उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर में दागी शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल, दक्षिण कोरिया ने बुलाई आपात बैठक
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया की सेना के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने 6 अगस्त को पुष्टि की कि उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की दिशा में एक शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। मिसाइल को उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय क्षेत्र वॉनसन से शाम करीब 5 बजे (स्थानीय समयानुसार) लॉन्च किया गया। दागी गई मिसाइलों की सटीक संख्या के बारे में तत्काल कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
JCS ने कहा कि दक्षिण कोरियाई सेना किसी भी संभावित अगली लॉन्चिंग के प्रति पूरी तरह सतर्क है। JCS के अनुसार, "हमारी सेना भविष्य की किसी भी संदिग्ध लॉन्चिंग को लेकर पूरी तरह सतर्क है। हम अमेरिका और जापान के साथ हर ज़रूरी जानकारी साझा कर रहे हैं।" यह लॉन्च दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच होने वाले वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' से ठीक पहले हुआ, जो इस महीने के अंत में आयोजित होने की संभावना है।
सरकार की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति के राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय (Presidential National Security Office) ने तुरंत रक्षा मंत्रालय और JCS के वरिष्ठ अधिकारियों की एक आपात बैठक बुलाई। अधिकारियों को सतर्कता बनाए रखने और दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय सुरक्षा पर इस लॉन्च के संभावित प्रभाव का आकलन करने का निर्देश दिया गया। कार्यालय ने प्योंगयांग के इस बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च को उकसावे की कार्रवाई करार देते हुए कहा, "उनका यह रवैया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।"
पृष्ठभूमि और पैटर्न
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया लगभग हर महीने इस तरह के परीक्षण करता रहा है। 25 जून को 1950-53 के कोरियन युद्ध की 76वीं बरसी पर, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने दक्षिण कोरियाई सीमा के निकट सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों और उन्नत मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के परीक्षणों का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया था। इससे पहले मई में, दक्षिण कोरियाई सेना ने बताया था कि उत्तर कोरिया ने येलो सी की ओर कई कम दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल (CRBM) और आर्टिलरी रॉकेट दागे थे। JCS के अनुसार वे मिसाइलें 26 मई को दोपहर करीब 1 बजे नॉर्थ प्योंगान प्रांत के जोंगजू इलाके से लॉन्च की गई थीं, हालाँकि उस समय विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई थी।
हथियारों का विवरण
गौरतलब है कि CRBM उन बैलिस्टिक मिसाइलों को कहते हैं जिनकी मारक क्षमता 300 किलोमीटर से कम होती है। मई के लॉन्च में JCS ने बताया था कि उत्तर कोरिया ने CRBM के अलावा मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर से दागे गए गोले भी छोड़े थे, और माना जा रहा था कि उनमें 'सुसाइड ड्रोन' भी शामिल थे।
क्या होगा आगे
दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के बीच सूचना साझाकरण जारी है। 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' अभ्यास से पहले इस लॉन्च को क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में उत्तर कोरिया की ओर से और उकसावे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।