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दिल्ली पुलिस का नकली नोट नेटवर्क पर शिकंजा, पहाड़गंज से बिहार के दो आरोपी गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस का नकली नोट नेटवर्क पर शिकंजा, पहाड़गंज से बिहार के दो आरोपी गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज के नीलम गेस्ट हाउस में छापेमारी कर नकली नोट नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। बिहार के मुजफ्फरपुर के दो आरोपियों से ₹2.65 लाख की नकली मुद्रा जब्त हुई। एक आरोपी 2023 में भी इसी तरह के मामले में संलिप्त रहा है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 5 नवंबर 2026 को पहाड़गंज स्थित नीलम गेस्ट हाउस में छापेमारी कर नकली मुद्रा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी दिनेश कुमार झा (36) और सतीश कुमार (20) को गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों के पास से ₹2,65,100 मूल्य के नकली भारतीय नोट बरामद; FSL टीम ने जाँच की।
आरोपियों की योजना ₹1 लाख अंकित मूल्य के नकली नोटों को ₹25,000–₹30,000 में बेचने की थी।
आरोपी दिनेश कुमार झा पर 2023 में पटपड़गंज थाने में भी नकली मुद्रा का मामला दर्ज था।
कथित सप्लायर 'एस' की पहचान और बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जाँच जारी।

दिल्ली पुलिस ने 5 नवंबर 2026 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के निकट पहाड़गंज स्थित एक गेस्ट हाउस में छापेमारी करते हुए नकली भारतीय मुद्रा की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया और बिहार के दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने 6 नवंबर को बताया कि आरोपियों के पास से ₹2,65,100 मूल्य के नकली भारतीय नोट जब्त किए गए हैं।

गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी दिनेश कुमार झा (36 वर्ष) और सतीश कुमार (20 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पहाड़गंज इलाके में दो व्यक्ति नकली नोटों की आपूर्ति और उन्हें प्रचलन में लाने की कोशिश कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर गठित पुलिस टीम ने 'नीलम गेस्ट हाउस' में छापेमारी की और दोनों संदिग्धों को धर दबोचा।

तलाशी के दौरान उनके पास से ₹2,65,100 मूल्य के नकली नोट बरामद हुए। बरामद मुद्रा की जाँच के लिए क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की विशेषज्ञ टीम को मौके पर बुलाया गया।

एफआईआर और कानूनी कार्रवाई

पहाड़गंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 179, 180 और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गौरतलब है कि आरोपी दिनेश कुमार झा इससे पहले भी नकली मुद्रा के एक मामले में संलिप्त रहा है — 2023 में दिल्ली के पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन में उसके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 489B, 489C और 34 के तहत मामला दर्ज था।

पूछताछ में खुलासे

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नकली नोट बेचने के इरादे से दिल्ली आए थे और खरीदार तलाश रहे थे। उन्होंने कथित तौर पर बताया कि उनकी योजना ₹1 लाख अंकित मूल्य के नकली नोटों को ₹25,000 से ₹30,000 (असली मुद्रा) में बेचने की थी। हालाँकि, गिरफ्तारी से पहले वे कोई भी सौदा नहीं कर पाए थे।

आरोपियों ने यह भी कथित तौर पर खुलासा किया कि उन्हें यह नकली करेंसी 'एस' नाम के एक व्यक्ति ने उपलब्ध कराई थी, जिसकी पहचान अभी जाँच का विषय है।

आगे की जाँच का दायरा

पुलिस ने बताया कि नकली नोटों के स्रोत, कथित आपूर्तिकर्ता की पहचान और इस नेटवर्क की व्यापकता का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ देशभर में नकली भारतीय मुद्रा के प्रचलन को रोकने के लिए अभियान चला रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि नकली मुद्रा नेटवर्क अक्सर राज्यों की सीमाओं के पार फैले होते हैं और इनकी जड़ें बड़े संगठित गिरोहों से जुड़ी होती हैं। इस मामले में 'एस' नाम के सप्लायर की पहचान और उसकी गिरफ्तारी जाँच की प्राथमिकता बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कथित सप्लायर 'एस' का उल्लेख और आरोपी दिनेश झा का 2023 में भी इसी प्रकृति के मामले में नाम आना यह संकेत देता है कि यह नेटवर्क संगठित और दोहराव वाला है। असली प्रश्न यह है कि जब झा 2023 के मामले के बाद भी उसी धंधे में लौट आया, तो पिछली कार्रवाई किस हद तक प्रभावी रही? नकली मुद्रा के मामलों में सप्लाई-चेन के ऊपरी सिरे तक पहुँचना ही असली सफलता की कसौटी है — केवल निचले स्तर के वाहकों को पकड़ना नेटवर्क को खत्म नहीं करता।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने नकली नोट नेटवर्क का भंडाफोड़ कैसे किया?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि पहाड़गंज इलाके में दो व्यक्ति नकली नोटों की आपूर्ति कर रहे हैं। इस आधार पर 5 नवंबर 2026 को नीलम गेस्ट हाउस में छापेमारी कर दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उनके पास क्या मिला?
गिरफ्तार आरोपी बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी दिनेश कुमार झा (36 वर्ष) और सतीश कुमार (20 वर्ष) हैं। उनके पास से ₹2,65,100 मूल्य के नकली भारतीय नोट बरामद किए गए।
आरोपियों के खिलाफ कौन-सी धाराओं में मामला दर्ज हुआ है?
पहाड़गंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 179, 180 और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इससे पहले दिनेश झा पर 2023 में IPC की धाराओं 489B, 489C और 34 के तहत भी मामला दर्ज था।
आरोपियों की नकली नोट बेचने की क्या योजना थी?
पूछताछ के अनुसार, आरोपियों की योजना ₹1 लाख अंकित मूल्य के नकली नोटों को ₹25,000 से ₹30,000 असली मुद्रा में बेचने की थी। हालाँकि गिरफ्तारी से पहले वे कोई सौदा पक्का नहीं कर पाए थे।
नकली नोटों का असली स्रोत कौन है और आगे जाँच कहाँ तक पहुँची है?
आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें यह नकली करेंसी 'एस' नाम के एक व्यक्ति ने उपलब्ध कराई थी। पुलिस उस सप्लायर की पहचान और बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जाँच जारी रखे हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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