिण कोरिया अलर्ट

सारांश

उत्तर कोरिया ने एक हफ्ते से भी कम समय में दूसरी बार बैलिस्टिक मिसाइल दागी — और इस बार वॉनसान से। जापान और दक्षिण कोरिया दोनों हाई अलर्ट पर हैं। किम यो जोंग की परमाणु चेतावनी और आईएईए प्रस्ताव की अस्वीकृति के बाद यह प्रक्षेपण संकेत देता है कि प्योंगयांग अपनी आक्रामक मुद्रा से पीछे हटने को तैयार नहीं।

मुख्य बातें

उत्तर कोरिया ने 20 सितंबर 2026 को ईस्ट सी की दिशा में एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल दागी।
मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के बाहर समुद्र में गिरी; दक्षिण कोरिया ने इसे कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल बताया।
प्रक्षेपण उत्तर कोरिया के पूर्वी तट पर वॉनसान क्षेत्र से हुआ।
जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने तत्काल अलर्ट और बयान जारी किए।
इससे पहले 12 सितंबर को भी उत्तर कोरिया ने कई कम दूरी की मिसाइलें दागी थीं।
किम यो जोंग ने हाल ही में परमाणु नीति में कोई बदलाव न करने की घोषणा की थी और आईएईए के प्रस्ताव को खारिज किया था।

उत्तर कोरिया ने 20 सितंबर 2026 को एक बार फिर ईस्ट सी की दिशा में एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसकी पुष्टि दक्षिण कोरिया और जापान दोनों ने की है। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने तुरंत अलर्ट जारी करते हुए कहा कि इस प्रक्षेपण से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी जुटाई जा रही है। जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार मिसाइल समुद्र में गिरी और उसका संभावित गिरने का स्थान जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के बाहर था।

प्रक्षेपण की प्रमुख जानकारियाँ

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि उत्तर कोरिया ने पूर्वी समुद्र की ओर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल दागा। बाद में दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने इसे कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में वर्गीकृत किया और कहा कि प्रक्षेपण उत्तर कोरिया के पूर्वी तट पर स्थित वॉनसान क्षेत्र से हुआ।

प्रारंभिक चरण में मिसाइल की सटीक दूरी, ऊंचाई और उड़ान पथ की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। अधिकारियों के अनुसार तकनीकी विश्लेषण अभी जारी था।

सरकारों की प्रतिक्रिया

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने प्रक्षेपण के तुरंत बाद एक आधिकारिक बयान जारी किया। इसमें अधिकारियों को उत्तर कोरिया की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और किसी भी संभावित अतिरिक्त प्रक्षेपण के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए। साथ ही विमान और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने आपात स्थिति के लिए तत्परता बनाए रखने और जनता को समय पर उचित जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि

यह प्रक्षेपण ऐसे समय में हुआ है जब कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि 12 सितंबर को भी उत्तर कोरिया ने पूर्वी समुद्र की ओर कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिसे प्योंगयांग ने विभिन्न हथियारों से जुड़े संयुक्त अग्निशक्ति अभ्यास का हिस्सा बताया था।

अगस्त के अंत से सितंबर की शुरुआत तक अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने गुआम के पास पाँच दिवसीय संयुक्त सैन्य अभ्यास किया था। उत्तर कोरिया इस प्रकार की गतिविधियों को अपने विरुद्ध खतरे के रूप में प्रस्तुत करता रहा है।

किम यो जोंग की चेतावनी और परमाणु रुख

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने हाल ही में अमेरिका और उसके सहयोगियों की सैन्य गतिविधियों को लेकर कड़ी चेतावनी दी थी और परमाणु हथियारों की क्षमता मजबूत करने की नीति में किसी भी बदलाव से स्पष्ट इनकार किया था। इसी क्रम में उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के उस प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया, जो उसके परमाणु कार्यक्रम की निंदा करता था।

उत्तर कोरिया ने स्पष्ट कहा है कि आईएईए की आलोचना उसके परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र होने के रुख को प्रभावित नहीं करती।

आगे की स्थिति

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि 20 सितंबर को दागी गई मिसाइल का सटीक उद्देश्य क्या था और प्योंगयांग ने इस प्रक्षेपण पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है या नहीं। विश्लेषकों के अनुसार आने वाले दिनों में क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है, क्योंकि तीनों देशों के बीच सैन्य संवाद के चैनल सीमित बने हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वार्ता ठप है और आईएईए की आलोचना को प्योंगयांग ने सिरे से नकार दिया है।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर कोरिया ने 20 सितंबर को कौन सी मिसाइल दागी?
दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के अनुसार उत्तर कोरिया ने 20 सितंबर 2026 को वॉनसान क्षेत्र से एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जो ईस्ट सी में जापान के ईईजेड के बाहर जाकर गिरी। मिसाइल की सटीक दूरी और ऊंचाई की जानकारी प्रारंभ में सार्वजनिक नहीं की गई।
जापान ने उत्तर कोरिया की मिसाइल पर क्या प्रतिक्रिया दी?
जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अलर्ट जारी किया और कहा कि अतिरिक्त जानकारी जुटाई जा रही है। जापान के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर समुद्र में गिरी।
दक्षिण कोरिया ने इस प्रक्षेपण पर क्या कदम उठाए?
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने प्रक्षेपण के बाद बयान जारी कर अधिकारियों को उत्तर कोरिया की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और किसी भी अतिरिक्त प्रक्षेपण के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया। विमान और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए गए।
क्या उत्तर कोरिया ने इससे पहले भी हाल में मिसाइल दागी थी?
हाँ, 12 सितंबर 2026 को उत्तर कोरिया ने पूर्वी समुद्र की ओर कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिसे प्योंगयांग ने संयुक्त अग्निशक्ति अभ्यास का हिस्सा बताया था। 20 सितंबर का प्रक्षेपण एक हफ्ते से भी कम समय में दूसरा प्रक्षेपण है।
किम यो जोंग ने परमाणु नीति पर क्या कहा है?
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने हाल ही में अमेरिका और उसके सहयोगियों को चेतावनी दी और परमाणु हथियार क्षमता मजबूत करने की नीति में किसी भी बदलाव से इनकार किया। उत्तर कोरिया ने आईएईए के प्रस्ताव को भी खारिज करते हुए कहा कि वह परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र का दर्जा छोड़ने का इरादा नहीं रखता।
राष्ट्र प्रेस
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