6 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पिनाराई विजयन का CM सतीशन पर हमला: बिजली खरीद सौदे में बिना टेंडर साजिश का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पिनाराई विजयन का CM सतीशन पर हमला: बिजली खरीद सौदे में बिना टेंडर साजिश का आरोप

सारांश

मुख्यमंत्री पद छोड़ने के छह महीने बाद पिनाराई विजयन ने CM सतीशन पर सबसे तीखा हमला बोला है — बिजली खरीद में बिना टेंडर सौदे, KSEB चेयरमैन के कथित दबाव में तबादले और कैबिनेट की 'सामूहिक जिम्मेदारी' टूटने के आरोपों के साथ। केरल की बिजली राजनीति एक बड़े टकराव की ओर बढ़ रही है।

मुख्य बातें

पिनाराई विजयन ने 6 नवंबर 2026 को CM वी.
सतीशन पर बिजली खरीद सौदे में भ्रष्टाचार और साजिश का आरोप लगाया।
विजयन का दावा — प्रस्तावित बिजली खरीद में कोई टेंडर नहीं निकाला गया और कोई पारदर्शी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।
KSEB के पूर्व चेयरमैन वी.
राजमाणिक्यम का तबादला कथित तौर पर अनियमितताओं की ओर इशारा करने के कारण किया गया।
KSEB के अध्ययन में चेतावनी दी गई थी कि प्रस्तावित व्यवस्था से बोर्ड को आर्थिक नुकसान होगा — रिपोर्ट को खारिज किया गया।
बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने आधिकारिक फाइल में हिमाचल प्रदेश से बिजली खरीदने के पक्ष में नोट दर्ज किया था।
विजयन ने 'जनरल नेटवर्क एक्सेस (GNA)' की भूमिका पर सवाल उठाते हुए बिचौलियों की पहचान सार्वजनिक करने की माँग की।

सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 6 नवंबर 2026 को तिरुवनंतपुरम में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन पर गंभीर आरोप लगाए। विजयन ने दावा किया कि केरल सरकार बिजली खरीद क्षेत्र में जानबूझकर संकट पैदा कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लगभग छह महीने बाद यह उनका सबसे तीखा सार्वजनिक हमला है।

बिजली संकट और साजिश का दावा

विजयन ने आरोप लगाया कि मौजूदा मौसम के हालात को देखते हुए राज्य में बिजली की कोई वास्तविक कमी नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, सीएम सतीशन बिजली क्षेत्र को कृत्रिम संकट में दिखा रहे हैं ताकि संदिग्ध खरीद समझौतों को उचित ठहराया जा सके। उन्होंने कहा कि यह सब भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की एक सोची-समझी रणनीति प्रतीत होती है।

KSEB और मंत्री के रुख को दरकिनार करने पर सवाल

केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता विजयन ने पूछा कि केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB) और बिजली मंत्री के रुख के बावजूद मुख्यमंत्री एकतरफा फैसला क्यों ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री का रुख बिजली बोर्ड और मंत्री, दोनों के विपरीत हो, तो यह शक पैदा करता है कि पर्दे के पीछे कुछ गड़बड़ चल रही है।

उनके अनुसार, कैबिनेट की 'सामूहिक जिम्मेदारी' का सिद्धांत इस मामले में पूरी तरह टूट गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बोर्ड के रुख में कोई कमी थी, तो सरकार उसे सुधार सकती थी — लेकिन बिना किसी चर्चा के सीधे दखल देना संदेहास्पद है।

'जनरल नेटवर्क एक्सेस' और बिना टेंडर सौदे पर निशाना

विजयन ने 'जनरल नेटवर्क एक्सेस' (GNA) की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह बिजली उत्पादन करने वाली कंपनी नहीं, बल्कि केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। उन्होंने पूछा कि GNA किसकी बिजली आपूर्ति कर रहा है, असल में कौन सी कंपनी बिजली बना रही है और इसमें कौन से बिचौलिए शामिल हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रस्तावित खरीद में न तो कोई टेंडर निकाला गया और न ही कोई पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई। उन्होंने पूछा कि बिना टेंडर के बिजली खरीदने के लिए किसने दबाव डाला।

KSEB चेयरमैन के तबादले पर गंभीर आरोप

KSEB के पूर्व चेयरमैन और IAS अधिकारी वी. राजमाणिक्यम को एक काबिल अधिकारी बताते हुए विजयन ने आरोप लगाया कि अनियमितताओं की ओर इशारा करने और गलत बातों को मानने से इनकार करने के कारण उनका तबादला कर दिया गया। उनके अनुसार, KSEB ने एक विस्तृत अध्ययन कर चेतावनी दी थी कि प्रस्तावित व्यवस्था से बोर्ड को आर्थिक नुकसान होगा — फिर भी उस रिपोर्ट को बिना किसी स्पष्टीकरण के खारिज कर दिया गया।

बिजली मंत्री की फाइल नोट और सतीशन के दावे का खंडन

विजयन ने दावा किया कि बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने आधिकारिक फाइल में एक नोट दर्ज किया था, जिसमें हिमाचल प्रदेश से बिजली खरीदने के पक्ष में सिफारिश की गई थी। उन्होंने सीएम सतीशन के इस दावे को भी गलत बताया कि KSEB की ओर से कोई आधिकारिक पत्र नहीं भेजा गया था — और कहा कि संबंधित जानकारी पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध थी।

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार को विपक्ष से लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि विजयन के ये आरोप राज्य की बिजली नीति और सरकारी पारदर्शिता के व्यापक सवालों को नए सिरे से उठाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह पैटर्न जवाबदेही के गंभीर सवाल उठाता है। असली परीक्षा यह है कि क्या सरकार GNA जैसे बिचौलिए की पहचान, टेंडर न निकालने का कारण और KSEB रिपोर्ट को नकारने का आधार सार्वजनिक करती है। बिना इन सवालों के जवाब के, यह विवाद केरल की बिजली नीति में पारदर्शिता की कमी का प्रतीक बना रहेगा।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पिनाराई विजयन ने CM सतीशन पर क्या आरोप लगाए हैं?
विजयन ने आरोप लगाया कि CM सतीशन बिजली खरीद क्षेत्र में जानबूझकर संकट पैदा कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित बिजली खरीद में कोई टेंडर नहीं निकाला गया और KSEB व बिजली मंत्री के रुख को दरकिनार करके एकतरफा फैसला लिया जा रहा है।
केरल बिजली खरीद विवाद क्या है?
यह विवाद 'जनरल नेटवर्क एक्सेस (GNA)' नामक एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बिजली खरीदने के प्रस्तावित समझौते से जुड़ा है। KSEB ने अपने अध्ययन में चेतावनी दी थी कि इस व्यवस्था से बोर्ड को आर्थिक नुकसान होगा, लेकिन रिपोर्ट को खारिज कर दिया गया। विजयन का आरोप है कि इसमें कोई पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।
KSEB के पूर्व चेयरमैन वी. राजमाणिक्यम का तबादला क्यों हुआ?
विजयन के अनुसार, IAS अधिकारी वी. राजमाणिक्यम ने बिजली खरीद में अनियमितताओं की ओर इशारा किया और गलत बातों को मानने से इनकार किया, जिसके कारण कथित तौर पर उनका तबादला कर दिया गया। सरकार की ओर से इस आरोप का कोई आधिकारिक खंडन सामने नहीं आया है।
'जनरल नेटवर्क एक्सेस (GNA)' पर विजयन के क्या सवाल हैं?
विजयन ने कहा कि GNA बिजली उत्पादन करने वाली कंपनी नहीं, बल्कि केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। उन्होंने पूछा कि GNA किसकी बिजली आपूर्ति कर रहा है, वास्तव में कौन सी कंपनी बिजली बना रही है और इसमें कौन से बिचौलिए शामिल हैं।
बिजली मंत्री सनी जोसेफ की फाइल नोट का क्या मतलब है?
विजयन ने दावा किया कि बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने आधिकारिक फाइल में हिमाचल प्रदेश से बिजली खरीदने के पक्ष में एक नोट दर्ज किया था। यह नोट CM सतीशन के रुख के विपरीत है, जो विजयन के अनुसार कैबिनेट की 'सामूहिक जिम्मेदारी' के सिद्धांत को तोड़ता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले