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FTA का असर: वित्त वर्ष 2026-27 की Q1 में भारत का निर्यात उछला, सिंगापुर-श्रीलंका को दोगुना

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FTA का असर: वित्त वर्ष 2026-27 की Q1 में भारत का निर्यात उछला, सिंगापुर-श्रीलंका को दोगुना

सारांश

FTA महज़ काग़ज़ी समझौते नहीं रहे — अप्रैल-जून 2026 में सिंगापुर को 101% और श्रीलंका को 124% उछाल बता रहा है कि तरजीही व्यापार व्यवस्थाएँ अब ज़मीन पर असर दिखा रही हैं। $863 अरब के रिकॉर्ड निर्यात के बाद यह तिमाही और संकेत दे रही है।

मुख्य बातें

वित्त वर्ष 2026-27 की Q1 में FTA साझेदार देशों को भारत के निर्यात में व्यापक उछाल दर्ज।
सिंगापुर को निर्यात 101.2% बढ़कर $6.52 अरब डॉलर , श्रीलंका को 123.8% बढ़कर $2.35 अरब डॉलर ।
आसियान देशों को निर्यात 61.6% उछलकर $14.61 अरब डॉलर पहुँचा।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात रिकॉर्ड $863.1 अरब डॉलर रहा।
भारत के सक्रिय FTA में UAE CEPA, ऑस्ट्रेलिया ECTA, ओमान CEPA, UK CETA, EFTA TEPA शामिल; EU वार्ता जनवरी 2026 में पूरी।
न्यूजीलैंड के साथ FTA संपन्न, लागू होने की प्रक्रिया जारी।

भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का ठोस असर अब निर्यात के आँकड़ों में दिखने लगा है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में एफटीए साझेदार देशों को भारत का निर्यात उल्लेखनीय गति से बढ़ा है — सिंगापुर को निर्यात 101.2 प्रतिशत और श्रीलंका को 123.8 प्रतिशत की छलाँग के साथ दोगुने से अधिक हो गया। आसियान क्षेत्र में भी 61.6 प्रतिशत की मज़बूत वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्य आँकड़े

वाणिज्य मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 में सिंगापुर को भारत का निर्यात $6.52 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में $3.24 अरब डॉलर था — यानी 101.2 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि। श्रीलंका को निर्यात $1.05 अरब डॉलर से बढ़कर $2.35 अरब डॉलर पहुँचा, जो 123.8 प्रतिशत की बढ़त है।

आसियान देशों को सामूहिक निर्यात $9.04 अरब डॉलर से उछलकर $14.61 अरब डॉलर हो गया। मलेशिया को निर्यात 75.2 प्रतिशत बढ़कर $2.54 अरब डॉलर और ऑस्ट्रेलिया को 25.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ $2.68 अरब डॉलर दर्ज किया गया।

दक्षिण कोरिया को निर्यात 22.6 प्रतिशत बढ़कर $1.95 अरब डॉलर, जापान को 22.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ $1.75 अरब डॉलर, और ओमान को 26.4 प्रतिशत बढ़कर $1.39 अरब डॉलर रहा। नेपाल को निर्यात 18.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ $2.28 अरब डॉलर पहुँचा, जबकि भूटान और थाईलैंड में क्रमशः 16.1 प्रतिशत और 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।

समग्र निर्यात का रिकॉर्ड

यह तेज़ी ऐसे समय में आई है जब वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात अब तक के सर्वोच्च स्तर $863.1 अरब डॉलर पर पहुँचा था — जिसमें $441.8 अरब डॉलर का वस्तु निर्यात और $421.3 अरब डॉलर का सेवा निर्यात शामिल था। गौरतलब है कि यह आँकड़ा भारत के व्यापार इतिहास में एक नया बेंचमार्क है।

भारत का बढ़ता FTA नेटवर्क

रिपोर्टों के अनुसार, नई दिल्ली द्वारा हाल के वर्षों में संपन्न किए गए प्रमुख व्यापार समझौतों में भारत-UAE CEPA, भारत-ऑस्ट्रेलिया ECTA, भारत-EFTA TEPA, भारत-ओमान CEPA और भारत-UK CETA शामिल हैं। न्यूजीलैंड के साथ FTA भी संपन्न हो चुका है, जो अभी लागू होने की प्रक्रिया में है। यूरोपीय संघ (EU) के साथ वार्ता जनवरी 2026 में पूरी हो गई थी।

आँकड़ों के अनुसार, भारत केवल निर्यात की मात्रा नहीं बढ़ा रहा, बल्कि तरजीही व्यापार व्यवस्थाओं (Preferential Trade Arrangements) का प्रभावी उपयोग कर नए बाज़ारों में अपनी पैठ बढ़ा रहा है — जो एक रणनीतिक बदलाव का संकेत है।

आगे की राह

विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे EU और न्यूजीलैंड के साथ हुए समझौते पूरी तरह लागू होंगे, FTA साझेदारों को निर्यात में और विस्तार संभव है। भारत का बढ़ता व्यापार नेटवर्क वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में देश की स्थिति को और मजबूत कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पूरी तस्वीर देखना ज़रूरी है — तिमाही की उच्च वृद्धि दरें आधार-प्रभाव (low base effect) से भी संचालित हो सकती हैं, जिसे रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं किया गया। असली परीक्षा यह है कि क्या यह वृद्धि टिकाऊ है या केवल शुरुआती FTA-बूस्ट का नतीजा। गौरतलब है कि GDP में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी सीमित रहने के बावजूद सेवा निर्यात अब वस्तु निर्यात के लगभग बराबर है — यह संरचनात्मक बदलाव FTA रणनीति की सफलता को आँकने का एक अहम पैमाना है। EU और न्यूजीलैंड समझौते जब पूरी तरह लागू होंगे, तभी स्पष्ट होगा कि भारत की व्यापार कूटनीति दीर्घकाल में बाज़ार हिस्सेदारी बढ़ा पाती है या नहीं।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

FTA के लागू होने से भारत के निर्यात पर क्या असर पड़ा है?
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में FTA साझेदार देशों को भारत का निर्यात तेज़ी से बढ़ा है। सिंगापुर को निर्यात 101.2% और श्रीलंका को 123.8% की वृद्धि के साथ दोगुने से अधिक हो गया, जबकि आसियान को 61.6% की बढ़त दर्ज हुई।
भारत के कौन-से प्रमुख FTA अभी सक्रिय हैं?
भारत के सक्रिय FTA में भारत-UAE CEPA, भारत-ऑस्ट्रेलिया ECTA, भारत-EFTA TEPA, भारत-ओमान CEPA और भारत-UK CETA शामिल हैं। न्यूजीलैंड के साथ FTA संपन्न हो चुका है और लागू होने की प्रक्रिया में है, जबकि EU के साथ वार्ता जनवरी 2026 में पूरी हुई।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात कितना रहा?
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात रिकॉर्ड $863.1 अरब डॉलर रहा। इसमें $441.8 अरब डॉलर का वस्तु निर्यात और $421.3 अरब डॉलर का सेवा निर्यात शामिल है।
आसियान देशों को भारत के निर्यात में कितनी वृद्धि हुई?
अप्रैल-जून 2026 में आसियान देशों को भारत का निर्यात 61.6% बढ़कर $14.61 अरब डॉलर पहुँचा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में $9.04 अरब डॉलर था। मलेशिया को 75.2% और थाईलैंड को 6% की वृद्धि दर्ज हुई।
क्या EU के साथ FTA भी जल्द लागू होगा?
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच व्यापार वार्ता जनवरी 2026 में पूरी हो गई थी। हालाँकि, समझौते के लागू होने की आधिकारिक तिथि अभी घोषित नहीं हुई है, और यह औपचारिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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