6 नवंबर 2026
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UP में 4,543 दरोगाओं को नियुक्ति पत्र: CM योगी बोले — तीसरी बार सरकार बनी तो भी जारी रहेगा नौकरी देने का सिलसिला

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UP में 4,543 दरोगाओं को नियुक्ति पत्र: CM योगी बोले — तीसरी बार सरकार बनी तो भी जारी रहेगा नौकरी देने का सिलसिला

सारांश

लखनऊ की रिज़र्व पुलिस लाइन में 4,543 दरोगाओं को नियुक्ति पत्र देते हुए CM योगी ने ऐलान किया — कुछ पत्र रोककर रखे जाएंगे, तीसरी बार सरकार बनने पर मिलेंगे। 2027 चुनाव से पहले यह रोज़गार-राजनीति का सबसे साफ संकेत है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 6 नवंबर 2026 को लखनऊ रिज़र्व पुलिस लाइन में 4,543 नवचयनित पुलिस उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
योगी ने कहा कि 9.50 लाख भर्तियाँ पूरी करने के बाद 1 लाख अतिरिक्त भर्तियों का लक्ष्य भी पूरा होने के करीब है।
कुछ नियुक्ति पत्र जानबूझकर रोककर रखे जाएंगे, जो तीसरी बार BJP सरकार बनने पर वितरित किए जाएंगे।
आने वाले समय में 25,000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
योगी ने 2003-2017 के बीच भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया और 'सैफई सिंडिकेट' का उल्लेख किया।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि चयन पूरी तरह योग्यता-आधारित है, कोई सिफारिश या पक्षपात नहीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 नवंबर 2026 को लखनऊ की रिज़र्व पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में 4,543 नवचयनित पुलिस उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए और साफ संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश में युवाओं को सरकारी रोज़गार देने का अभियान अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने ऐलान किया कि कुछ नियुक्ति पत्र जानबूझकर रोककर रखे जाएंगे, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीसरी बार सरकार बनाने पर वितरित किया जाएगा — एक सुनियोजित राजनीतिक संदेश जो 2027 के विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में दिया गया।

नियुक्ति अभियान की ताज़ा स्थिति

योगी ने बताया कि उनकी सरकार ने 9.50 लाख सरकारी भर्तियाँ पूरी करने के बाद 1 लाख अतिरिक्त भर्तियों का वादा किया था। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य भी अब पूरा होने के करीब है। अब तक 1 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। इसके अलावा, आने वाले समय में 25,000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने नवचयनित दरोगाओं से सीधे संवाद करते हुए भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल पूछे — क्या किसी को नियुक्ति के लिए सिफारिश करवानी पड़ी, क्या किसी स्तर पर रिश्वत देने की पेशकश हुई या धौंस दिखाकर नियुक्ति पत्र हासिल करने की कोशिश की गई।

2017 से पहले की भर्ती प्रक्रिया पर हमला

योगी ने कहा कि 2003 से 2017 के बीच प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हुईं। उनके अनुसार, कई मामलों में आवेदन किसी और ने किया और नियुक्ति पत्र किसी दूसरे व्यक्ति को दे दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे अनेक मामले आज भी न्यायालय में लंबित हैं और उन्हें चिंता है कि यदि अदालत ने ऐसी भर्तियों को रद्द किया तो प्रभावित युवाओं का भविष्य अनिश्चित हो जाएगा।

उन्होंने 'सैफई सिंडिकेट' का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 से पहले सरकारी भर्ती का अर्थ ही इसी सिंडिकेट का वर्चस्व था, जिसके चलते प्रदेश के बाकी हिस्सों के युवाओं को समान अवसर नहीं मिल पाते थे। योगी ने यह भी कहा कि जो लोग बेईमानी करके युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करते रहे, यदि उनकी संपत्ति जब्त करने का फैसला हो, तो उन्हें बेहद प्रसन्नता होगी।

2017 में सत्ता संभालने की चुनौतियाँ

मुख्यमंत्री ने बताया कि जब उन्होंने 2017 में कार्यभार संभाला, तब राज्य सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं थी। पुलिस विभाग की दशा भी दयनीय थी — जवानों के बैरक जर्जर थे और उनके रहने की स्थितियाँ बेहद कठिन थीं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस बिगड़ी व्यवस्था को सुधारकर उसे नई पहचान दी है।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का संबोधन

इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने नवचयनित उपनिरीक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें यह अवसर किसी सिफारिश या पक्षपात के आधार पर नहीं, बल्कि अपनी योग्यता और परिश्रम के बल पर मिला है। उन्होंने कहा कि यह चयन प्रदेश के युवाओं के लिए स्पष्ट संदेश है कि मेहनत और लगन से काम करने पर मनचाहा परिणाम पाया जा सकता है।

आगे की राह

गौरतलब है कि यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। नियुक्ति पत्र 'रोककर रखने' और तीसरी बार सरकार बनने पर वितरित करने का योगी का बयान स्पष्ट रूप से एक चुनावी रणनीति का हिस्सा है। 25,000 शिक्षकों की नियुक्ति और बाकी बचे नियुक्ति पत्रों का वितरण आने वाले महीनों में अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चुनावी रणनीति अधिक है — और यह बेबाकी इसकी ताकत भी है, कमज़ोरी भी। असली सवाल यह है कि 9.50 लाख और फिर 1 लाख भर्तियों के दावों का स्वतंत्र सत्यापन कितना हुआ है, क्योंकि सरकारी आँकड़े और ज़मीनी बेरोज़गारी दर के बीच की खाई UP में अब भी चर्चा का विषय है। 'सैफई सिंडिकेट' पर हमला राजनीतिक रूप से धारदार है, लेकिन न्यायालय में लंबित उन्हीं पुरानी भर्तियों की अनिश्चितता — जिसका ज़िक्र खुद योगी ने किया — यह दर्शाती है कि भर्ती सुधार का काम अभी भी अधूरा है। 25,000 शिक्षकों की घोषणा चुनाव से पहले एक और बड़ा दाँव है, जिसकी समयसीमा और क्रियान्वयन पर नज़र रखनी होगी।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी ने 6 नवंबर को किसे नियुक्ति पत्र दिए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 नवंबर 2026 को लखनऊ की रिज़र्व पुलिस लाइन में पुलिस उपनिरीक्षक (दरोगा) पद पर चयनित 4,543 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। यह कार्यक्रम एक बड़े रोज़गार अभियान की कड़ी के रूप में आयोजित किया गया।
योगी ने 'तीसरी बार सरकार बनने पर नियुक्ति पत्र देने' से क्या मतलब है?
CM योगी ने कहा कि कुछ नियुक्ति पत्र जानबूझकर अभी वितरित नहीं किए जाएंगे और इन्हें BJP के तीसरी बार उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के बाद दिया जाएगा। यह बयान 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
UP में अब तक कितनी सरकारी भर्तियाँ की गई हैं?
CM योगी के अनुसार उनकी सरकार ने 9.50 लाख सरकारी भर्तियाँ पूरी की हैं, जिसके बाद 1 लाख अतिरिक्त भर्तियों का लक्ष्य रखा गया था और वह भी अब पूरा होने के करीब है। अब तक 1 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं।
2017 से पहले UP की भर्ती प्रक्रिया पर योगी ने क्या कहा?
योगी ने आरोप लगाया कि 2003 से 2017 के बीच भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हुईं — आवेदन किसी और ने किया और नियुक्ति पत्र किसी दूसरे को मिला। उन्होंने इसे 'सैफई सिंडिकेट' का प्रभाव बताया और कहा कि ऐसे कई मामले अभी भी न्यायालय में लंबित हैं।
UP में आगे और कितनी भर्तियाँ होने वाली हैं?
CM योगी ने बताया कि आने वाले समय में 25,000 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा और नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके अलावा, कुछ नियुक्ति पत्र BJP की तीसरी सरकार बनने पर वितरित किए जाने की घोषणा भी की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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